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योग एक ऐसा मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक कार्य है जो भारत में 5000 साल पहले आरम्भ हुआ। यह आज भी कई लोगों द्वारा किया जाता है जिससे आपको तनाव रहित जीवन मिले और जिससे शरीर और दिमाग दोनों को शक्ति मिले। यह वज़न कम करने में भी मददगार साबित होता है।
कसरत का मुख्य उद्देश्य होता है कैलोरी को घटाना और पसीना बहाना। हालांकि, योगा दूसरे तरीके से काम करता है। योग करने के बाद आप तरोताज़ा महसूस करते हैं और तनावमुक्त हो जाते हैं।

योग से उत्सुकता, डिप्रेशन, अस्थमा, आर्थराइटिस, कैंसर, द्विध्रुवी विकार, गर्दन के दर्द, दिल की बिमारी, कमर के दर्द, उच्च रक्तचाप, माईग्रेन, पीरियड के दौरान के दर्द, मीनोपॉज, गर्भावस्था की परेशानियों, तनाव, सोने में गड़बड़ी आदि समस्या से निजात दिलाता है।
क्या आप यकीन कर सकते हैं कि योग में ऐसे आसन हैं जिससे आपके बाल स्वस्थ और मुलायम रहते हैं? पर इन्हें सुबह खाली पेट करने में ही आपको फायदा दिखेगा।
यहाँ पर इन आसन की एक सूची दी गई है:
1. नीचे मुंह किये हुए कुत्ते या अधो मुख स्वनासन-
कैसे करें: ज़मीन पर कुत्ते की तरह दोनों हाथ और पैर नीचे रख लें। अब अपने कूल्हे को उठाएं और बाजुओं और पैरों को सीधा करें ताकि एक उल्टा वी बन जाए। यह ध्यान रखें की बाजू कंधे की सीध में हो और पैर कूल्हे की सीध में हो।
अपने हाथों को ज़मीन पर दबाएं और अपने पीछे के भाग को जितना हो सके तानें। अपनी नज़र अपनी नाभी की तरफ रखें। इस अवस्था में 1 से 3 मिनट तक रहें। ऐसा लगेगा कि कोई कुत्ता आगे की तरफ झुक रहा है। इसलिए इस पोज़ का नाम यह रखा गया है।
फायदे: यह आसन बालों के लिए काफी अच्छा है क्योंकि इससे दिमाग में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है। यह खाने को पचाने में भी मदद करता है और इससे आपकी बाजू और पैर सुडौल बनते हैं।
2. ऊंट आसन या उस्तरासन-
कैसे करें: मैट पर घुटने टेकें और हाथों को कूल्हे पर रखें। आपका तलवा छत की तरफ होना चाहिए। अब धीरे धीरे अपने पिछले भाग को चापाकार में उठाएं और हाथों को अपने तलवे तक ले जाएँ। अपनी गर्दन पर ज़्यादा ज़ोर ना डालें और इसे तठस्थ रखें। इस अवस्था में थोड़ी देर रहे और फिर वापस शुरूआती पोज़ में आ जायें।
फायदे: इस आसन से दिमाग में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है। खाना ठीक से पचता है और शौच की समस्या नहीं रहती। यह मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द से भी राहत दिलाता है और छाती से टेंशन को दूर करता है।
3. हवा छोड़ने का आसन या पवनमुक्तासन-
कैसे करें: मैट पर पैर जोड़ कर चित पड़ जाएँ और हाथों को किनारे पर रखें। जैसे आप सांस बाहर छोड़ें, दोनों पैरों को अपनी छाती की तरफ लायें और इन्हें ज़ोर से पकड़ें। अब सामान्य तरीके से सांस लें। अब पैरों को और ज़ोर से पकड़ें ताकि छाती पर दबाव बढ़े। 1 मिनट तक ऐसे ही रखें और वापस चित लेट जाएँ।
