सेक्स की लत या हाइपर सेक्सयूलिटी डिसऑर्डर क्या है?

आपसी अंतरंगता और सेक्स की ज़रूरत हर इंसान हो कभी कभार महसूस होती है, फिर भी क्या होता है यदि ये सेक्स एक लत बन जाये?

By Lekhaka

आपसी अंतरंगता और सेक्स की ज़रूरत हर इंसान हो कभी कभार महसूस होती है, फिर भी क्या होता है यदि ये सेक्स एक लत बन जाये? जब सेक्स करने की इच्छा ज्यादा होती है तो इसे हाइपर सेक्सयूलिटी या अतिकामुकता कहा जाता है!

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कल्पना करो, आप एक औसत और स्वस्थ व्यक्ति है, फिर भी यह एक समस्या है और इसमें आप सेक्स के बारे में सोचना बंद नहीं करते और साथ ही आप अपनी सेक्स की प्यास बुझाने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं, चाहे कुछ भी परिणाम हो।

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सेक्सयूलिटी डिसऑर्डर के लक्षण भी बताए गए हैं! मेडिकल की भाषा में हाइपर सेक्सयूलिटी का मतलब है सेक्स की बहुत ज्यादा इच्छा होना। आम तौर पर ऐसे लोग सेक्स की कल्पना में खोये रहते हैं और देखते हैं कैसे किसी से सेक्स किया जाये, जिससे की उन्हें सेक्स शांति मिले।

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यह वो परेशानी है जिसमें व्यक्ति का स्वास्थ्य और ज़िंदगी दोनों प्रभावित होते हैं। ऐसे लोगों को प्रोफेशनल परामर्श लेने की और भावनात्मक साथ की ज़रूरत होती है। हाइपर सेक्सयूलिटी के कुछ रोचक तथ्य हैं, आइये देखें!

तथ्य 1

तथ्य 1

हाइपर सेक्सयूलिटी को सेक्स की लत भी कहा जाता है क्यों कि इसमें व्यक्ति सेक्स की बातों में ही खोया रहता है और सेक्स करने की सोचता रहता है।

तथ्य 2

तथ्य 2

हाइपर सेक्सयूलिटी से ग्रसित लोग पॉर्न विडियो देखते रहते हैं और यदि उन्हें सेक्स के लिए कोई पार्टनर नहीं मिलता तो वे हस्तमैथुन करते रहते हैं।

तथ्य 3

तथ्य 3

ऐसे लोग एकदम से और हर कहीं से सेक्स करना चाहते हैं, वे अपने पार्टनर को केवल अपनी प्यास बुझाने की चीज समझते हैं।

तथ्य 4

तथ्य 4

हाइपर सेक्सयूलिटी वाले लोग अवसाद, चिंता और अकेलेपन से ग्रसित होते हैं, क्यों कि उन्हें लंबे समय तक साथ देने वाला पार्टनर नहीं मिला पाता है।

तथ्य 5

तथ्य 5

हालांकि हाइपर सेक्सयूलिटी एक मानसिक डिसऑर्डर है, लेकिन इसके लक्षण पार्किंसन बीमारी से पीड़ित लोगों में भी पाये जाते हैं।

तथ्य 6

तथ्य 6

हाइपर सेक्सयूलिटी का पूरा और सटीक कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है, फिर भी कई रिसर्च स्टडीज़ दावा करती हैं कि यह दिमाग में केमिकल या हार्मोन के असंतुलन और बचपन की कोई यौन हिंसा के कारण ऐसा होता है।

तथ्य 7

तथ्य 7

ऐसे लोगों में एसटीडी या एड्स होने का खतरा ज्यादा रहता है, क्यों कि अपनी सेक्स इच्छा के चलते ये लोग वैश्याओं और अंजान लोगों से भी सेक्स करने करने को तैयार रहते हैं, वो भी बिना किसी सुरक्षा के।

तथ्य 8

तथ्य 8

हाइपर सेक्सयूलिटी का पूरा इलाज संभव नहीं है लेकिन मेडिकल और व्यवहारिक थैरेपी से इसे कम किया जा सकता है।

Story first published: Wednesday, November 23, 2016, 11:00 [IST]
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