शरीर की बीमारियां दूर करने के लिये पियें नीम की चाय

नीम की चाय या फिर नीम का काढा अगर पिया जाए तो आपका स्‍वास्‍थ निखर सकता है। नीम शरीर में बैक्‍टीरिया और वाइरस से लड़ने में असरदार है। यदि सांसो से बदबू आने की समस्‍या भी है तो वह भी इसकी चाय से दूर हो सकती है। नीम दांतों की सड़न से बचाती है। यदि आपको कब्‍ज की समस्‍या है तो आप नीम से बनी हुई चाय पी सकते हैं।

यह खून को साफ कर के हमें निरोगी बनाती है। नीम की चाय बड़ी बड़ी बीमारियां जैसे, निमोनिया, मलेरिया, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और दिल के रोग से बचाती है। आइये जानते हैं नीम की चाय किस तरह से बनाई जाती है और इसे पीते वक्‍त क्‍या क्‍या सावधानियां रखनी चाहिये।

Benefits Of Neem Tea

नीम की चाय बनाने की विधि-

  1. जरुरत के हिसाब से पानी उबाल लें।
  2. एक कप में मुठ्ठीभर नीम की पत्‍तियां डालें और ऊपर से उबला पानी डालें।
  3. नीम की पत्‍तियों को पानी में 5-7 मिनट तक भिगोए रखने के बाद पत्‍तियों को छान लें।
  4. फिर कप के पानी में शहद या नींबू का रस मिक्‍स करें।

नोट: आप चाहें तो नीम की पत्‍तियों के अलावा नीम की पत्‍तियों का पावडर भी डाल सकते हैं।

नीम की चाय का साइड इफेक्‍ट
1. वैसे तो नीम की पत्‍तियों की चाय स्‍वास्‍थ्‍य के लिये अच्‍छी होती है पर इसके कुछ साइड इफेक्‍ट भी हो सकते हैं। यदि आप गर्भवती हैं या फिर गर्भवती होने की तैयारी कर रही हैं, तो इस चाय को पीने से बचें। यह चाय आपका गर्भपात भी करवा सकती है।

2. नीम की चाय केवल 2 कप ही पीनी चाहिये क्‍योंकि यह बहुत तेज होती है इसलिये इसे ज्‍यादा पीने से आपको उल्‍टी जैसा महसूस हो सकता है।

3. नीम की चाय को रोजाना पीने से बचें।

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Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Thursday, March 5, 2015, 9:04 [IST]
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