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हार्वर्ड प्रोफेसर का दावा जहर से कम नहीं है नारियल तेल, क्या सच है ये बात!
नारियल के तेल की खूबियों के बारे तो हम खूब जानते है लेकिन क्या आप इसके साइड इफेक्ट के बारे में जानते हैं? हाल ही में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने चौंकाने वाला दावा किया हैं जिसमें नारियल तेल को जहर बताया गया है। रिसर्च में बताया गया है कि नारियल सेहत के लिए वैसे ही नुकसानदायक है जैसे कि वनस्पति घी और रिफाइंड। यहां तक की इस तेल को 'प्योर प्वॉइजन' का नाम दे दिया है।
हार्वर्ड के प्रोफेसर करिन मिचएल्स का कहना है कि नारियल सबसे खराब फ़ूड की श्रेणी में आता है। नारियल तेल में सैच्युरेटेड फैट की मात्रा बहुत अधिक होती है जो शरीर में कलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ाने साथ ही दिल से जुड़ी बीमारियों के बढ़ने का खतरा भी अधिक होता है। भारतीयों के अलावा एशियन देशों में नारियल के तेल का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। चाहे खाना पकाना हो या बालों की देखभाल करनी हो।

आइए जानते है इस बारे में क्या नारियल तेल का सच में "जहर है या सूपरफूड"?
बैड कैलेस्ट्रोल, हाई बीपी और हार्ट की बीमारी
केवल हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ही नहीं बल्कि अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने भी पहले ये दावा किया था कि ज्यादा नारियल तेल का इस्तेमाल एलडीएल और बैड कैलेस्ट्रोल को बढ़ाता है। इसके अधिक सेवन के वजह से हाई बीपी, कैलेस्ट्रोल लेवल, हार्ट डिजीज जैसी बीमारियां हो सकती है। ऐसा दावा है कि जब ये ऑयल आलू, मूंगफली, केले, अंडा या अन्य कार्बोहाइड्रेट या फैटी चीज़ों के साथ मिलता है तो इसका असर और खतरनाक होता है। इस ऑयल का यूज़ बहुत कम मात्रा में करना ही सही माना गया है।
बढ़ सकती है मुंहासों की समस्या
आयुर्वेद के अनुसार नारियल का तेल गर्म होता है। इसलिए अगर आपकी त्वचा में मुंहासे जैसी समस्या है, तो इसका इस्तेमाल कतई न करें। गर्म होने की वजह से मुंहासे और भी बढ़ सकते हैं।
वजन कम करने के समय
अगर आप वजन कम कर रहे हैं और कैलोरी व फैट से दूर रहने के लिए नारियल के तेल में खाना न पकाएं। आप जानकर शॉक्ड रह जाएंगे कि एक चम्मच नारियल तेल में 117 कैलोरी होती है। इसलिए नारियल तेल में खाना न बनाएं इसकी जगह रिफाइन ऑयल या ऑलिव ऑयल चुन लें।
डायरिया की समस्या
नारियल के तेल के अधिक सेवन की वजह से दस्त या डायरिया जैसी समस्याएं हो सकती है। इस तेल का पाचन हमारे आंत के भीतर और पाचन शक्ति को बाधित करती है। जिसकी वजह से दस्त और डायरिया की समस्या होती है।
सिर दर्द
यीस्ट इंफेक्शन से बचाव के लिए अगर आप नारियल तेल का इस्तेमाल करते हैं तो ये आपको सिर दर्द भी दे सकता है। इसकी वजह है कि जब इसमें मौजूद मध्यम-श्रेणी के फैटी एसिड यीस्ट कोशिकाओं (जो संक्रमण के कारण बनती है) को तोड़ते है तो विषाक्त पदार्थ रक्त प्रवाह में तरंग बनकर फैल जाते है। जिसकी वजह से सिरदर्द की समस्या होती है।
करीना की डाइटिशियन ने कहा 'सूपर फूड'
नारियल के तेल पर इस दावे के बारे में सेलिब्रिटी न्यूट्रिशियन और करीना कपूर की डायटिशियन रुजुता दीवेकर ने इंस्टाग्राम में अपनी राय कुछ इस तरह लिखी है " किसी भोजन को हीरो (पौष्टिक) और फिर एक खलनायक (अपौष्टिक) बनाना आजकल फूड और वेटलॉस इंडस्ट्री एक तरह की रणनीति बन चुकी है। अब नया विवाद नारियल पर है। कई सदियों हमारे धर्म में नारियल का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें कई के गुण मौजूद होने के साथ हम इसे विविध तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं। ये पूरी तरह से एक सुपरफूड है।
एंटी बैक्टीरियल और एंटी फंगल खूबियां
विशेषज्ञों की मानें तो नारियल तेल की एंटी बैक्टीरियल और एंटी फंगल खूबियां रूखी त्वचा और खुजली से राहत देती हैं। इसमें पाए जाने वाले फैटी एसिड स्कैल्प और बालों को पोषण देते हैं। इसके अलावा इसे कई चीजों के साथ मिलाकर इस्तेमाल करने से कई सौंदर्य लाभ पाएं जा सकते हैं।
86 प्रतिशत होती सेचुएरेटड फैट
नारियल के तेल में सेचुएरेटड फैट की मात्रा 86 प्रतिशत होती है जो खाने में इस्तेमाल होने वाले तेलों में सबसे ज़्यादा होती है। जबकि सरसो के तेल में इसकी मात्रा 12 प्रतिशत होती है . इसके अलावा सूर्यमुखी के तेल में 9 प्रतिशत, सोयाबीन के तेल में 16 प्रतिशत और ऑलिव ऑयल में सेचुएरेटड की मात्रा 14 प्रतिशत होती है।
नारियल के इस्तेमाल में तीसरे नंबर पर है भारत
नारियल के उत्पादन में भारत तीसरे पायदान पर है। यहां 19.8 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हर साल 2,044 करोड़ नारियल का उत्पादन होता है। एक रिसर्च के मुताबिक इस उत्पादन में 40 फीसदी हिस्सा केरल का है। दक्षिण भारत के अलावा फिलिपीन्स, इंडोनेशिया, अमेरिका और चीन में नारियल के तेल का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है।
नुकसान और फायदें दोनों ही
कुल मिलाकर देखा जाए तो नारियल का तेल इतना नुकसान दायक भी नहीं है जितना कि Harvard university की प्रोफेसर ने कहा है। हमारे देश में प्राचीन समय से नारियल के तेल का इस्तेमाल होता जा रहा है। हर देश की वानस्पति उस देश की भौगोलिक स्थिति के हिसाब से होता है। हालांकि ये बात भी सही है कि किसी खाद्य पदार्थ को खाने के जितने फायदे होते है उतने नुकसान भी होते है। अगर नारियल तेल का सेवन संतुलित मात्रा में किया जाए तो ये नुकसान नहीं करती है।
डॉक्टरों के मुताबिक रोज़ के खाने में कुल कैलोरिज का 5 से 6 प्रतिशत सेचुएरेट फैट खाने में शामिल किया जा सकता है एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए खाने में रोज़ाना 1800 से 2400 कैलोरी होनी चाहिए। इस हिसाब से आप दो बड़े चम्मच नारियल का तेल अपने खाने में शामिल कर सकते हैं। अगर आप दिल के मरीज़ है तो अपने डाक्टर की सलाह पर ही अपने तेल का चुनाव करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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