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दर्द से लड़ने वाले 5 आहार
कुछ आहार के जरिए अलग—अलग तरह के दर्द मसलन जोड़ों का दर्द, मसल का दर्द और पीएमएस क्रैंप को आसानी से दूर किया जा सकता है। वैसे पिल लेना एक आसान विकल्प लगता है, पर पिल सिर्फ नर्व को सुन्न कर दर्द से राहत दिलता है और दर्द की मूल समस्या को दूर नहीं करता है।
शरीर में होने वाले ऐसे दर्द को नजरअंदाज न करें
यह एक तरह का डिफेंस मैकेनिज्म है, जो शरीर को बाहरी एजेंट से बचाता है, पर कई बार तनाव और दूसरे कारण दर्द का कारण बन जाते हैं। आइए हम आपको कुछ ऐसे आहार के बारे में बताते हैं जो दर्द से लड़ने के लिए जाने जाते हैं।

हल्दी
इस पीले रंग के मसाले में कुरकुमिन नामक तत्व पाया जाता है। यह इंफ्लामैटॉरी रिएक्शन को कम करता है और लंबे समय के दर्द से छुटकारा दिलाता है। घुटने की आस्टीओआर्थ्राइटिस से ग्रस्त लोगों पर किए गए अध्ययन से यह बात सामने आई कि हल्दी उनके लिए दर्द से राहत दिलाने का काम करता है।

अदरक
अदरक से कई तरह के फायदे होते हैं। यह कैंसर को जन्म देने वाले फ्री रेडिकल्स को नष्ट करने के साथ-साथ इम्यूनिटी को भी मजबूत करता है। साथ ही यह एंटी-इमेटिक इफैक्ट के जरिए मतली को दूर करता है और दर्दनाशक का भी काम करता है। दर्दनाशक और एंटी इंफ्लामैटॉरी गुण के लिए अदरक में पाया जाने वाला गिंगेरोल जिम्मेदार होता है। मसल के दर्द को दूर करने के लिए आप आहार या फिर चाय में अदरक का समावेश करें।

दालचीनी
दालचीनी को आप कॉफी, दही या कम फैट वाले दूध पर छिड़क कर इसका सेवन कर सकते हैं। यह न सिर्फ दर्द को कम करता है, बल्कि बैक्टीरिअल इंफैक्शन और हाई ब्लड ग्लूकोज लेवल के उपचार में भी फायदेमंद होता है। साथ ही मस्तिष्क की कार्य प्रणाली को भी दुरुस्त रखता है।

चेरी
टार्ट चेरी इबुप्रोफेन के जितना ही इंफ्लामैशन और दर्द को कम करता है। शोध से यह बात सामने आई कि हर दिन 4-5 चेरी खाने से गठिया का दर्द 25 प्रतिशत तक कम हो जाता है। चेरी इंफ्लामैटॉरी प्रोसेस के लिए जरूरी सी-क्रिएटिव प्रोटीन को कम करता है। इसके अलावा चेरी में कोलेस्टेरोल को कम करने का भी गुण पाया जाता है और यह एक्सरसाइज से होने वाले मसल के दर्द को भी कम करता है।

नट्स
अलग-अलग तरह के नट्ट में अलग-अलग तरह के तत्व पाए जाते हैं, जो इंफ्लामेशन को कम करता है और दर्द को रोकता है। अखरोट ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होता है, जिसमें एंटी-इंफ्लामैटॉरी गुण होता है। इसी तरह बादाम में रिबोफ्लाविन पाया जाता है, जो पीएमएस क्रैंप के दर्द से राहत पहुंचाता है। वहीं पिस्ता में बड़ी मात्रा में विटामिन बी6 पाया जाता है जो पीएमएस से संबंधित मसल क्रैंप, इरिटबिलिटी और फ्लूइड रिटेंशन के उपचार में काफी फायदेमंद होता है।



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