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दांतों में ठंडा-गरम लगे तो अपनाए ये घरेलू उपचार
दांतों में अगर ठंडा-गरम लगता है तो हो सकता है कि आपके दांतों पर लगी कोटिंग जिसे हम इनेमल कहते हैं, घिस चुकी हो। इनेमल दांतों का सुरक्षा कवच होता है जो उसे कठोर चीजों से बचाने का काम करता है। अगर आप सुबह जोर-जोर से टूथब्रश करते हैं तो दांतों का संवेदन होना जाहिर सी बात हो जाती है। दांतों का संवेदनशील बना रहना महीने भर से ले कर सालों-साल तक चल सकता है। जब दांतों से इनेमल की कोटिंग हट जाती है तब दांतों में कुछ भी ठंडा या गर्म खाने पर बड़ी जोरी की टीस मचती है। आप इसे तब भी महसूस कर सकते हैं, जब मुंह खोल कर सांस ली जाए। संवेदनशील दांतों के पीछे मुंह के बैक्टीरिया और प्लेग आदि भी बहुत जिम्मेदार होते हैं। अगर आपको भी दांतों में ठंडा या गरम महसूस होता है तो, अभी आजमाएं हमारे बताएं हुए ये उपचार। MORE:दंत स्वास्थ्य: स्वस्थ मसूड़ों के लिए टिप्स
दांतों में ठंडा-गरम लगे तो अपनाए ये घरेलू उपचार
1. विशेष टूथपेस्ट:

संवेदनशील दांतों के लिए विशेष टूथपेस्ट उपलब्ध हैं। साधारण टूथपेस्ट के बजाय इनका उपयोग करें। व्हाइटनरयुक्त टूथपेस्ट का उपयोग नहीं करें, यह दांतों पर कठोरता से काम करते हैं। इनसे तकलीफ बढ़ जाती है।
2. नरम ब्रश का प्रयोग:

नरम ब्रश का प्रयोग करें जिससे दांतों और मसूढ़ों पर जोर ना पड़े। ब्रश को हल्के हल्के हाथों से दांतों पर चलाएं।
3. फ्लोराइड माउथवॉश और टूथपेस्ट:

फ्लोराइड हमें दांतों की सड़न और टूथ इनेमल को डैमेज होने से बचाता है। ऐसे माउथवॉश और टूथपेस्ट का प्रयोग करें जिसमें फ्लोराइड शामिल हो।
4. मुंह की सफाई:

दिन में दो बार ब्रश करें। रात को सोने से पहले जरुर ब्रश करें। इसके अलावा दिन में एक बार फ्लॉस करें।
5. संवेदना पहुंचाने वाले आहार न खाएं:

बहुत ज्यादा ठंडा या गरम ना खाएं। बहुत अधिक चीनी युक्त आहार न खाएं क्योंकि यह दांतों में बड़ी ही तेजी के साथ लगती है। ऐसे आहारों को पहचाने जो दांतों में लगते हैं और उन्हें न खाएं।
6. अम्लीय खाद्य पदार्थ और पेय :

फलों के रस, शीतल पेय, सिरका, रेड वाइन, चाय, आइसक्रीम और अम्लीय खट्टे फल टमाटर, सलाद ड्रेसिंग और अचार आदि न खाएं। अगर आप इन्हें खाते भी हैं तो बाद में ब्रश कर लें। ये आहार दांतों के इनेमल को घिस देते हैं। MORE: दांतों को नुकसान पहुंचाते हैं ये खाघ पदार्थ
7. नमक और पानी उपचार:

हल्के गरम पानी में 2 चम्मच नमक मिक्स करें। इस घोल से सुबह और रात को सोने जाने के वक्त कुल्ला करें। यह एक आयुर्वेदिक उपचार है जो काफी काम आता है।
8. सरसों का तेल और सेंधा नमक:

1 चम्मच सरसों के तेल में 1 छोटा चम्मच सेंधा नमक मिलाएं। इस मिश्रण से दांतों और मसूढ़ों की हल्के हल्के मसाज करें। फिर 5 मिनट के बाद मुंह धो लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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