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पुराने जोड़ों के दर्द और मुंह के छालों को जड़ से खत्म कर देता है ये पौधा
दुनियाभर में कई बीमारियों का इलाज घर में ही किचन में मिल जाता है। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं अडूसा के फायदे। यह एक झाड़ीदार पौधा है और इसके फूल सफेद होते हैं। आपको बता दें कि यह पेड़ जड़ी-बूटी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। वहीं आज हम आपको बताने जा रहे हैं इससे होने वाले लाभ के बारे में। अडूसे का प्रयोग दमा जैसी बीमारी से बचने के लिए भी किया जाता है। कफ के प्रकोप से बचने के लिए भी यह उपयोगी है। यह कफ को पूरी तरह से पिघलाकर शरीर से बहार निकलने में बहुत ही सहायक होता है। अडूसे का उपयोग ख़ासी, बुखार, पीलिया आदि बीमारियों को ठीक करने के लिए भी किया जाता है। इसके पत्तो को सूखी, कच्ची जड़ी - बूटी को बेचने वाली दुकान से खरीदा जा सकता है।

मुंह के छालों को करता है दूर
अडूसा के दो से तीन पत्तों को चबाकर उसके रस को चूसने से छाले ठीक होते हैं। आप ध्यान रखे कि चबाए हुए पत्तों का रस चूसकर थूक देना चाहिए।

दांतों और मसूड़ों के दर्द में
अडूसा की लकड़ी से दातुन करने से दांतों और मसूड़ों की समस्या ठीक होती है। इसी के साथ इससे नियमित दातुन किया जाए तो दांतों व मसूड़ों के दर्द में राहत हो जाती है।

श्वास संबंधित सभी रोगों के लिए
अडूसा के ताजे पत्तों का रस निकालने के बाद इसमें शहद मिलाकर चाटने से खांसी और सांस संबंधित समस्याएं ठीक होती हैं। इसी के साथ सूखी खांसी दूर करने के लिए अडूसा के पत्ते, मुनक्का और मिश्री का काढ़ा दिन में तीन से चार बार पीने से सूखी खांसी ठीक हो जाती है।

मासिक धर्म में
महिलाओं के मासिक धर्म में अनियमितता को ठीक करने के लिए भी अडूसा का इस्तेमाल करें। अडूसा के 10 ग्राम पत्ते, मूली और गाजर के बीज 6 ग्राम लेकर आधा लीटर पानी में उबालें और जब यह पानी एक चौथाई शेष रह जाए तो यह काढ़ा पीने से मासिक धर्म की समस्याएं ठीक होंगी। इसी के साथ ही अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या भी दूर हो जाती है।

मूत्र दोष
जिन लोगों को पेशाब ठीक से नहीं आती है या फिर उन्हें बार-बार जाना पड़ता है उनके लिए खरबूजे के 10 ग्राम बीज और अडूसा के 10 ग्राम पत्ते लेकर अच्छी तरह पीसकर खाने से इस समस्या से छुटकारा मिल जाता है।

अडूसा के फायदे गठिया में
गठिया के दर्द और सूजन को कम करने के लिए वसाका जड़ी-बूटी का उपयोग किया जाता है। इसमें पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लामेटरी गुण अर्थराइटिस की सूजन को कम करने में सहायक होते हैं। वासा के पत्तों का पेस्ट सूजन वाली जगह पर लगाने से जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत मिलती है।



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