मानसून का आनंद हायजीनिक्ली लें

By डा. भीम सेन बंसल

मॉनसून सभी के लिए एक त्योहार की तरह है। भीषण गर्मी के बाद, हर कोई बारिश के पानी के रूप में राहत के लिए इंतजार करता है। लेकिन इस एनर्जी से भरपूर मौसम में ही कई स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्क्तें भी हो जाती है। मुख्य रूप से ये दिक्क्तें तापमान में आए बदलाव की वजह से होती है जिनसे बॉडी की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और रोग शरीर में आसानी से घर बना लेते हैं। इसके अलावा, गर्म और ह्यूमिड परिस्थितियों के कारण बैक्टीरिया आदि भी काफी तादात में पनपते है।

मूत्र पथ संक्रमण (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यूटी आई) मूत्र प्रणाली में जीवाणु संक्रमण ऐसा ही एक इंफेक्शन का है जो कि मॉनसून के समय ज्यादा होता है। यह महिलाओं और पुरुषों दोनो को हो सकता है। हालांकि, ये महिलाओं में आम है। ऐसा इसलिए होता है यह है क्योंकि महिलाओं का मूत्र पथ पुरुषों में की तुलना में कम होता है।

डॉ. भीम सेन बंसल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आर जी स्टोन यूरॉलजी और लैप्रोस्कोपी अस्पताल ने कहा, मूत्र पथ के संक्रमण (यूटीआई) के संक्रमण मूत्रमार्ग, मूत्राशय, मूत्रवाहिनी या गुर्दे जो मूत्र पथ में शामिल है। ई.कोलाई बैक्टीरिया यूटीआई का मुख्य कारण है, लेकिन कई अन्य बैक्टीरिया, फंगस और परजीवी भी यूटीआई के कारण हो सकते हैं।

मूत्र पथ के संक्रमण, जैसा कि नाम से पता चलता है हमारे मूत्र प्रणाली का इंफेक्शन है जो मुख्य रूप से गुर्दे, मूत्राशय और मूत्रमार्ग में संक्रमण है। यदि इन अंगों में से कोई भी अंग संक्रमित हो जाता है, तो संक्रमण मूत्र पथ का संक्रमण कहा जाता है, यानी सामान्यतरू यूटीआई के रूप में जाना जाता है।

लेखक परिचय- डा. भीम सेन बंसल, आरजी स्‍टोन यूरोलॉजी एंड लैपरोस्‍कोपी हॉस्पिटल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक हैं।

 यूटीआई का मुख्य कारण

यूटीआई का मुख्य कारण

डॉ. बंसल ने आगे कहा, यूटीआई का मुख्य कारण रोगाणु है और ये संक्रमण मूत्रमार्ग से शुरू होती है। जो रोगाणु मूत्र पथ के संक्रमण के लिए जिम्मेदार होते हैं वो हमारे शरीर की बड़ी आंत में रहते हैं और इनका पता लगाने के लिए हमारे मल का सकारात्मक परीक्षण किया जा सकता है। जब ये रोगाणु अपने मूत्रमार्ग में मिलता है, वे संभवतरू मूत्राशय या गुर्दे तक बढ़ सकते हैं और मूत्र संक्रमण के जिम्मेदार बन सकते हैं ।

पुरुषों के मुकाबले महिलाएं ज्‍यादा चपेट में

पुरुषों के मुकाबले महिलाएं ज्‍यादा चपेट में

पुरुषों के मुकाबले महिलाएं मूत्र पथ के संक्रमण से ज्यादा प्रभावित हो रही हैं और, इस के लिए संभावित कारण है कि महिलाओं को पुरुषों की तुलना में एक छोटे मूत्रमार्ग है। इस प्रकार, कारण रोगाणु संक्रमण एक महिला के शरीर में मूत्राशय या गुर्दे के लिए एक आदमी की तुलना में तेजी से यात्रा करते हैं।

असुरक्षित यौन संबंध भी एक कारण है

असुरक्षित यौन संबंध भी एक कारण है

असुरक्षित यौन संबंध भी मूत्र संक्रमण के का एक प्रमुख कारण है। यदि आपका साथी यूटीआई से ग्रसित है, तो कंडोम का प्रयोग उचित होगा ।

मूत्र पथ के संक्रमण के लक्षण

मूत्र पथ के संक्रमण के लक्षण

पेशाब में सनसनी जलन

अधिक बार पेशाब लगना पर होना नहीं

मूत्र से अधिक बदबू आना

पसलियों ,पीठ व गुर्दे के पास दर्द

बुखार और ठंड लगना

उल्टी और मतली

क्‍या है उपचार

क्‍या है उपचार

दिन भर पानी खूब पिएं और अपने चिकित्सक द्वारा निर्धारित एंटीबायोटिक दवाओं का उपभोग करें। पीने का पानी और तरल पदार्थ की मदद से आपका मूत्राशय पूरी तरह से साफ हो जाता है इस प्रकार आपके शरीर से भी रोगाणु हट जाते हैं ।

एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करें

एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करें

ये सुनिश्चित करें कि आप नियमित रूप से एंटीबायोटिक दवाओं और खुराक खाते रहें। यदि आप नियमित खुराक जारी रखने में असफल हो जाएं तो संक्रमण फिर से होने की संभावना हैं। इसके अलावा, प्रॉपर इलाज न करने से भी एक गंभीर मूत्र पथ का संक्रमण हो सकता है और गुर्दे को नुकसान हो सकता है। इस प्रकार, दी गई दवा का पालन करें और संक्रमण से तेजी से रिकवरी के लिए अपनी सेहत का ख्याल रखें।

Story first published: Friday, July 26, 2013, 11:17 [IST]
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