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'फ्लोटिंग किडनी' या 'गुर्दा सरकना', क्या होती है ये बीमारी? जानिए इसके लक्षण
फ्लोटिंग किडनी या गुर्दा सरकने को मेडिकल साइंस में नेफ्रोप्टोसिस (nephroptosis) कहते है। ये एक शारीरिक स्थिति होती है जिसमें किसी व्यक्ति की किडनी उठते हुए या सोते हुए अपनी जगह से खिसकर नीचे की तरफ आ जाती है। इस वजह से चलते और उठते समय व्यक्ति को को महसूस होने लगता है कि उसके पेट में कुछ गेंदनुमा चीज इधर से उधर घूम रही है।

इस स्थिति को ही नेफ्रोप्टोसिस कहा जाता है और अपनी जगह से किडनी को सरकने की स्थिति को 'फ्लोटिंग किडनी' भी कहते हैं। आइये जानते है कि किस वजह से होती है फ्लोटिंग किडनी की समस्या और क्या है इसके लक्षण।
क्या है नेफ्रोप्टोसिस?
नेफ्रोप्टोसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें किडनी शरीर में अपनी स्थिति से हटते हुए इधर उधर घूमने लगती है। इस कारण से कई बार मरीज को खड़े होने में बहुत तेज पेट दर्द होता है और उल्टी भी हो सकती है। सामान्यतः ये परेशानी एक ही किडनी के साथ आती है मगर कई बार व्यक्ति की दोनों किडनियां अपने स्थान से खिसक जाती हैं।
फ्लोटिंग किडनी की शिकायत के उपचार के लिए मरीज को नेफ्रोपेक्सी नामक ट्रीटमेंट कराना होता है, जिसमें ग्रसित अंग को शरीर की पिछली हड्डी से बांध कर यह सुनिश्चित किया जाता है कि वह अपनी जगह से ना हिले।
क्या हैं 'फ्लोटिंग किडनी' का कारण
हालांकि कुछ कारण है जिन्हें 'फ्लोटिंग किडनी' का वजह माना जाता है। चिकित्सक मानते हैं कि किडनी को उसके स्थान पर रखने वाले लिगामेंट्स जब कमजोर हो जाते हैं, तो किडनी अपने स्थान से खिसकर पेट में इधर-उधर घूमती रहती है। इसके वैसे कुछ कारण होते है आइए जानते है?
जो महिलाएं जरुरत से ज्यादा पतली या होती है और जिनकी कमर लम्बी होने के साथ उनके शरीर में किडनी को सपोर्ट करने के लिए कम मात्रा में वसा होता है। उनके लिए यह समस्या हो सकती है। जब शरीर में किडनी जैसे अंगों के लिए सीमित मात्रा में वसा नहीं होता है, तो किडनी फ्लोटिंग या गुर्दा सरकने जैसी समस्या हो सकती है। और अचानक से घटा हुआ वजन या बहुत तेजी से वजन का घटना।
पेट में या स्पाइन के आसपास गहरी चोट लग जाने के कारण। फ्लोटिंग किडनी की समस्या का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है। गर्भावस्था और बच्चे को जन्म देने के दौरान भी ऐसा हो सकता है। जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज या भारी मेहनत वाली एक्सरसाइज करने से।
क्यों खतरनाक है फ्लोटिंग किडनी?
कई बार शरीर में गेंदनुमा चीज के घूमने के अलावा फ्लोटिंग किडनी के कोई अन्य लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। जबकि कई बार इसके कारण पेट में असहनीय दर्द होता है और उल्टी, चक्कर आने की समस्या भी हो जाती है। 'फ्लोटिंग किडनी' की वजह से आपका वजन तेजी से घटना शुरू हो सकता है और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। इसके अलावा कई बार किडनी वाली जगह पर सूजन की समस्या भी हो सकती है।
फ्लोटिंग किडनी' के लक्षण
जब कभी फ्लोटिंग किडनी की समस्या होती है तो पीडि़त व्यक्ति नीचे बताए गए लक्षणों की शिकायत करता है। कुछ मामलों में, गुर्दे और मूत्रमार्ग में इस समस्या की वजह से रक्तस्राव हो सकता है।
पेट में तेज दर्द जो रुक-रुक कर होता है।
पेशाब के साथ खून आना।
दिल की धड़कन का तेजी से घटना-बढ़ना
मितली और उल्टी की समस्या
बहुत कम मात्रा में पेशाब आना और पेशाब करते परेशानी होना।
पुरुषों से ज्यादा महिलाओं में होती है समस्या
इस शारीरिक स्थिति का सामना पुरुषों से ज्यादा महिलाओं को करना पड़ता है। इसका खतरा उन महिलाओं को ज्यादा होता है जो बहुत पतली होती हैं क्योंकि उनके शरीर में किडनी को रोकने के लिए लिगामेन्ट्स में पर्याप्त चर्बी नहीं होती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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