फायदे: इस आसन से शरीर में रक्त का प्रवाह बढ़ता है। इससे पाचनतंत्र भी ठीक होता है और पेट की मांसपेशियां मज़बूत बनती हैं। इससे पेट की चर्बी भी कम होती है।
4. हर अंग आसन या सालंब सर्वांगासन-
कैसे करें: मैट पर लेट जाएं, पैरों को जोड़ लें और हाथों को किनारे पर रखें। अब एक झटके से पैर, कूल्हे और पीछे के हिस्से को ऊपर उठाएं। आपकी कुहनी आपके शरीर के निचले हिस्से को संभालेगी और अपने कंधे पर ऊँचे होकर खड़े हों। आपके गर्दन और सर पर बिल्कुल भी वज़न नहीं होना चाहिए। अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें और पंजे को छत की तरफ रखें। इस आसन में एक मिनट तक रहे और फिर वापस शुरूआती पोज़ में आ जायें।
फायदे: रक्त का प्रवाह सही होता है। इस आसन से हल्के डिप्रेशन, उत्सुकता और दर्द से निजात मिल सकता है। इस आसन से आप क्रियाशील रहते हैं और आपके बाजू और गर्दन की ताकत बढ़ती है।
5. थंडरबोल्ट आसन या वज्रासन-
कैसे करें: मैट पर घुटनों के बल बैठ कर शुरुआत करें। आपके पंजे एक दूसरे के विरुद्ध होने चाहिए। अब ऐसे बैठें की आपके कूल्हे आपकी एड़ी पर टिकें और आपके जांघ पिंडली पर टिकें। सीधा देखें, अपने जाँघों पर अपने हाथ रखें और अपने तत्व को बांधें। आँखें बंद कर अपनी साँसों पर ध्यान केन्द्रित करें। 5 से 10 मिनट तक रुकें।
फायदे: इस आसन से कब्ज़ से राहत मिलती है। इससे पाचन तंत्र सही होता है, मांसपेशी मज़बूत होती हैं और रक्त का प्रवाह बढ़ता है। इससे मोटापा भी कम होता है और शरीर के पिछले हिस्से के तनाव को दूर करता है।
6. आगे की तरफ झुककर खड़े होने वाला आसन या उत्तनासन-
कैसे करें: मैट पर सीधे खड़े हो जाएँ। एक लम्बी सांस लें। जैसे जैसे आप सांस बाहर छोड़ते जाएँ तो अपने घुटने को हल्का मोड़ें, पैर सीधा रखें और कूल्हे से आगे की तरफ झुकें। अपने हाथों को पैरों के बगल में रखें। अगर आपको कूल्हे और घुटने के पीछे की नस में तनाव महसूस होता है तो आप इस आसन को सही तरीके से कर रहे हैं।
अपने हाथों को ढीला छोड़ दें। कुछ देर तक इस आसन में रहे और फिर धीरे धीरे खड़े होने के पोज़ में आ जायें, क्यूंकि झटके से ऐसा करने से आपको चक्कर महसूस हो सकता है।
फायदे: दिमाग में रक्त का प्रवाह बढ़ता है जिससे आपको अच्छी नींद आती है और आपकी एकाग्रता बढ़ती है। क्योंकि आपके पेट की मांसपेशियां भी काम करती हैं तो खाना पचने में आसानी होती है।
7. खरगोश आसन या ससंगासन-
कैसे करें: मैट पर घुटने टेकें, पैरों को एक साथ रखें और तलवे को छत की तरफ करें। धीरे धीरे आगे झुकें ताकि आप अपने सर की चोटी से ज़मीन को छू सकें। ऐसा करते समय अपने पैरों को दोनों हाथों से पकड़ें। एक मिनट तक इस आसन में रहें और उसके बाद धीरे धीरे ऊपर उठें।
फायदे: दिमाग में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है। रीढ़ की हड्डी का लचीलापन बढ़ता है। पीछे के हिस्से और गर्दन की अकड़न से निजात मिलता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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