कुर्मासन कर के दूर करें मधुमेह

कुर्म का अर्थ होता है कछुआ। इस आसन को करते वक्त व्यक्ति की आकृति कछुए के समान बन जाती है इसीलिए इसे कुर्मासन कहते हैं। कुर्मासन को नियमित करने से पीठ मजबूत बनती है। मन शांत होता है और शरीर में लचीलापन आता है। अगर आपको मधुमेह की बीमारी है और लंबे समय से कंट्रोल नहीं हो रही है तो नियमित रूप से कुर्मासन करें। इससे आपको जरुर फायदा होगा। आइये जानत हैं कुर्मासन की विधि किस तरह से है।

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Kurmasana (Tortoise Pose) Yoga Pose

कुर्मासन की विधि :

  1. सबसे पहले वज्रासन में बैठ जाएं।
  2. फिर अपनी कोहनियों को नाभि के दोनों ओर लगाकर हथेलियों को मिलाकर ऊपर की ओर सीधा रखें।
  3. इसके बाद श्वास बाहर निकालते हुए सामने झुकिए और ठोड़ी को भूमि पर टिका दें।
  4. इस दौरान दृष्टि सामने रखें और हथेलियों को ठोड़ी या गालों से स्पर्श करके रखें।
  5. कुछ देर इसी स्थिति में रहने के बाद श्वास लेते हुए वापस आएं।

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    कुर्मासन का लाभ :

    यह आसन डायबि‍टीज से मुक्ति दिलाता है क्योंकि इससे पेन्क्रियाज को सक्रिय करने में मदद मिलती है। यह आसन उदर के रोगों में भी लाभदयक है।

    Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

    Story first published: Thursday, February 19, 2015, 18:04 [IST]
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