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आँत में परजीवी से मुक्ती दिलाने के लिये के प्राकृतिक उपचार
परजीवी वे जीव होते हैं जो हमारे शरीर पर आक्रमण करके हमारे पोषण और रक्त पर जीवित रहते हैं। परजीवी आन्तरिक और वाह्य, दो प्रकार के होते हैं। वाह्य परजीवी आँखों से दिखाई देते हैं और कई तरीकों से हटाये जा सकते हैं, जबकि आन्तरिक परजीवियों की पहचान कर पाना मुश्किल है और इनसे निजात पाने में ज्यादा प्रयास की जरूरत होती है। वाह्य परजीवी के रूप में मनुष्य के सिर और शरीर पर जुयें सामान्य संक्रमण होते हैं।
परजीवी संकमण से निपटने के लिये प्रतिजैविक ही एक मात्र सहारा नहीं होते। घरेलू उपचार भी अपने प्रभावशाली ढंग के कारण काफी ताकतवर होते हैं और परजीवी मुक्त करने में सहायक होते हैं। मेथी खाने के स्वास्थ्य लाभ

गाजर खायें
आँत के परजीवियों से निजात पाने में गाजर जानी पहचानी है। दो गाजर लेकर कस लें। फिर सुबह बिना कुछ खाये पिये खाली पेट खायें।हर सुबह ऐसा करने से न केवल परजीवियों से छुटकारा मिलेगा बल्कि भविष्य में होने वाले आक्रमणों से भी बचा जा सकता है। इसके अलावा गाजर से आँखे स्वस्थ एवं चमकदार बनी रहती है।

नींबू और पुदीना
एक कप पुदीने का रस लेकर उसमें थोड़ा काला नमक और नींबू का रस मिला लें। इसे रोजाना पीने से पेट में किसी प्रकार का परजीवी संक्रमण नहीं होगा। परजीवियों से शरीर में कुपोषण और कई अन्य समस्यायें हो जाती हैं इसलिये स्वस्थ रहने के लिये इन्हें शरीर से निकालना आवश्यक होता है।

कच्ची गरी
कसी हुई गरी चबाने से पेट में परजीवी मर जाते हैं। अगर आप को पेट में परजीवियों के होने का संदेह हो तो इसे एक हफ्ते के लिये रोजाना चाबायें। आपको यही प्रभाव नारियल पानी पीने से भी प्राप्त होगा। नारियल पानी और कसी हुई गरी दोनों का लाभ लेकर अपने शरीर को तीव्रता से स्वस्थ बनायें।

अरण्डी का तेल औप दूध
एक गिलास गुनगुना दूध लेकर उसमें दो चम्मच अरण्डी का तेल मिलायें। इस दूध को पीने से परजीवी मल के साथ बाहर हो जायेंगे। इसे एक सप्ताह तक निरन्तर लेने पर आँत के परजीवियों से राहत मिलती है।

नींबू के बीज
पिसे हुये नींबू के बीज परजीवियों को समाप्त करते हैं और पेट में उनकी सक्रियता कम करते हैं। नींबू के बीज लेकर उन्हे पीस कर लेप बना ले। एक गिलास पानी में इसे डालकर पी लें। आप इसे नींबू के जूस में भी डालकर ले सकते हैं। अगर सम्भव हो तो नींबू के बीजों को चबाकर निगल लें जो कि काफी आसान है।

अनार का रस
अनार का रस भी पीने से पेट के परजीवियों से राहत मिलती है। अनार को खाया जा सकता है या फिर रस के रूप में लिया जा सकता है। अनार को अपने दैनिक आहार में सम्मिलित कर परजीवियों के आक्रमण से बचा जा सकता है और पेट को साफ और स्वस्थ रखा जा सकता है।

पपीते के बीज
पपीते के काले बीज जो हम लोग हर सुबह स्वादिष्ट पपीते खाने के बाद फेक देते हैं वास्तव में ये बीज हमारे शरीर से परजीवियों को बाहर में निकालने में सहायक हैं। अगली बार इन्हे न फेकें। इन्हे पीस कर लेप बना लें और पपीते के साथ खालें जिससे कि आपका पेट साफ हो जायेंगा और परजीवी कीड़े निकल जायेंगे।

टमाटर
दो टमाटर काट लें और उनपर काला नमक और काली मिर्च छिड़कें। इसे रोजाना खाने से पेट और शरीर में फफूँदी और परजीवी संक्रमण से बचाव होगा। अगर आप को पसन्द हो तो टमाटर को सलाद के रूप में भी लिया जा सकता है।

लहसुन
लहसुन की खुशबू बहुत ही खराब होती है जिसके कारण परजीव शरीर से बाह निकाले जा सकते हैं। ये प्रतिजैविक होने के साथ-साथ प्रतिकवक भी होते हैं इसलिये शरीर में सूक्ष्मजीवों को खत्म करने में सहायक होते हैं। परजीवियों को हटाने और उनसे बचने के लिये लहसुन के कुछ जवे रोजाना चबायें।

मक्खन युक्त दूध और दही
प्रोबायोटिक पेट में परजीवियों और कैन्डिडा संक्रमण पर बहुत ही शक्तिशाली होते हैं क्योंकि ये लाभकारी जीवाणुओं की संख्या को बढ़ाते हैं और परजीवियों तथा कवक का सफाया करते हैं। रोजाना एक कप मक्खन युक्त दूध या दही लेने से आपका पेट संक्रमण मुक्त रहेगा और हानिकारक जीवाणुओं की वृद्धि पर भी रोक लगेगी।

कच्ची सब्जियों के रस
सब्जियों के रस में आवश्यक पोषक तत्व होते हैं जिन्हें शरीर रस से अवशोषित कर लेता है। इसके अलावा रस के ऐन्टाऑक्सीडेन्ट्स रक्त कोशिकाओं की सफाई के साथ-साथ शरीर से जहरीले पदार्थ भी हटाते हैं।

चावल का सिरका
सिरका हर रूप में कई प्रकार के रोगो के उपचार के लिये अच्छा है। एक चम्मच चावल का सिरका लेकर एक गिलास पानी में मिलायें। सिरका जितना खट्टा होगा उतना ही अच्छा होगा। पेट के परजीवियों को खत्म करने के लिये इसे रोजाना पियें। अगर परजीवी संक्रमण गम्भीर हो तो दिन में 3 से 4 बार पियें।

लौंग
लौंग प्रतिसूक्ष्मजैविक होने के कारण आँत के परजीवियों के उपचार के लिये अच्छा है। ये शरीर से परजीवियों के साथ-साथ उनके अण्डे भी नष्ट करता है जिससे भविष्य में होने वाले संक्रमण से भी बचा जा सकता है। शरीर को परजीवी मुक्त रखने के लिये रोजाना 1 से 2 लौंग लें।

हल्दी
हल्दी में कई प्रकार के औषधीय गुण होते हैं जिसे परजीवी संक्रमण के उपचार में प्रयोग किया जा सकता है। हल्दी को अपने दैनिक आहार में शामिल करें या फिर सीधे पानी के साथ लें, जिसका परजीवियों पर तेज और ज्यादा प्रभावशाली असर होगा।



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