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कैसे पहचानेंगे कि आपका बुखार चिकनगुनिया है या डेंगू ?
मानसून सीज़न आते ही डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का डर सताने लगता है। हालांकि इस मौसम में डेंगू और चिकनगुनिया एक आम समस्या है लेकिन ध्यान न दिया जाए तो यह जानलेवा हो सकती है।
मौसम बदलने के साथ ही लोगों को बुखार और ज़ुकाम के अलावा कई तरह की बीमारियां परेशान करने लगती हैं, मानसून में चिकनगुनिया और डेंगू होने का खतरा भी बढ़ जाता है और कई बार हम पहचान नहीं पाते हैं कि रोगी को चिकनगुनिया या डेंगू बुखार है या फिर सामान्य बुखार है।

आइए जानते है चिकनगुनिया, डेंगू और सामान्य बुखार के बीच अंतर, जिससे पता लगाया जा सकता है कि रोगी को कौन-सा बुखार है।
एक ही प्रजाति के मच्छर से होता है डेंगू और मलेरिया
डेंगू और चिकनगुनिया एडीज एजिप्टी प्रजाति के मच्छरों के काटने से फैलता है। आपको बता दें जीका वायरस की बीमारी भी एजिप्टी प्रजाति के मच्छरों के काटने जन्म लेता है।
लक्षणों के अवधि के अनुसार करें पहचान
इन दोनों रोगों के अलग होने की पहचान लक्षणों की अवधि के आधार पर भी की जा सकती है। डेंगू के विपरीत चिकनगुनिया में जोड़ों का दर्द तीन महीने तक हो सकता है और अगर हालत ज्यादा गंभीर है, तो छह महीने तक हो सकता है। कई मामलों में रोगी को एक साल तक जोड़ों में दर्द हो सकता है। चिकनगुनिया 1 से 12 दिन तक होता है, लेकिन इसके लक्षण कई दिनों तक शरीर में मौजूद रहते हैं जैसे कि जोड़ों का दर्द कई दिनों तक रहता है। जबकि डेंगू 3 से 7 दिन तक रहता है लेकिन डेंगू में कमजोरी बहुत ज्यादा होती है क्योंकि इस रोग में शरीर में प्लेटलेट्स लगातार गिरती रहती है।
शरीर में आ जाती है जकड़न
चिकनगुनिया मच्छर की उसी प्रजाति के कारण होता है जिससे डेंगू होता है। चिकनगुनिया और डेंगू के लक्षण भी लगभग एक जैसे होते हैं। चिकनगुनिया में तेज बुखार, शरीर में दर्द विशेषकर मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होता है। ऐसा दर्द गठिया के रोगियों में देखा जाता है। रोगी को जोड़ों के दर्द के साथ-साथ जोड़ों में अकड़न भी महसूस हो सकती है, जोकि पेनकिलर लेने के बाद भी ठीक नहीं होती है। कई मामलों में जोड़ों के दर्द और अकड़न के कारण रोगी स्थिर हो सकता है।
डेंगू के लक्षण
चिकनगुनिया में हाथ-पैरों के जोड़ों में दर्द होता है और सूजन भी आ जाती है। साथ ही दर्द सुबह के वक्त ज्य़ादा होता है। वहीं डेंगू में कमर की मांसपेशियों में दर्द होता है और कंधे व घुटने में भी दर्द बना रहता है। सामान्य बुखार में ऐसा नहीं होता। जबकि डेंगू में आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना, जो आंखों को दबाने या हिलाने से और बढ़ जाता है बहुत ज्यादा कमजोरी लगना, भूख न लगना और जी मितलाना और मुंह का स्वाद खराब होना, गले में हल्का-सा दर्द होना शरीर खासकर चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल-गुलाबी रंग के रैशेज बन जाते है।
जोड़ों में होता है दर्द
चिकनगुनिया और डेंगू दोनों ही वायरस के कारण होता है चिकनगुनिया और डेंगू में वायरस एन्डोथीलीअल सेल्स को प्रभावित करता है। इसका मतलब यह हुआ कि चिकनगुनिया के मामले में साइनोविअल मेम्ब्रेन जोड़ों में मौजूद झिल्ली को प्रभावित करता है।
साफ पानी में पनपते है मच्छर
डेंगू और चिकनगुनिया के मच्छर हमेशा साफ पानी में पनपते हैं जैसे छत पर लगी पानी की टंकी, टायर, घड़ों और बाल्टियों में जमा पीने का पानी, कूलर का पानी, गमलो में जमा पानी आदि।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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