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आपकी लग्जरी कार बन सकती है आपकी बीमारी की वजह, जानें कैसे
अगर आप यह सोचते हैं कि किसी प्रदूषित सड़क पर आप अपनी कार के अंदर हैं तो सुरक्षित हैं तो यह आपकी भूल है। सड़कों पर वाहनों से निकलता हुआ धुंआ आपकी दिल की सेहत के लिए खतरनाक है।
दूसरी गाड़ियों से निकलते हुए धुंए के साथ-साथ आपकी बंद कार में कणों की वजह से बनता प्रदूषण भी आपकी सेहत पर बुरा प्रभाव डालता है। इसके अलावा कार में बंद घंटों एसी में बैठे रहने से भी आप बीमार हो सकते हैं। इसलिए आज हम आपको कार की वजह से होने वाली बीमारियों के बारे में बता रहे हैं।

एयर कंडीशनर
आजकल सभी एसी कारों में चलना पसंद करते हैं, लेकिन लंबे समय तक एसी में रहने की वजह से लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर होने लगता है, जिससे शरीर मौसमी और सामान्य बीमारियों से भी लड़ने में नाकाम होने लगता है।

इन्फेक्शन
कार के दरवाजे, स्टेरिंग व्हील,ड्राविंग सीट, डिग्गी आदि पर अक्सर लोगों के हाथ बार-बार लगते हैं जिस से उन जगहों पर धूल प्रदूषण की वजह से मौजूद सर्दी जुकाम के अलावा कई अन्य इन्फेक्शन फैलाने वाली बीमारियों वाले बैक्टीरिया शरीर में पहुँच जाते हैं। ऐसे में बीमारियों और इन्फेक्शन से बचने के लिए सप्ताह में कम से कम 2-3 बार कार को साफ करें।

तनाव
आज के दौर में युवा हमेशा तनाव और डिप्रेशन का शिकार रहते हैं, इसका एक कारण कार भी है क्योंकि आफिस के बाद ट्रैफिक जाम की वजह से लोगों का अधिकांश समय कार या कैब में गुजरता है, जिससे धीरे धीरे फ्रस्ट्रेशन बढ़ती है और डिप्रेशन के लक्षण आने लगते हैं।

खान पान की गलत आदतें
ऑफिस के बिजी शेड्यूल की वजह से अक्सर लोग बेवक्त अनहेल्दी खाना खाते हैं, कई बार कार में ट्रेवल करते समय नाश्ता या खाना खाने की गलत आदतें भी कार में बीमारी फैलाने वाले बैक्टीरिया को पैदा करती हैं। ऐसे में हमेशा कार से बाहर आकर ही खाना खाएं।

कार के अंदर भी होता है प्रदूषण
एक नए अध्ययन के मुताबिक कार के केबिन में कुछ हानिकारक कणों की मात्रा ज्यादातर उच्च स्तर की होती है, जितना पहले अनुमान लगाया गया था, तकरीबन उसकी दोगुनी तक ज्यादा होती है।
इस अध्ययन के निष्कर्ष में कारों के अंदर प्रदूषण का पता चला है, जिसमें उन केमिकल्स की मात्रा दो गुनी पाई गई जो ऑक्सीडेटिव तनाव पैदा करते हैं, जिससे श्वसन और हृदय रोग, कैंसर और कुछ प्रकार की न्यूरो-डीजेनेरेटिव बीमारियों सहित कई रोग पैदा होते हैं।



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