शरीर के लिए क्‍यूं जरुरी है विटामिन डी

विटामिन डी वसा में घुलनशील विटामिन के समूह में आता है और शरीर में कैल्शियम तथा फॉस्फेट के अवशोषण को बढ़ाता है। मानव में इस समूह में सबसे महत्वपूर्ण यौगिकों में विटामिन डी-3 और विटामिन डी-2 शामिल हैं। शरीर त्वचा में कोलेस्ट्राल से सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में विटामिन डी का निर्माण भी करता है। इसलिये इसे अक्सर सनशाइन विटामिन कहते हैं।

शरीर में विटामिन डी का रोगों से लड़ने की क्षमता हमारी सोच से कहीं ज्यादा है। विटामिन डी की कमी होने पर आपमें कई गम्भीर बीमारियाँ और संक्रमण हो सकते हैं। आइए जानते है विटामिन डी कितना शरीर के लिए जरुरी है।

लक्षण

  • हड्डी और मांसपेशि‍यां कमजोर
  • विटामिन डी की कमी से ब्लडप्रेशर यानि रक्तचाप की शिकायत हो सकती है।
  • महिलाओं में विटामिन डी की कमी से तनाव की समस्या पैदा हो जाती है।
  • शरीर में विटामिन डी की कमी से शरीर में सेरोटोनिन हार्मोन के निर्माण पर असर पड़ता है जो आपके बदलते मूड के लिए जिम्मेदार हो सकता है।
  • इस वजह से लगातार थकान और आलस की समस्‍या भी होने लगती है।

विटामिन डी के फायदे

विटामिन डी के फायदे

1. शरीर में विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा से कैंसर, रिकेट्स, ऑस्टियोपोरेसिस, हृदय रोग, वृक्क रोग, तपेदिक, सर्दी-जुकाम, मोटापा, बालोंका झड़ना और अवसाद जैसे रोगों के खतरे कम होते हैं।

2. विटामिन डी प्रतिरक्षण तन्त्र को मजबूत करके सर्दी, फ्लू और निमोनिया से सुरक्षा प्रदान करता है।

3. विटामिन डी अच्छे प्रतिरक्षण तन्त्र के साथ स्वस्थ शिशु के विकास में सहायक है। यह समय पूर्व के जन्म से भी बचाता है।

4. विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा से गिरने, फ्रैक्चर, उच्च रक्तचाप और टाइप-1 मधुमेह से होने वाली चोटों के खतरों को कम करता है।

5. विटामिन डी घाव भरने में भी सहायक है।

मछली

मछली

विभिन्‍न प्रकार की मछली जैसे सालमोन और ट्यूना 'विटामिन डी' की उच्‍च स्रोत होती हैं। सालमोन विटामिन डी की हमारी रोजाना जरूरत का एक तिहाई हिस्‍सा पूरा करने के लिए काफी होती है।

दूध

दूध

दूध विटामिन डी का एक और महान स्रोत है। हमें दिन भर में जितना विटामिन डी चाहिए होता है, उसका 20 फीसदी हिस्‍सा दूध पूरा कर देता है। जबकि अनफॉर्टफाइड डेयरी उत्‍पादों में आमतौर पर विटामिन डी कम मात्रा में पाया जाता है।

अंडे

अंडे

अंडों को स्‍वस्‍थ भोजन माना जाता है, जो विटामिन डी से भरपूर होते हैं। हालांकि विटामिन डी ज्‍यादा अंडे की जर्दी में पाया जाता है। लेकिन फिर भी हमें इसको पूरा खाना चाहिए। अंडे का सफेद हिस्‍सा खाने से विटामिन डी की पर्याप्‍त आपूर्ति नहीं होती।

संतरे का रस

संतरे का रस

दूध की तरह ही संतरे का रस भी विटामिन डी से भरपूर होता है। कई स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों का मानना है कि विटामिन डी से स्वास्थ्य में जल्‍दी सुधार कर सकते हैं। इसके लिए वे आपको संतरे के जूस को अपने आहार का हिस्‍सा बनाना चाहिए।

अनाज

अनाज

अनाज विटामिन डी का समृद्ध स्रोत है। विटामिन डी की पूर्ति के लिए नाश्ते से दृढ़ अनाज शामिल कर आप अपने दिन की शुरुआत अच्‍छे से कर सकते है।

धूप

धूप

जी हां सूर्य की किरणों में विटामिन डी की प्रचुरता होती है। इससे शरीर को सीधे तरीके से विटामिन मिलता है।

मशरुम

मशरुम

मशरुम एक तरह का फफूंद है, जिसमें कई कीटाणु विरोधी एंटीबायोटिक्‍स पाए जाते है। मशरुम में प्राकृतिक रुप से विटामिन डी की अधिकता होती है। यह कैंसर और हार्ट डिजीज से बचाता है।

Desktop Bottom Promotion