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ओ सी डी के 5 प्रमुख लक्षण
ओसीडी या अॅब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर एक चिंता तथ वहम से भरा विकार है जो कि बहुत ही अजीब होती है। कभी-कभी कुछ गैरजरूरी विचार किसी शख्स के दिमाग में ऐसे जगह बना लेते हैं कि वह उन्हें चाहकर भी काबू नहीं कर पाता। आपका दिमाग एक बात को करने के लिये बार-बार सोंचता रहेगा, उसे तब तक चैन नहीं मिलेगा जब तक कि आपने उस काम को कर के अपने मन को शांत ना कर लिया हो। अगर बायॉलजिकल नजरिए से देखें तो OCD की वजह है किसी शख्स के दिमाग के भीतर सेरोटोनिन नामक द्रव्य में गड़बड़ी।
OCD के संकेत को पहचानना बहुत ही आसान है, जिसे आप बहुत आसानी से पहचान सकते हैं। अगर आप OCD के शिकार हैं, तो आप घर से बाहर निकलने पर पांच चेक करेगें कि आपने दरवाजे का ताला ठीक से लगाया था कि नहीं, बार-बार बिस्तर को यह सोंच कर झाड़ना कि उस पर कुछ गिरा तो नहीं और अपने हाथों को इतनी बार धोना कि जब तक वह लाल ना हो जाए। आइये जानते हैं OCD बीमारी के कुछ संकेत। पैरों की सूजन को कम करने के तरीके

ओ सी डी के 5 प्रमुख लक्षण
1. बार-बार हाथ धोना- अगर आपको ओसीडी है तो आप दिन में 10 बार अपने हाथों को साबुन से धोएंगे। आपको चिंता लगी रहेगी कि कहीं आपके हाथ गंदे तो नहीं या फिर उनमें जर्म तो नहीं है।
2. अत्यधिक साफाई करना- साफ-सफाई के मामले में अत्यधिक सनकपन से ग्रस्त होना। जैसे बार-बार स्नान करना या फिर घर की सफाई करते रहना। बीमार लोग साफ सफाई को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं।
3. मन में चीजों को ले कर शंका होना- कमरा छोड़ते वक्त वहां कि लाइट बंद की थी या नहीं, किचन में गैस ऑफ किया था या नहीं या फिर बाहर का दरवाजा ठीक से बंद किया था या नहीं आदि शंकाओं से मन घिरा रहना। लापरवाही की भावनाओं का मन में आना आम बात होती है, इस बीमारी में।
4. अत्यंत संगठित- ऐसे लोग अपनी हर वस्तु को सही जगह पर रखने मे विश्वास रखते हैं। उन्हें घर में या फिर ऑफिस में कोई भी चीज़ बिखरी हुई दिखना पसंद नहीं है। इनके घरों में कोई भी चीज़ आपको बिना सलीके से रखी नहीं मिलेगी।
5. चीजों को गिनना- चलते समय सड़क पर बिजली के खंभों को गिनने की तीव्र इच्छा, हर पेड़ को छूते हुए निकलना, रुपयों को कई-कई बार गिनना । यहां तक कि आसमान के पूरे तारों को गिन लेने की चाह इनमें होती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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