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महिलाओं के लिए जरूरी है ये न्यूट्रीशंस, आज से ही डाइट में करें शामिल
क्या आप हेयर फॉल की समस्या से परेशान है, क्या आपको दिन में कई बार हाथ-पैर में झनझनाहट का अनुभव होता है, या आप अक्सर थकान और सुस्ती महसूस करते हैं? अगर आपका जवाब भी हां है तो ये आपके लिए अलार्मिंग सेचुएशन है, जिसके बाद आपको अपने खानपान को लेकर अलर्ट होने की जरूरत है। देखा जाए तो, अधिकांश महिलाओं में उम्र बढ़ने के साथ-साथ न्यूट्रीशंस की कमी होने लगती है। पहले पीरियडस, फिर प्रेगनेंसी और फिर मेनोपॉज ,उम्र के हर पड़ाव में उसे अलग-अलग समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है। इसलिए ये जरूरी है कि एक निश्चित उम्र के बाद से ही महिलाएं अपनी डाइट को लेकर खास ध्यान दें। यहां हम आपको उन न्यूट्रीशंस के बारे में बताने वाले है, जिन्हें हर महिला को अच्छी सेहत पाने के लिए अपनी डाइट में शामिल करना जरूरी है।

1. कैल्शियम
कैल्शियम न केवल हड्डियों की मजबूती और ग्रोथ के लिए आवश्यक है, बल्कि यह हमारे हार्ट, मसल्स और नर्वस सिस्टम के सुचारू रूप से काम करने में भी मदद करता है।
कमी के लक्षण: मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी, अंगुलियों में झनझनाहट, असामान्य हार्ट बीट।
आपको प्रतिदिन कितना चाहिए: वयस्क महिलाओं के लिए 800एमजी, 51 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए 1000एमजी, गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए 1000एमजी-1200एमजी
कैल्सियम के सोर्स: दूध, पनीर, दही, हरी पत्तेदार सब्जियां, बीन्स।

2. फोलिक एसिड
रेड ब्लड सेल्स के निर्माण के लिए फोलिक एसिड जरूरी है। खासकर प्रेगनेंसी के शुरुआती पीरियड में यह भ्रूण के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के निर्माण में मदद करता है।
कमी के लक्षण: थकान, कमजोरी, सांस की तकलीफ, पीली त्वचा, बालों का झड़ना और मेगालोब्लास्टिक एनीमिया।
आपको प्रतिदिन कितना चाहिए: वयस्क महिलाओं के लिए 400 एमसीजी, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए 500 एमसीजी-600 एमसीजी।
फोलिक एसिड का सोर्स: साबुत अनाज की रोटी, बीन्स, मटर, दाल, शतावरी, अंडे, पत्तेदार साग, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, ब्रोकली और नट्स।

3. आयोडीन
आयोडीन शरीर को थायराइड हार्मोन, थायरोक्सिन और ट्राईआयोडोथायरोनिन बनाने में मदद करता है, जो मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है। यह भ्रूण और छोटे बच्चों में हड्डियों और मस्तिष्क के विकास में भी सहायता करता है।
कमी के लक्षण: थकान, सुस्ती, वजन बढ़ना, कब्ज, ड्राई स्किन और हेयर, और अत्यधिक ठंड लगना।
आपको प्रतिदिन कितना चाहिए: वयस्क महिलाओं के लिए 150 एमसीजी, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए 220 एमसीजी-290 एमसीजी।
आयोडीन के सोर्स : मछली और शेलफिश जैसे मैकेरल, सीप, मसल्स, स्क्विड और झींगा, साथ ही दूध, पनीर, दही और अंडे।

4. आयरन
यह हमारे शरीर के सभी टिश्यूज और ऑर्गन तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए जरूरी है।
कमी के लक्षण: थकान, कमजोरी, पीली त्वचा, सांस लेने में तकलीफ, बालों का झड़ना और टूटते नाखून।
आपको प्रतिदिन कितना चाहिए: वयस्क महिलाओं के लिए 18 मिलीग्राम, 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए 8 मिलीग्राम और गर्भवती मां के लिए 27 मिलीग्राम।
आयरन के सोर्स: रेड मीट जैसे बीफ और पोर्क, शेलफिश, बीन्स, पालक और छोले।

5. विटामिन बी 12
ये विटामिन ब्रेन के फंक्शन, नर्व टिशू हेल्थ, रेड ब्लड सेल्स बनाने और एनर्जी लेवल बढ़ाने में मदद करता है।
कमी के लक्षण: थकान, कमजोरी, नर्व डैमेज, मेगालोब्लास्टिक एनीमिया, डिप्रेशन, मेमोरी लॉस और डिमेंशिया।
आपको प्रतिदिन कितना चाहिए: वयस्क महिलाओं के लिए 2.4 एमसीजी और गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए 2.6 एमसीजी-2.8 एमसीजी।
विटामिन बी 12 का सोर्स: बीफ, टूना, फोर्टिफाइड न्यूट्रीशनल यीस्ट, सार्डिन और च़ीज।

6. विटामिन डी
हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए कैल्शियम के अब्जॉर्प्शन को बढ़ाता है, इसके अलावा ये इम्यूनिटी बढ़ाने में भी मददगार है।
कमी के लक्षण: हड्डी और पीठ में दर्द, डिप्रेशन, स्ट्रेस, बार-बार बीमार पड़ना, थकान, सुस्ती और घाव भरने में दिक्कतें आती है।
आपको प्रतिदिन कितना चाहिए: वयस्क महिलाओं के लिए 2.5 एमसीजी, और गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए 10 एमसीजी।
विटामिन डी के सोर्स : अंडे की जर्दी, ऑइली फिश और फोर्टिफाइड दूध।

7. जिंक
इम्यून हेल्थ और मेटाबॉलिक फंक्शन को बढ़ाता है और सूजन को कम करता है।
कमी के लक्षण: घाव भरने में देरी, बालों का झड़ना, भूख कम लगना, स्मैल और टेस्ट सेंस में कमी, लो इम्यूनिटी और डिप्रेशड मूड।
आपको प्रतिदिन कितना चाहिए: वयस्क महिलाओं के लिए 8 मिलीग्राम, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए 10 मिलीग्राम-12 मिलीग्राम।
जिंक के सोर्स: रेड मीट, पोल्ट्री, सीप, नट, बीज और फोर्टफाइड अनाज



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