उड़द की दाल के छिलकों को बनाते हुए इसे न फेंके, जानें इसे खाने के फायदे

काली उड़द को लोग ज्यादा इस्तेमाल करते हैं क्योंकि उसे ज्यादा फायदेमंद दाल माना गया है। उड़द की दाल में कई तरह के पोषक तत्त्व होते हैं। उड़द दाल कई बीमारियों जैसे नकसीर, यौन संबंधी परेशानियां, बुखार, सूजन आदि में मदद करती है। उड़द की दाल में आयरन, फैट, जिंक, कैल्शियम और पोटेशियम जैसे पोषक तत्त्व होते हैं। यह गर्मियों में कई स्वास्थ्य लाभ देती है। ये तो केवल उड़द की दाल के फायदे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि उड़द की दाल का छिलका जिसे आप फेंक देते हैं, वह स्वास्थ्य को कई लाभ देते हैं।

एंटी-एजिंग में भी मददगार

एंटी-एजिंग में भी मददगार

जिन लोगों की उम्र बढ़ रही है और चेहरे पर झुर्रियां आ रही हैं तो वो लोग भी इन छिलकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन्हें खा सकते हैं या चेहरे पर लगा सकते हैं। पर खाने से ज्यादा फायदा मिलता है।

बालों के लिए फायदेमंद

बालों के लिए फायदेमंद

उड़द दाल के छिलकों का फायदा केवल बालों को ही नहीं बल्कि त्वचा को भी मिलता है। इन छिलकों को आप कोई रेसिपी में इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा इसका लेप चेहरे पर लगाने से ढीली स्किन टाइट होती है। उड़द दाल के छिलकों को चेहरे पर लगाने के लिए आप इन छिलकों को धूप में अच्छे सुखा लें। फिर उसका पाउडर बनाकर उसमें नींबू की कुछ बूंदे डालकर और राइस पाउडर मिला लें। फिर चेहरे पर लगाएं। इससे चेहरा जवां दिखेगा।

उड़द की दाल के छिलकों को बनाते हुए इसे न फेंके, जानें इसे खाने के फायदे । Boldsky
महिलाओं के ल‍िए फायदेमंद

महिलाओं के ल‍िए फायदेमंद

उड़द की छिलके वाली दाल यह उन महिलाओं के लिये उपयुक्त है जिन्हें भारी माहवारी होती है, क्योंकि उनके अंदर आयरन की कमी हो जाती है। इसमें रेड मीट के मुकाबले कई गुना आयरन होता है और न हाई कैलोरी होती है और न ही फैट होता है।

कब्ज से रखे दूर

उड़द दाल के छिलकों के फायदे बताते हुए कहा क‍ि एनर्जी बूस्ट करते हैं और यह फाइबर कब्ज से भी राहत दिलाता है। जिन लोगों को उड़द दाल खाने से गैस बनती है तो वे उसे उबालकर खा सकते हैं या भीगे हुए छिलकों को खाने से भी कब्ज नहीं बनती। छिलकों को भिगोने से और भी ज्यादा फायदा मिलता है। इसके अलावा छिलकों में प्रोटीन भी प्रचूर मात्रा में होता है जो मांसपेशियों को मदद करता है।

उड़द दाल से छिलका कैसे निकालें

उड़द की दाल को पहले अच्छे से पानी में भिगो दें। उसमें इतना पानी डाल दें कि दाल पानी के नीचे चली जाए। इसे एक दिन के लिए भिगो कर रखें। शाम को दाल को हाथ से मसलकर दाल से छिलका अलग कर लें। दाल और छिलके पानी को अच्छे सो सोक लेते हैं, जिससे आसानी से ये छिलके दाल से अलग हो जाते हैं। अब दाल को अलग कर लें। बर्तन में बचे हुए छिलकों को छन्नी से छानकर पानी अलग कर लें और छिलके अलग कर लें।

Desktop Bottom Promotion