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स्पर्म और सीमन से जुड़ी ये बातें हैं सरासर गलत
प्रजनन प्रक्रिया महिला और पुरुष की फर्टिलिटी पर निर्भर करती है। कुछ ज़रूरी बातें हैं जिन्हें ध्यान रख कर ये सुनिश्चित कर सकते हैं कि आप एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दें। इस बात का भी ध्यान रखें की आप हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल फॉलो कर रहे हों।
अच्छी खुराक सीमन के प्रोडक्शन को बढ़ा सकता है और उसकी क्वालिटी को भी बेहतर कर सकता है। पुरुषों की फर्टिलिटी को मापने का फैक्टर है- स्पर्म की गतिशीलता और उसकी गिनती।

स्पर्म जो पुरुषों का रिप्रोडक्टिव सेल है, ग्रीक शब्द 'स्पर्मा' से लिया गया है जिसका मतलब है बीज। स्पर्म का काम अंडाणु तक पहुंच कर वहां अंडों को फर्टिलाइज़ करना है। वहीं सीमन में स्पर्म के आलावा, 200 तरह के प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन सी और बी12, सिट्रिक एसिड, लैक्टिक एसिड, नाइट्रोजन, पोटाशियम, सोडियम, फास्फोरस और जिंक होता है।
इस आर्टिकल में आज हम स्पर्म और सीमन से जुड़ी उन मान्यताओं पर बात करेंगे जिन्हें लोग सच मानते हैं लेकिन हक़ीक़त में ऐसा नहीं है।

1. स्पर्म की लाइफ होती है छोटी
एजाक्यूलेशन के बाद स्पर्म 5 दिनों तक सक्रिय रहता है। ये सर्वाइकल म्यूकस के सम्पर्क में आता है जो इसे वजाइना में मौजूद एसिडिटी से बचाता है। ये उन स्पर्म को रिजेक्ट कर देता है जो अपने आकार या गतिशीलता की वजह से अंडों तक पहुंचने में असफल होते हैं।

2. स्पर्म सीधा अंडों तक पहुंचते हैं
अगर आप ये सोचते हैं कि एजाक्यूलेशन के बाद स्पर्म सीधे एग तक पहुंच जाते हैं तो आप पूरी तरह से गलत हैं। एजाक्यूलेशन के बाद स्पर्म को एक लंबी यात्रा तय करनी पड़ती है।

3. एक व्यक्ति के जीवनकाल तक स्पर्म की फर्टिलिटी बनी रहती है
लोगों का मानना है की हमेशा स्पर्म की फर्टिलिटी बनी रहती है और पुरुषों को लगता है की वो पूरी ज़िंदगी अच्छी क्वालिटी का स्पर्म ही प्रोड्यूस करते हैं लेकिन ये सच नहीं है। पुरुष अपने जीवन में जितना चाहे उतना स्पर्म प्रोड्यूस कर सकता है लेकिन उसकी क्वालिटी, गतिशीलता उम्र के साथ प्रभावित होने लगती है।

4. अंडरवियर से स्पर्म काउंट को नहीं पड़ता फर्क
अगर आप टाइट ब्रीफ्स पहनते हैं तो इस बात की संभावना है कि आपका स्पर्म काउंट कम हो जाए। वहीं दूसरी तरफ अगर कोई व्यक्ति लूज़ बॉक्सर्स पहनता है तो उसकी स्पर्म प्रोडक्टिविटी बेहतर होगी क्योंकि स्पर्म को तैयार होने के लिए संतुलित तापमान मिलता है। एक अध्ययन से भी ये बात साफ़ हो चुकी है कि बॉक्सर्स पहनने वालों का स्पर्म काउंट ब्रीफ्स पहनने वालों की तुलना में 17 प्रतिशत ज़्यादा है।

5. सीमन है प्रोटीन से भरपूर
ज़्यादातर लोगों का मानना है कि सीमन में प्रोटीन की उच्च मात्रा मौजूद रहती है जो सच नहीं है। अगर आप प्रोटीन की चाहत में स्पर्म को गटकते हैं तो आप गलत सोच कर ऐसा कर रहे हैं। एक अंडे के सफ़ेद हिस्से में जितना प्रोटीन होता है वो आधा कप स्पर्म के बराबर है।

6. फर्टिलिटी के मामले में गाढ़ा सीमन है बेहतर
सीमन का टेक्सचर यदि गाढ़ा है तो इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं है कि वो ज़्यादा फर्टाइल है। ये टेक्सचर व्यक्ति की डाइट, शारीरिक गतिविधि, विटामिन खासतौर से बी12 के सेवन पर निर्भर करता है।

7. पाइनएप्पल से सीमन का टेस्ट होगा अच्छा
कई लोगों का ये मनना है की अन्नानास के सेवन से सीमन का टेस्ट अच्छा होगा लेकिन इसे विज्ञान ने अभी तक माना नहीं है। खाने या पीने के किसी भी आइटम से सीमन के टेस्ट या गंध में कोई बदलाव होता है ये बात साबित नहीं हुई है। सच्चाई ये है कि सीमन की गंध, टेस्ट और क्वालिटी व्यक्ति की पूरी डाइट, लाइफस्टाइल और जींस पर निर्भर करती है। बहरहाल, जिन खाद्य पदार्थों में विटामिन सी और बी12 पाया जाता है वो स्पर्म काउंट और उसकी गतिशीलता को प्रभावित कर सकते हैं।



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