नपुसंकता से लेकर बवासीर तक का इलाज करता है, ये आम सा दिखने वाला पौधा

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आपने बंजर नदी किनारे, जगलों, खाली जगहों के आसपास कंटीले ,पीले फूल वाले हरे पत्ते नुकीले पौधे देखे होंगे? ये पौधे दिखने में बहुत ही आम से लगते है लेकिन ये है बहुत काम के। इन पौधो को सत्‍यानाशी पौधे के नाम से जाना जाता है। सत्‍यनाशी मतलब कि सभी प्रकार के रोगों का नाश करने वाला खास वनस्पति।

आर्युवेद में सत्यनाशी पौधे को बहुउपयोगी औषधि माना गया है। इसके बीजों को भी बहुत सी बीमारियों के लिए दवाइयों की औषधि के काम में लिया जाता है।

इसके बीज सरसों दानों की तरह होते हैं। ये लगभग हर बंजर जगह पर देखने को मिल जाते है। जिसे अलग-अलग नामों स्वर्णक्षीरी, कटुपर्णी, पीला धतूरा, स्याकांटा, दारूड़ी, और अंग्रेजी में Argemone mexicana औरPrickly Poppy, से पुकारा जाता है। सत्यनाशी औषधि और तेल रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा इसे इंग्लिश में मोर्निंग ग्लोरी कहते है किन्तु उसे हिंदी में बेशर्म या बेहया के नाम से जाना जाता है, आइए जानते है इसके बारे में।

 पीलिया के लिए औषधि

पीलिया के लिए औषधि

सत्यनाशी के पौधे का उपयोग पीलिया रोग में बहुत कारगर साबित होता हैं। पीलिया के रोगी को आधा चम्मच सत्यनाशी तेल गन्ने के जूस के साथ पीने से पीलिया रोग में जल्दी छुटकारा मिल जाता हैं।

पेट के लिए में उपयोगी

पेट के लिए में उपयोगी

ये पौधा पेट, फेफड़ो और शरीर के अंगो में पानी भरने की समस्या में सत्यनाशी को रामबाण औषधि माना जाता हैं। इसके लिए 1 चम्मच सत्यनाशी तेल और चुटकी भर सेंधा नमक को एक गिलास गुनगुने पानी में डालकर रोज सुबह पिया जाए तो, कुछ ही दिनों में इस समस्या से छुटकारा मिल जाता हैं।

मुंह के छाले की समस्या

मुंह के छाले की समस्या

मुंह में छाले होने पर सत्यनाशी के कोमल डंठल और पत्तियां चबानी चाहिए। और कुछ देर बाद थोड़ा दही और चीनी खाने से मुंह के छालों में तुरंत रहत मिलती हैं।

 बवासीर में सत्यनाशी

बवासीर में सत्यनाशी

बवासीर को ठीक करने में सत्यनाशी एक खास औषधि रूप है। सत्यनाशी जड़, चक्रमरद बीज और सेंधा नमक बारीक पीसकर चूर्ण तैयार कर लें। रोज सुबह शाम चुटकी भर सत्यनाशी मिश्रण चूर्ण दही के साथ खाने से बवासीर घाव ठीक करने और बवासीर जड़ से मिटाने में सहायक है। सत्यनाशी जड़, चक्रमरद बीज और सेंधा नमक मिश्रण गुड़ पानी के साथ भी सेवन कर सकते हैं।

 चोट घाव के लिए

चोट घाव के लिए

चोट घाव ठीक करने में सत्यनाशी फूल, पत्तियों का रस अचूक औषधि मानी जाती है। सत्यनाशी फूल पत्तियों का रस घाव जल्दी भरने में सहायक और घाव को संक्रमित होने से बचाने सहायक है।

दमा रोग में सत्यनाशी

दमा रोग में सत्यनाशी

सत्यनाशी फूल, कोमल पत्तों से कांटे अलग करे, फिर फूल और कांटे बिने पत्तों को बरीक पीसकर फंक बना लें। रोज सुबह शाम सत्यनाशी आधा चम्मच से कम फंक गर्म पानी के साथ सेवन करने से दमे की खांसी से जल्दी आराम मिलता है। और 1 चम्मच सत्यनाशी तेल मिश्री, गुड़ के साथ खाने से दमा रोग से जल्दी छुटकारा मिलता है।

कुष्ठ रोग के लिए

कुष्ठ रोग के लिए

कुष्ठ रोग फैलने से रोकने में सत्यनाशी सहायक है। सत्यनाशी के फूल, पत्तों और नींम के पत्तों को बारीक कूटकर पानी में उबालें। फिर पानी गुनगुना ठंड़ा होने पर नहायें। आधा चम्मच सत्यनाशी फूल रस दूध के साथ सेवन करें। सत्यनाशी तेल खाने में इस्तेमाल, और कुष्ठ ग्रसित त्वचा पर लगायें। सत्यनाशी पौधा कुष्ठ रोगी के लिए फायदेमंद है।

नजर कमजोर होने पर

नजर कमजोर होने पर

नजर कमजोर होने पर, मोतियाबिन्दु होने पर सत्यनाशी के दूध को मिश्री, कच्चे दूध के साथ सेवन करना फायदेमंद है। सत्यनाशी दूध और ताजा मक्खन या फिर गाय के घी के साथ मिलाकर आंखों पर काजल की तरह लगाएं।

गैस कब्ज में सत्यनाशी

गैस कब्ज में सत्यनाशी

गैस कब्ज समस्या में सत्यनाशी जड़ और अजवाइन उबालकर काढ़ा तैयार कर लें। रोज सुबह शाम सत्यनाशी काढ़ा पीने से गैस कब्ज की समस्या मात्र 10-15 दिनों में ठीक करने में सहायक है।

नपुसंकता को दूर करें

नपुसंकता को दूर करें

पुरूषों और महिलाओं दोनों की अन्दुरूनी गुप्त बीमारी नपुंसकता, धातुरोग, वीर्य कमजोरी, शुक्राणुओं की गड़बड़ी और निसंतान कलंक दूर करने में सत्यनाशी पौधा एक अचूक प्राचीनकालीन औषधि है। महिलाओं पुरूर्षों के गुप्त रोगों में सत्यनाशी के फूल रस, पत्तियों का रस आधा चम्मच सुबह शाम कच्चे दूध के साथ सेवन करना फायदेमंद है। पुरूर्षों महिलाओं के लिए सत्यनाशी लिबिडो बढ़ाने में सहायक होता है।

 पेशाब जलन में सत्यनाशी

पेशाब जलन में सत्यनाशी

पेशाब में जलन, संक्रामण होने पर सत्यनाशी जड़ों को उबालकर काढ़ा तैयार कर लें। रोज सुबह शाम पीने से पुरानी से पुरानी पेशाब जलन - दर्द समस्या दूर करने में सहायक है।

 दांतों के कीड़े मारे

दांतों के कीड़े मारे

दांतों में कीड़ा लगने पर सत्यनाशी तने और नींम तने से लगातार रोज दांतून करने से दांतों के कीड़ा, दांत दर्द से जल्दी छुटकारा मिलता है। दांतों के लिए सत्यनाशी तना और नींम तना से एक साथ मिलाकर दांतुन करना खास फायदेमंद है।

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    English summary

    Medicinal use of Satyanashi or Argemone Mexicana (prickly poppy)

    Know about Argemone Mexicana botanical description, medicinal properties, medicinal uses in Ayurveda, It’s health benefits, dosage, contraindications and side-effect of different parts of this plant.
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