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तनाव मिटा कर रिलैक्स करती है 'बुनाई', जानें और क्या कहती है स्टडी
हमने दादी और नानी को स्वेटर, दस्ताने और मफलर इत्यादि बुनते देखा है। शौक-शौक में थोड़ी बहुत बुनाई भी सीखी, लेकिन तकनीक के इस दौर में अब हाथ से स्वेटर बुनने में समय लगाने के बजाए रेडीमेट स्वेटर ज्यादा पसंद किए जाने लगे हैं।

लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि यही बुनाई आपको गुस्से और तनाव से बचाती है और आपके मन को शांत रखती है। असल में हाल ही में हुई एक स्टडी में खुलासा हो चुका है कि बुनाई से मन शांत रहता है और दिमाग भी बेहतर ढंग से काम करता है। तो आइए जानते हैं कि आखिर किस तरह सरल सी बुनाई हमें तनाव जैसी गंभीर बीमारी से दूर रख सकती है।
कैसे कारगार है बुनाई

इस स्टडी के दौरान बुनकरों ने माना है कि बुनाई के इस शौक के कारण उनकी सेहत और बेहतर हुई है। ब्रिटिश जर्नल ऑफ ऑक्युपेशनल थेरेपी में छपी इस स्टडी के अनुसार 81 प्रतिशत लोगों ने माना कि बुनाई करके उन्हें बहुत अच्छा महसूस होता है। रंगीन ऊनों की सॉफ्टनेस और सिलाईयों की उधेड़बुन दिमाग में सेरोटोनिन नामक तत्व का प्रवाह करती है। इसी कारण मूड एकदम से फ्रेश हो जाता है और किसी भी तरह के शारीरिक दर्द से राहत भी मिलती है।
2007 में भी इसी विषय पर हुई एक और स्टडी में साफ हो चुका है कि लगातार बुनाई करने से नियमित रूप से हृदय की दर 11 बीट प्रति मिनट तक कम कर सकता है और शांति की भावना को बढ़ावा देता है। साथ ही इससे दिमागी शक्ति बढ़ती है और हल्के संज्ञानात्मक हानि के विकास की संभावना को कम करता है।
कुछ और हेल्दी फायदे

बुनाई से शरीर को बहुत आराम मिलता है और यह ठीक मेडीटेशन की तरह काम करती है।
चूंकि बुनाई के दौरान दिमाग पूरी तरह व्यस्त होता है और इसी के चलते दिमाग के मोटर फंक्शन बेहतर होते हैं जिसकी वजह से पार्कीसन जैसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को आराम मिलता है।
कुछ ऊन के गोलों को पूरा करके और उससे कुछ पहनने लायक बनाना आपको एहसास करवाता है कि आपने कुछ किया है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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