साइना नेहवाल को हुआ एक्‍यूट गैस्ट्रोएन्टेराइटिस, जाने इसके लक्षण और बचाव

बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल को 'गैस्ट्रोएन्टेराइटिस' (जठरांत्र शोथ) की समस्‍या के वजह से अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी है। गैस्ट्रोएन्टराइटिस रोग को पेट का फ्लू (Stomuch Flu) कह सकते हैं। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें पेट और आंतों में इंफेक्‍शन और सूजन की वजह से होती है।

Saina Diagnosed with Acute Gastroenteritis, Know About the Symptoms, Causes and Treatments

इस बीमारी में सामान्‍यत: दस्त और उल्टी दोनों होती हैं। ऐसा बहुत कम होता है जब इस बीमारी में दोनों लक्षण ना दिखें। आज हम आपको इस बीमारी से जुड़े उन सामान्‍य लक्षणों के बारे में बता रहे हैं, जिसकी जानकारी होना जरूरी है।

 गैस्ट्रोएन्टराइटिस के सामान्‍य लक्षण

गैस्ट्रोएन्टराइटिस के सामान्‍य लक्षण

गैस्ट्रोएन्टराइटिस (जठरांत्र शोथ) में पेट में मरोड़ भी हो सकती है। संकेत और लक्षण आमतौर पर संक्रामक पदार्थ के संपर्क में आने के 12-72 घंटे बाद शुरू होते हैं।

बुखार, थकान और सिरदर्द

बुखार, थकान और सिरदर्द

यदि यह वायरल होता है, तो हालत आमतौर पर एक सप्ताह के भीतर ठीक हो जाती है। बुखार, थकान, सिर दर्द और मांसपेशियों में दर्द वायरल संक्रमण के आम लक्षण हैं।

मल में खून आना

मल में खून आना

अगर मल में खून आता है, तो इसका कारण वायरल की तुलना में बैक्टीरियल होने की संभावना ज़्यादा है। कुछ बैक्टीरियल संक्रमण के कारण गंभीर पेट दर्द हो सकता है और कई सप्ताह तक जारी रह सकता है।

निर्जलीकरण

निर्जलीकरण

रोटावायरस से संक्रमित बच्चे आमतौर पर तीन से आठ दिन का समय लेते है। लेकिन कभी कभी हालात गंभीर हो सकते है। इस समस्‍या में लगातार दस्त होना सामान्य है। अधिक दस्‍त के वजह से निर्जलीकरण की समस्‍या हो सकती है।

कुपोषण की समस्‍या

कुपोषण की समस्‍या

शरीर में तरल की अत्यधिक कमी होने से बच्चों में अन्य लक्षण भी हो सकते हैं। आमतौर पर गंदे और अविकसित क्षेत्रों में बार-बार संक्रमण होता है। इसके कारण कुपोषण और शारीरिक व मानसिक विकास में कमी जैसी जटिलतायें हो सकती हैं।

दूषित खाने के वजह से

दूषित खाने के वजह से

गर्मियों में अक्‍सर खाना संदूषित हो जाता है ऐसा खाना खाने के वजह से ‘गैस्ट्रोएन्टेराइटिस' (जठरांत्र शोथ) की समस्‍या हो जाती है। इसकी वजह से डायर‍िया और पेट दर्द होने लगता है।

दूषित पानी

दूषित पानी

कई बार हम यात्रा के दौरान दूषित पानी का सेवन कर लेते हैं या जिसकी वजह से भी हम इस फ्लू के चपेट में आ जाते हैं।

डॉक्‍टर की सलाह कब?

डॉक्‍टर की सलाह कब?

यदि आपके लक्षणों में पांच दिनों के भीतर कोई सुधार नहीं होता है तो डॉक्टर से सम्पर्क करें। यदि तीन महीने या उससे कम उम्र के बच्चे को 12 घंटे से लगातार दस्त या उल्टी हो रही हो, तो अपने डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करें।

गैस्ट्रोएन्टेराइटिस से बचाव

गैस्ट्रोएन्टेराइटिस से बचाव

जठरांत्र शोथ यानी जठरांत्र शोथ से बचने के ल‍िए कुछ चीजों का ध्‍यान रखना जरुरी है। गर्मी के मौसम में अक्‍सर इस बीमारी की समस्‍या ज्‍यादा देखने को मिलती है। आइए जानजे है कि किस तरह आप इस बीमारी से खुद का बचाव कर सकते हैं।- कहीं भी बाहर से आने के बाद अच्‍छी तरह से हाथ धोंए। तकरीबन 20 सैंकेंड तक हाथ अच्‍छे से धोने चाह‍िए।

- अगर आपके आसपास कोई व्‍यक्ति इस वायरस से संक्रमित है तो उसके निकट जाने से बचें। इसके अलावा उसकी इस्‍तेमाल की हुई चीजों के सम्‍पर्क में न आएं।

- आपके घर में कोई छोटा बच्‍चा है तो उसकी साफ-सफाई का विशेष ध्‍यान रखें। कहीं भी उसका डायपर न बदलें और फेंके।

- यात्रा के दौरान सीलबंद बोतल का पानी पीएं और बाहर बर्फ के सेवन से बचें। खुले पानी से जमी बर्फ दूषित होने की सम्‍भावना रहती हैं। अध पक्‍के भोजन को करने से बचें।

शरीर में इलेक्‍ट्रोलाइट्स की मात्रा बढ़ाने के ल‍िए बच्‍चे और वयस्‍क को ग्‍लूकोन डी मिले हुए तरल पदार्थ दे और ओआरएस को पीकर भी ड्रिहाइडेशन से बचकर इस पेट के फ्लू से बचा जा सकता है।

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