Latest Updates
-
बारिश के मौसम में सर्दी-खांसी और गले की खराश से हैं परेशान तो आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, मिलेगी तुरंत राहत -
Sawan 2026 Shivling Puja Vidhi: शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाना चाहिए? जानिए सावन में जलाभिषेक का सही तरीका -
Radhika Ambani Look: लंदन में Dior की सिंपल सी ड्रेस पहन छाईं राधिका अंबानी, लेकिन कीमत सुन उड़ जाएंगे आपके होश -
Sawan First Somwar 2026: सावन का पहला सोमवार आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और व्रत के जरूरी नियम -
Happy Sawan Somwar 2026 Wishes: शिव का नाम...सावन के पहले सोमवार पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामनाए संदेश -
बारिश के मौसम में तेजी से बढ़ रहा है वायरल फीवर का खतरा, जानिए लक्षण और बचाव के उपाय -
Friendship Day Wishes For Best Friend: इन संदेशों के जरिए बेस्ट फ्रेंड को दें फ्रेंडशिप डे की बधाई -
Happy Friendship Day 2026 Wishes: तेरी मेरी यारी...इन संदेशों के साथ दोस्तों को दें फ्रेंडशिप डे की शुभकामनाएं -
आगरा की अवनी गुप्ता ने Miss Supranational 2026 में बढ़ाया भारत का मान, कॉर्पोरेट जॉब छोड़ बनाई टॉप 12 में जगह -
सावन में भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, एक्सपर्ट से जानें सावन में क्या खाएं और क्या नहीं
ज्यादा पानी पीने की आदत है तो छोड़ दें नहीं तो किडनियां होंगी डैमेज
नेफ्रोलॉजी कंसल्टेंट हमें बताती हैं कि यदि आप किडनी की बीमारी से ग्रसित हैं तो आपको पानी की कितनी मात्रा का सेवन करना चाहिए:
पानी पीने से कई लाभ होते हैं। परन्तु कितना पानी पीना चाहिए यह निश्चित करना बहुत मुश्किल है। जैसे अधिक पानी पीने से लाभ होते हैं वैसे ही अधिक पानी पीने से कुछ समस्याएं भी हो सकती हैं।
यदि आप किडनी की बीमारी से ग्रसित है तो आपको पानी के सेवन की मात्रा पर ध्यान देना चाहिए। यदि आप ऐसा मानते हैं कि बहुत अधिक पानी पीने से शरीर से व्यर्थ पदार्थ बाहर निकल जायेंगे और आपकी किडनी का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तो आप गलत सोचते हैं।
नेफ्रोलॉजी कंसल्टेंट हमें बताती हैं कि यदि आप किडनी की बीमारी से ग्रसित हैं तो आपको पानी की कितनी मात्रा का सेवन करना चाहिए:

हमारे शरीर में पानी को संतुलित करने का एक तंत्र होता है और यह मूल रूप से प्यास द्वारा नियंत्रित होता है। हमारी प्यास अर्गिनिन वैसोप्रेसिन (एवीपी) नामक हार्मोन से नियमित होती है।
जब हमारे मस्तिष्क को लगता है कि हमारे रक्त में पानी की मात्रा कम हो गयी है तो एवीपी स्त्रावित होता है जिसके कारण हमारी प्यास बढ़ती है। तो न तो बहुत कम और नही बहुत अधिक पानी शरीर और किडनी के लिए अच्छा होता है।

डिहाईड्रेशन के कारण किडनी की अस्थाई समस्या हो जाती है जैसे डायरिया के बाद, हालांकि इसका यह अर्थ नहीं है कि अधिक मात्रा में पानी पीने से समस्या दूर हो जाती है।
आपको सिर्फ उतना पानी पीना चाहिए जितना आपकी प्यास बुझाने के लिए पर्याप्त हो। यदि आपकी किडनियां कमज़ोर हैं तो बहुत अधिक पानी पीने से किडनियों पर बोझ बढ़ता है क्योंकि इसे अधिक मात्रा में व्यर्थ पदार्थों को निकालने के लिए अधिक काम करना पड़ता है। यह भी एक कारण है कि आपको अधिक पानी पीने की सलाह नहीं दी जाती।

हालाँकि पॉलिसिस्टिक किडनी नामक किडनी की एक बीमारी होती है जिसमें प्रतिदिन 6-7 लीटर पानी पीना सुरक्षित होता है। पानी के सेवन की मात्रा केवल तभी कम करनी चाहिए जब किडनी की बीमारी इतनी गंभीर हो कि व्यक्ति को ठीक तरह से पेशाब न आ रहा हो।
किडनी की बीमारी की प्रारंभिक अवस्था में पानी की मात्रा कम करने की आवश्यकता नहीं होती। किडनी की कुछ बीमारियों में पैरों पर और शरीर पर सूजन आती है क्योंकि शरीर में पानी की अतिरिक्त मात्रा एकत्रित हो जाती है।
किडनी विशेषज्ञ के अनुसार ऐसी स्थिति में पानी का कम सेवन करने की सलाह दी जाती है। यह बात याद रखना महत्वपूर्ण है कि हमारा मस्तिष्क इस बात का नियंत्रण रखता है कि पानी की कितनी मात्रा की आवश्यकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications