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प्लास्टिक की बोतल से पीते हैं पानी तो हो जाएं सावधान
आज कल लोगों में प्लास्टिक की बोतल से पानी पीने का चलन काफी ज्यादा बढ़ गया है। लंबा सफर करना हो या फिर पानी पीने की ज्यादा आदत के कारण प्लास्टिक की बोतल हमेशा बैग में रखी मिल जाती है।
लेकिन दोस्तों प्लास्टिक की बोतल का प्रयोग करना स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत ही ही हानिकारक है। अगर आप प्लास्टिक के बोतल से पानी पीते हैं, तो इसके कारण कैंसर, डायबिटीज, हृदय रोग, गर्भवती मां और बच्चे को खतरे के अलावा कई दूसरी खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं।
अगर आप बेरोक-टोंक के प्लास्टिक की बोतल का प्रयोग करते हैं तो इस बात को जान लीजिये कि प्लास्टिक की बोतल में कई नुकसानदेह केमिकल होते हैं जो गर्म होने पर रिसकर पानी में मिल जाते हैं।
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पानी के रास्ते ये खतरनाक केमिकल हमारे शरीर में पहुंचकर शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए अगर आप पानी पीने के लिए प्लास्टिक की बोतल का प्रयोग करते हैं तो अभी से इनका प्रयोग बंद कर दीजिए।

कैंसर
हवाई के कैंसर हॉस्पिटल के शोध के अनुसार, प्लास्टिक के बोतल का पानी कैंसर की वजह हो सकता है। प्लास्टिक की बोतल जब धूप या ज्यादा तापमान की वजह से गर्म होती है तो प्लास्टिक में मौजूद नुकसानदेह केमिकल डाइऑक्सिन का रिसाव शुरू हो जाता है। ये डाईऑक्सिन पानी में घुलकर हमारे शरीर में पहुंचता है। डाइऑक्सिन हमारे शरीर में मौजूद कोशिकाओं पर बुरा असर डालता है। इसकी वजह से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है

दिमाग की कमजोरी
प्लासिटक की बोतल में प्रयोग की जोन वाली बाइसफेनोल ए के कारण दिमाग के कार्यकलाप प्रभावित होते हैं। इसके कारण इंसान की समझने और याद रखने की शक्ति कम होने लगती है।

कब्ज और पेट में गैस
दरअसल प्लास्टिक की बोतल को बनाने के लिए प्रयोग किये जाने वाले बाइसफेनोल ए के कारण पेट पर भी बुरा असर पड़ता है। बीपीए नामक रसायन जब पेट में पहुंचता है तब इसके कारण पाचन क्रिया भी प्रभावित होती है। इससे खाना भी अच्छे से नहीं पचता और कब्ज और पेट में गैस की समस्या भी हो सकती है।

बच्चे में हो सकता है जन्म दोष
बोतल को बनाने वाला कैमिकल भ्रूण में गुणसूत्र असामान्यताएं पैदा कर सकता है जिससे बच्चे में जन्म दोष हो सकता है। अगर बोतल के पानी का नियमित सेवन गर्भावस्था में किया गया तो पैदा होने वाले शिशु को आगे चल कर प्रोस्ट्रेट कैंसर या ब्रेस्ट कैंसर तक हो सकता है।

पेट की बीमारी
अगर आपकी बोतल महीनों से नहीं धुली है और बार-बार उसमें पानी भर कर पी रहे हैं, तो आपको पेट की समस्या आराम से हो सकती है क्योंकि उसमें बैक्टीरिया का घर बन जाता है।

गर्भपात होने का खतरा
वे महिलाएं जिन्हें प्रेगनेंट होने में परेशानी उठानी पड़ी है या जिनका पहले भी एक बार मिसकैरेज हो चुका है उन्हें प्लास्टिक की बोतल से ज्यादा पानी नहीं पीना चाहिये। यह पुरुषों में स्पर्म काउंट भी कम करता है।

ना करें लो क्वालिटी प्लास्टिक की बोतल का प्रयोग
कई लोग पैसे बचाने के चक्कर में सड़क किनारे बिक रही सस्ती प्लास्टिक की बोतल खरीद लेंगे। ऐसा ना करें क्योंकि इन बोतलों को बनाने में रसायन का पय्रोग होता है जो गरम होने के बाद इस रसायन को पानी में छोड़ देती हैं।



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