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नींद की गोली लेने के हैं इतने सारे Side Effects, अगर जान जाएंगे तो उड़ जाएगी नींद
अगर आपको नींद ना आने की समस्या है तो स्लीपिंग पिल्स लेने से आपको नींद लेने में आसानी होती है लेकिन ऐसे नींद की दवाइयां लेने से आपको कई सारे साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं जैसे दिन में सुस्ती महसूस होना, रात में बुरे सपने आना, सिर दर्द होना और लाल चकत्ते पड़ना आदि। इन दवाइयों के गलत इस्तेमाल से आप कोमा में जा सकते हैं या फिर आपको मौत हो सकती है।
यूएस में लगभग 50 से 70 मिलियन लोग नींद ना आने की बीमारी से प्रभावित हैं। सेंटर ऑफ़ डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने इस बीमारी को पब्लिक हेल्थ प्रॉब्लम कहा है। ऐसे बहुत से लोग हैं जो कम सोने के बाद भी इससे होने वाले थकान, तनाव आदि को नजरअंदाज कर देते हैं।
दुर्भग्य्वाश इन दवाइयों के बहुत सारे साइड इफेक्ट्स हैं इसलिए इनका इस्तेमाल करने से पहले आपको इसके बारे में जान लेना चाहिए कि यह कैसे काम करते हैं और इसके क्या परिणाम हो सकते हैं।

स्लीपिंग पिल्स कैसे काम करती हैं
दो तरह की स्लीपिंग पिल्स होती हैं एक तो जो पहले इस्तेमाल होती थी जैसे बेन्जोडायजेपाम जिसमे लॉरमेट्राजेपाम, डायजेपाम, निट्राजेपाम या लोप्राजोलाम आदि शामिल हैं जो ब्रेन में नींद को प्रमोट करने वाले रिसेप्टर को टारगेट करती हैं लेकिन इसकी आपको लत लग जाती है।
जबकि न्यू जेनरेशन स्लीपिंग पिल्स पहले वाली की तुलना में ज्यादा असरदार होती हैं लेकिन ऐसा नहीं है कि इनके साइड इफेक्ट्स नहीं होते हैं।
US के नेशनल सर्वे के मुताबिक पूरे यूएस में 20 साल के सभी वयस्कों में से 4 प्रतिशत लोग यह सर्वे को होने से पहले ही स्लूपिंग पिल्स इस्तेमाल कर चुके हैं।

स्लीपिंग पिल्स के साइड इफेक्ट्स
अक्सर डॉक्टर स्लीपिंग पिल्स को जल्दी इस्तेमाल करने को नहीं बोलते है जब तक कि मरीज को गंभीर नींद की समस्या ना हो। आइये हम आपको बताते हैं इन स्लीपिंग पिल्स को इस्तेमाल करने के क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।

1- दिन में सुस्ती होना:
कुछ लोगों को इन स्लीपिंग पिल्स को खाने के अगले ही दिन सुस्ती महसूस होती है और कुछ लोगों को उसके भी अगले दिन महसूस होता है क्योंकि यह दवा आपके शरीर में काफी देर तक अपना असर रखती है।

2- रात में खराब सपने आना:
जालेप्लोन, जोपिक्लोन और जोल्पिडेम आदि ऐसी दवाइयां हैं जिन्हें 2 से 4 हफ़्तों के लिए दिया जाता है। कुछ लोगो में इसकी वजह से बुरे सपने आते हैं।

3- स्लीप एप्निया को बिगाडती हैं:
अगर आपको पहले से स्लीप एप्निया की समस्या है तो ये स्लीपिंग पिल्स इसे और खराब कर देती हैं। स्लीप एप्निया में आपको सोते समय सांस लेने में तकलीफ होती है। इस वजह से आप पूरी नीन्द नहीं ले पाते है और ज्यादातर जगे ही रहते हैं।

4- ड्रग की लत लगना:
अगर आप ज्यादा दिन से इन दवाइयों का इस्तेमाल कर रहें हैं तो आपको इनकी आदत पड़ जायेगी और बिना इनका सेवन किये आपको नींद भी नहीं आएगी। इन दवाइयों को आप अचानक से छोड़ भी नहीं सकते हैं क्योंकि इससे आपको और भी दिक्कत होगी जैसे मिचली, उल्टी और बेचैनी आदि हो सकते हैं।

5- दर्द होना:
मेलैटोनिन आधारित नींद की दवाइयां अनिद्रा को और अधिक बढ़ा देती हैं। इनके सेवन से आपको सिर दर्द, पीठ दर्द या फिर जोड़ों में दर्द आदि महसूस होंगे।

6- मौत भी हो सकती है :
अगर आप स्लीपिंग पिल्स के साथ कोई अन्य दूसरी ड्रग जैसे दर्द निवारक दवाइयां या कफ संम्बंधित दवाइयां आदि लेते हैं तो इससे आपको कई सारी समस्याएं हो सकती है जैसे आप कोमा में जा सकते है या फिर आपको मौत भी हो सकती है।

7- पागलपन बढ़ सकता है:
अगर आप स्लीपिंग पिल्स को तीन महीने से ज्यादा दिन तक इस्तेमाल करते हैं तो आपको दिमाग से जुडी कई समस्याएं हो सकती हैं जैसे आपको एलजीमर डिसीज हो सकती है जिसमे आप चीजों को भूलने लगते हैं।

8- मोर्टेलिटी रिस्क बढ़ जाता है:
साल 2010 में लगभग 6 से 10 प्रतिशत अमेरिकन वयस्कों ने अपनी अनिद्रा की समस्या के लिए स्लीपिंग पिल्स का इस्तेमाल किया। आपको बता दें कि अगर आप साल में इन दवाइयों की 132 खुराक लेते है तो आपके मरने की संभावना उन लोगों की तुलना में 5 गुना ज्यादा होती है जो लोग इन्हें नहीं लेते हैं। अगर आप स्लीपिंग पिल्स की 132 खुराक से ज्यादा लेते हैं तो आपको कैंसर भी हो सकता है।

9- अनुचित प्रयोग से नुकसान होना:
अगर आप स्लीपिंग पिल्स का इस्तेमाल करते हैं तो आपको बाहरी काम जैसे गाडी चलाने या कोई मशीनरी काम करने से दूर रहना चाहिए क्योंकि आपकी बॉडी संतुलन में नहीं होती है और आपको खतरा हो सकता है।

10. दिल के दौरे का खतरा
डॉक्टरों के मुताबिक नींद की अधिक गोलियों का सेवन करने से हार्ट अटैक का खतरा 50 गुना अधिक बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों ने नींद की दवाओं में मौजूद तत्व - जोपिडेम को दिल की बीमारियों की वजह बताया है।

11. कैंसर
एक शोध के मुताबिक यह बात भी सामने आई है कि जो लोग रोजाना इसी गोली पर निर्भर रहते हैं, उन्हें कैंसर का भी खतरा होता है। इन गोलियों में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जिनका रोजाना सेवन नहीं करना चाहिये, नहीं तो ओवरडोज़ हो जाता है।



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