पावरनैप दूर कर देता है स्‍ट्रेस, 15 मिनट की झपकी ही काफी है

आप दिन में सोने से बचते है क्‍योंकि आपको लगता है कि इससे आपके लाइफस्‍टाइल पर फर्क पड़ता है तो आप गलत है। दरअसल दोपहर में बीस से तीस मिनट की नींद की झपकी आपको तंदरुस्‍त और स्‍वस्‍थ बनाएं रखती हैं। घर हो या दफ्तर आपको वर्कलोड के बीच 15 मिनट नि‍कालकर सोना चाह‍िए। दक्षिणी यूरोप में दोपहर के समय नैप या सिएस्ता की परंपरा लंबे समय से है।

आज भले ही कामकाज के आधुनिक माहौल में पावर नैप कहीं खो चुका हो लेकिन वैज्ञानिकों का दावा है कि अगर दोपहर में कुछ देर का पावर नैप लिया जाए तो इससे शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है और इसका पॉजिटिव इम्‍पैक्‍ट आपके वर्क पर भी नजर आता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक दोपहर के आसपास शरीर का थकना और एकाग्रता में कमी आना बहुत ही सामान्य जैविक प्रक्रिया है। ऐसा शरीर की बायोरिदम के चलते होता है। कई लोगों को दोपहर बाद जम्हाइयां भी आने लगती हैं। आइए जानते है पॉवर नैप के फायदों के बारे में।

 8 से 30 मिनट की होती है पावर नैप

8 से 30 मिनट की होती है पावर नैप

वैज्ञानिकों के मुताबिक दोपहर के समय पावर नैप लेना बेहतर है वैसे पॉवरनैप 8 से 30 मिनट की होती है,अगर ज्यादा नींद आती हो तब भी एक घंटे से ज्यादा किसी भी कीमत पर नहीं सोना चाहिए क्योंकि इससे बॉडी क्‍लॉक प्रभावित हो सकता है।

तनाव होता है कम

तनाव होता है कम

काम करने के दौरान महज 15-20 मिनट की झपकी लेकर आप स्ट्रेस फ्री हो सकते हैं। रिसर्च में पाया गया है कि उन लोगों में स्ट्रेस हॉर्मोन का लेवल बहुत ही कम होता है जो काम के दौरान बीच-बीच में झपकी से खुद को रिलैक्स करते रहते हैं। इतना ही नहीं झपकी (पावर नैप) लेने के बाद से माइंड दोगुनी स्पीड से काम करता है।

हार्ट के ल‍िए अच्‍छा

हार्ट के ल‍िए अच्‍छा

झपकी लेना सिर्फ माइंड ही नहीं पूरी बॉडी के लिए अच्छा होता है। इससे दिल से जुड़ी बीमारियों के होने की पॉसिबिलिटी काफी हद तक कम हो जाती है। साथ ही अर्ली डेथ की समस्या से भी दूर रहा जा सकता है।

दिमाग रखे तंदरुस्‍त

दिमाग रखे तंदरुस्‍त

नासा द्वारा की गई रिसर्च की मानें तो 30 मिनट की झपकी लेकर आप अपने दिमाग के काम करने की स्पीड को 40% तक बढ़ा सकते हैं। अल्जाइमर और भूलने की बीमारी होने की संभावना भी कम हो जाती है।

इम्यूनिटी बढ़ाता है

इम्यूनिटी बढ़ाता है

पावरनैप बॉडी की इम्यूनिटी पावर बढ़ाता है जिससे बीमारियों के होने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। सोने से बॉडी के हेल्दी टिश्यूज को बनने के लिए समय मिल जाता है जो बॉडी की मरम्मत करने के साथ ही कई गंभीर बीमारी के जर्म्स और बैक्टीरिया से भी आसानी से लड़ सकते हैं।

Story first published: Friday, March 15, 2019, 15:58 [IST]
Desktop Bottom Promotion