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पॉटी के लिए स्क्वाट पोजीशन यानि उकड़ूँ क्यों बैठना चाहिये
एक्सपर्ट कहते हैं कि स्क्वाट पोजीशन यानि उकड़ूँ बैठने से कोलन डिजीज, कब्ज, बवासीर, पैल्विक फ्लोर की समस्याओं से बचने में मदद मिल सकती है।
आजकल लोगों में बवासीर एक सामान्य समस्या है। ये समस्या रेक्टम हिस्से और नसों में सूजन के कारण होती है। बवासीर में पॉटी के दौरान ब्लड आने के साथ-साथ दर्द का अनुभव होता है। इसके पीछे पुराना कब्ज़ या आंत का कोई रोग हो सकता है। इससे बचने के लिए हम आपको एक आसान तरीका बता रहे हैं।
पॉटी के लिए स्क्वाट पोजीशन यानि उकड़ूँ क्यों बैठते हैं?
एक्सपर्ट कहते हैं कि स्क्वाट पोजीशन यानि उकड़ूँ बैठने से कोलन डिजीज, कब्ज, बवासीर, पैल्विक फ्लोर की समस्याओं से बचने में मदद मिल सकती है। आयुर्वेद के अनुसार, यह पोजीशन पॉटी करने के लिए सबसे बेहतर है जिसे योग में मालासन कहा जाता है।

लोग अपने मल को कंट्रोल कर सकते हैं। लेकिन मसल्स अपनेआप संयम नहीं रख सकती हैं। बॉडी भी रेक्टम और एनस के बीच एक मोड़ पर निर्भर करती है।
जब आप ऊपर खड़े होते हैं, तो इस मोड़ की हड्डी, जिसे एनोरेक्टल कोण कहते हैं, लगभग 9 0 डिग्री का है, जो रेक्टम पर ऊपर की ओर दबाव डालता है और अंदर मल रहता है। जबकि बैठने से मोड़ सीध हो जाता है और शौच आसानी से हो जाता है।

अधिकतर लोगों का मानना है कि बैठने से वो कोलन के पूर्ण निकास को प्राप्त कर सकते हैं। रोग की वजह से विषाक्त पदार्थ आपकी आंत को नष्ट कर सकते हैं। बवासीर की रोकथाम के लिए इस पोजीशन में बैठना चाहिए।
गर्भावस्था, मोटापा, और गुदा सेक्स से बवासीर की समस्या हो सकती है। लेकिन बवासीर की समस्या आमतौर पर पॉटी करने में कठिनाई यानि कब्ज के कारण होती है।

जब आप पॉटी के लिए जोर लगाते हैं, इससे आपके पेट में दबाव बढ़ जाता है, जिससे आपके गुदा को तेज करने वाली नसों की संख्या बढ़ जाती है।
बवासीर के मरीजों की नसों सूजन रहती हैं और कभी-कभी खून भी आता है। इसलिए उकडूं पोजीशन में बैठकर काफी हद तक बवासीर से बचने में मदद मिलती है। क्योंकि इस स्थिति में बैठने से आपके पेट पर दबाव नहीं बनता है और आपका पेट आसानी से साफ हो जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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