इन 7 लक्षणों से करें ब्लड कैंसर की पहचान

By Lekhaka
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ब्लड कैंसर एक गंभीर जानलेवा बीमारी है और पूरी दुनिया में इसके मरीजों की संख्या बढती ही जा रही है। इससे जुड़ी सबसे परेशान करने वाली बात यह है कि अधिकतर मरीजों को शुरुवात में यह पता ही नहीं चलता है कि वे ब्लड कैंसर के शिकार हैं और जब तक उन्हें पता चलता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।

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इसलिए यह ज़रूरी है कि आपको इसके शुरुवाती लक्षणों के बारे में पता हो जिससे आप तुरंत उसकी पहचान कर सकें और समय रहते अपना इलाज करवा लें।

 7 signs of blood cancer

आमतौर पर ब्लड कैंसर का पता तभी चलता है जब आप रूटीन ब्लड टेस्ट करवाते हैं। इसलिए नियमित अंतराल पर अपना मेडिकल चेकअप भी ज़रूर करवाते रहें। इस आर्टिकल में हम आपको ब्लड कैंसर के कुछ शुरुवाती लक्षणों के बारे में बता रहे हैं।

बुखार-

बुखार आना ल्यूकेमिया के शुरुआती लक्षणों में से एक है। शरीर का अधिक तापमान संक्रमण से लड़ रहे शरीर की एक प्रतिक्रिया है। जब शरीर ल्यूकेमिया से प्रभावित होता है, तो कोशिकाओं की संक्रमण से लड़ने की क्षमताएं तेजी से कम होने लगती हैं और अप बहुत जल्दी इस बीमारी की चपेट में आ जाते हैं।

ब्लीडिंग :

अगर आपके मुंह, नाक से या शौच के दौरान खून निकल रहा है तो इसे सामान्य समस्या समझकर अनदेखा न करें बल्कि जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर के पास जाकर अपनी जांच कराएं

शरीर पर रैशेज़ –

खून में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाना भी ल्यूकेमिया के लक्षणों में से एक है। जब शरीर में इन खून के थक्कों की पर्याप्त कोशिकाएं नहीं होती हैं, तो चोट लगना और खून बहना एक सामान्य बात हो जाती है। प्लेटलेट्स की कम संख्या के कारण त्वचा के नीचे छोटी रक्त वाहिकाएं टूट जाती हैं जिसकी वजह से शरीर पर नीले या बैगनी कलर के निशान पड़ जाते हैं।

सोते समय पसीना आना :

अगर आपको रात में सोते समय अचानक पसीना आने लगता हैं तो जान लें कि यह भी ब्लड कैंसर का एक लक्षण है। हालांकि अभी तक यह ज्ञात नहीं है कि ल्यूकेमिया के मरीजों के साथ ऐसा क्यों होता है।

थकावट-

जब कोई व्यक्ति ल्यूकेमिया से पीड़ित हो तो उसके शरीर में हीमोग्लोबिन की संख्य़ा तेज़ी से गिर जाती है। हीमोग्लोबिन की कमी के ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में सभी अंगों तक नहीं पहुंच पाता है जिस वजह से सारे अंग ठीक से काम नहीं कर पाते हैं और आप हमेशा थका हुआ महसूस करते हैं।

सीने में दर्द, पैरों की सूजन -

पैरों में लगातार सूजन और छाती में दर्द सूजन आमतौर पर ल्यूकेमिया के रोगियों में देखा जाता है साथ ही उन्हें ब्लीडिंग और ब्लड क्लॉटिंग जैसी परेशानियां भी होने लगती हैं।

बार-बार इंफेक्शन होना :

वाइट ब्लड सेल्स की मात्रा कम होने के कारण शरीर की इम्युनिटी पॉवर कमजोर हो जाती है। इस वजह से मरीज बार बार इन्फेक्शन की चपेट में आ जाते हैं। अगर आप बार बार सर्दी जुकाम या किसी तरह के इन्फेक्शन के शिकार हो रहे हैं तो डॉक्टर से तुरंत अपना चेकअप करवाएं।

ऊपर बताये हुए लक्षणों को पढ़कर आप डरे नहीं बल्कि अगर आपको इनमें से कुछ लक्षण दिखाई भी देते हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप ल्यूकेमिया या ब्लड कैंसर की चपेट में हैं। बल्कि यहां लक्षण बताने का तात्पर्य यह है कि कभी भी आप इन लक्षणों को अनदेखा न करें और भविष्य की किसी मुश्किल से बचने के लिए पहले ही सावधानी बरतें और अपना चेक अप ज़रूर करवाएं।

English summary

इन 7 लक्षणों से करें ब्लड कैंसर की पहचान | 7 signs of blood cancer

From the point of view of treatment and recovery, it is important to watch out for some of the first signs of blood cancer.