Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
तुलसी के 6 अप्रत्याशित साइड इफेक्ट्स
बचपन से हम सब तुलसी के फायदों के बारे में सुनते आए हैं। इस जादुई जड़ी बूटी में छुपे स्वास्थ्यवर्धक लाभों के कारण हम तुलसी को अपने बगीचे में लगाना पसंद करते हैं। आयुर्वेद में भी तुलसी के लाभों के बारे में बखूबी बयान किया गया है। तुलसी छोटे से लेकर बड़े रोगों को ठीक करने में मदद करती है लेकिन हर पदार्थ की तरह इसके भी कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। इसलिए इनके बारे में जानना हमारे लिए बहुत जरुरी है।
1 युजीनाल का ओवरडोज:
युजीनाल, तुलसी का प्राथमिक तत्व है। माना जाता है कि तुलसी का अधिक सेवन शरीर में युजीनाल के स्तर को बढ़ा सकता है। युजीनाल का बढता स्तर हमारे शरीर के लिए विषैला साबित हो सकता है। सिगरेट व कुछ फूड फ्लेवरिंग पदार्थों में यूजीनाल पाया जाता है।
लक्षण: खांसी के दौरान खून का आना, तेजी से सांस लेना व पेशाब में खून का आना। MORE: चमत्कारी तुलसी के लाभ

2 खून को पतला करता है:
तुलसी के अधिक सेवन से आपका खून पतला हो सकता है। इसी कारण वालफरिन व हेपरिन जैसी दवाओं को लेने वाले रोगियों को तुलसी का सेवन नहीं करना चाहिए चूंकि तुलसी इन दवाओं में मौजूद खून को पतला करने के गुण की गति को बढा सकती है। यह गति एक बड़ी समस्या का कारण बन सकती है। इसके अलावा, तुलसी को अन्य एंटी-क्लोटिंग दवाओं के साथ भी नहीं लेना चाहिए।
लक्षण: चोट लगने पर अधिक खून का बहना तथा शरीर पर नील के निशान।
3 हाइपोग्लाइसीमिया:
हाइपोग्लाइसीमिया एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जिसमें रोगी के रक्त शर्करा का स्तर असामान्य रुप से कम हो जाता है। अक्सर, अपने उच्च रक्त शर्करा के स्तर को घटाने के लिए रोगी तुलसी का सेवन करते हैं। अगर मधुमेह व हाइपोग्लाइसीमिया के मरीज दवाओं के साथ तुलसी का सेवन करेंगे तो उनके रक्त शर्करा का स्तर और भी नीचे गिर सकता है। अतः यह बहुत खतरनाक साबित होगा।
लक्षण: अवर्णता, चक्कर आना, भूख लगना, कमजोरी, चिड़चिड़ापन। MORE: दाग-धब्बे रहित त्वचा पाने के लिये लगाएं तुलसी फेस पैक
4 प्रजनन शक्ति को प्रभावित कर सकता है:
तुलसी के अधिक सेवन से मर्दों की प्रजनन शक्ति प्रभावित हो सकती है। इस तर्क को जांचने के लिए खरगोशों पर एक परीक्षण भी किया गया था। इसके लिए खरगोशों को परीक्षण समूह व सामान्य समूह में विभाजित किया गया। परीक्षण समूहवाले खरगोशों को 30 दिनों के लिए दो ग्राम तुलसी के पत्ते खाने के लिए दिए गए। जिससे परीक्षण समूह के खरगोशों की शुक्राणुओं की संख्या में महत्वपूर्ण घटाव नजर आया।
5 गर्भवती महिलाओं में रिएक्शन:
अगर गर्भावस्था में महिलाएं अधिक तुलसी का सेवन करती है तो इसका प्रभाव मां व बच्चे दोनों पर देखा जा सकता है। तुलसी को खाने से गर्भवती महिलाओं का गर्भाशय सिकुड सकता है। जिससे बच्चे के जन्म के दौरान समस्या पैदा हो सकती है व आगे चल कर मासिक धर्म में मुश्किल हो सकती है। इसके अलावा, तुलसी से गर्भवती महिलाओं को कुछ रिएक्शन होने की भी संभावना है।
लक्षण: पीठ में दर्द, ऐंठन, दस्त व खून बहना।
6 ड्रग इंटरेक्शन:
तुलसी के सेवन से हमारे शरीर में कुछ दवाओं की प्रक्रिया में बाधाएं पैदा हो सकती हैं। 'साइटोक्रोम पी450' – जिगर की एंजाइम प्रणाली का उपयोग करके इस बात को सिद्ध किया जा सकता है। डायजेपाम व स्कॉपॉलामिन दो ऐसी दवाएं हैं जो चिंता, उल्टी, घबराहट को कम करने में मदद करती हैं। लेकिन तुलसी इन दोनों दवाओं के प्रभाव को कम कर सकती है तथा इसके कारण खून में दवाओं के स्तर में वृद्धि या कमी हो सकती है।
लक्षण: सीने में जलन, सिर दर्द व मतली।
भले ही प्राकृतिक पदार्थ कई बीमारियों को ठीक करने की क्षमता रखते हों। परंतु, इसका ये मतलब नहीं है कि उसके अधिक सेवन से हमें कोई साइड इफेक्ट्स नहीं होंगे। अतः हमें उनके गुणों व अवगुणों का ज्ञान होना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
