जानिए यूरिन में झाग क्‍यों बनता है?

अगर यूरीन में अनियमित्ता है, दुर्गन्ध है और यहां तक कि कभी कभी बब्ल्स बन रहें है तो थोड़ी चिंता करने वाली बात है।

By Super Admin

यूरिन , का रंग, मात्रा और आने वाले दुर्गन्ध से हमारी हेल्थ का अनुमान लगाया जाता है। अगर यूरीन प्रॉपर है, कोई दूर्गन्ध नहीं तो चिंता की कोई बात नहीं है, लेकिन अगर यूरीन में अनियमित्ता है, दुर्गन्ध है और यहां तक कि कभी कभी बब्ल्स बन रहें है तो थोड़ी सी फिक्र की बात है। क्योंकि कभी कभार यूरिन में बब्लस प्रेशर से बनते है या फिर यूनिर्लस को साबुन से साफ करने की वजह से

भी बनते है। लेकिन अगर यूरिन में झाग नियमित रूप से है तो आपको डॉक्टर कि सलाह लेने की जरुरत है। आइए जानते है कि आखिर यूरीन में झाग बनने के अमुमन क्या क्या क्या कारण हो सकते है।

डिहाइड्रेशन

डिहाइड्रेशन

शरीर में पानी की कमी के चलते भी कई बार यूरीन में बब्लस बनते है। क्योंकि जब हमारी बॉडी डिहाइड्रेड होती है तो शरीर में से प्रोटीन और कुछ केमिकल्स निकलते है। इसलिए जहां तक हो सके खूब पानी पीएं।

प्रेग्रेंसी

प्रेग्रेंसी

प्रेग्रेंसी के दौरान शरीर में बहुत से बदलाव होते है। इन्हीं बदलावों में से एक है यूरिन में झाग बनना, ऐसा इसलिए क्योंकि प्रेगेंसी के समय किडनी को ज्यादा काम करना पड़ता है। जिसकी वजह से प्रोटीन लीक होता है और इसी वजह से यूरीन में बब्ल्स बनते है।

स्ट्रेस

स्ट्रेस

जब आप परेशान और स्ट्रेस में होते है तब भी यूरीन में बब्लस बनते है। इसकी वजह है एलब्यूमिन, एक तरह का प्रोटीन जो कि यूरिन में पाया जाता है। असल में ज्यादा स्ट्रेस में होने कि वजह से किडनी से यह प्रोटीन लीक आउट हो जाता है।

 डायबिटिज

डायबिटिज

हाई ब्ल्ड प्रेशर किडनी के लिए अच्छा नहीं है, क्योंकि इसका सीधे असर से भी यूरीन में बब्लस बनते है।

 प्रोटिनयूरिया

प्रोटिनयूरिया

अगर यूरिन में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है तो इस ​सिचुएशन को प्रोटिनयूरिया या कहा जाता है। यह सिचुएशन इसलिए आती है, क्योंकि किडनी बेहतर तरीके से प्रोटीन फिल्टर नहीं कर पाती, ऐसी हालात में बेहतर है कि सही समय पर डॉक्टर्स से कन्सल्ट किया जाए।

UIT

UIT

कभी कभार, हमारी यूरिनरी में बैक्टरीया इंफेक्शन हो जाता है, जिस वजह से भी यूरिन में बब्ल्स बनने लगते है। यूटीआई से भी यूरिन में प्रोटीन लीक होता है।

हार्ट समस्‍या

हार्ट समस्‍या

यूरिन में झाग बनने का इशारा कई बार कार्डियोवैसुलर की तरफ भी होता है। यूरिन में प्रोटीन की ज्यादा मात्रा होने के कारण स्ट्रोक के चांस भी ज्यादा बनते है।

Story first published: Saturday, May 27, 2017, 9:15 [IST]
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