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मैग्नीशियम की ओवरडोज हो सकती है हानिकारक, जानें प्रतिदिन कितनी मात्रा जरूरी
मैग्नीशियम आपके शरीर में कई महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और हमें स्वस्थ जीवन जीने के लिए इस न्यूट्रीशंस को पर्याप्त मात्रा में लेने की आवश्यकता है। मैग्नीशियम सैकड़ों एंजाइमों के कार्य को नियंत्रित करता है, ये एक महत्वपूर्ण इलेक्ट्रोलाइट के रूप में कार्य करता है और आपके शरीर को प्रोटीन बनाने में मदद करता है। यह एक अन्य आवश्यक मिनरल के साथ मिलकर काम करता है।" लेकिन क्या आपको पता है कि जो डाइट और सप्लीमेंट आप ले रहे है उसमें कितनी मात्रा मैग्नीशियम की है। यानि कहीं आप मैग्नीशियम की पूरी करने के चक्कर में इसकी ओवर डोज तो नहीं ले रहे। यहां हम आपको बताएंगे कि अधिक मात्रा में या गलत तरीके से मैग्नीशियम लेने पर आपकी बॉडी पर क्या प्रभाव पड़ता है-

मैग्नीशियम क्या है?
मैग्नीशियम एक मिनिरल है जो हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक है। ये हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार है। आमतौर पर लोगों को मैग्नीशियम उनकी डाइट से प्राप्त होता है लेकिन, कई बार जब शरीर में इसकी बहुत कम मात्रा हो तब इसके सप्लीमेंट लेने की सलाह दी जाती है। शरीर में मैग्नीशियम की कम मात्रा होने से ऑस्टियोपोरोसिस, हाई ब्लड प्रेशर, क्लोज्ड आर्टरी, डायबिटीज और स्ट्रोक की चपेट में आने का खतरा रहता है।

बताई गई दवाईयों का इश्यू
अगर आप मैग्नीशियम युक्त सप्लीमेंट शुरू कर रहे है तो इससे पहले हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि इस वजह से आपको फायदा होने की वजह से नुकसान हो सकता है। मैग्नीशियम कुछ प्रकार के एंटीबायोटिक दवाओं और अन्य दवाओं का सप्लीमेंट का है। लेकिन अगर आप मैग्नीशियम की खुराक लेने पर विचार कर रहे हैं, तो अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पहले इससे जुड़ी सभी जानकारी जुटा लें, ताकि आपको इसकी कितनी मात्रा लेनी है ये आप अच्छे से जान सकें। खासकर यदि आप नियमित रूप से मैग्नीशियम युक्त एंटासिड या लेक्साटिवस का उपयोग करते हैं।"

किडनी से संबंधित समस्याएं
एक्सपर्टस की मानें तो बहुत अधिक मैग्नीशियम (प्रतिदिन 400 मिलीग्राम या उससे कम) लेने से किडनी संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। क्यूंकि ये कुछ मेडिकल स्थितियां, जैसे किडनी की समस्याएं, मैग्नीशियम के बनने और टॉक्सिटी के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। और मैग्नीशियम कुछ दवाओं के अवशोषण को भी कम कर सकता है।

ब्लडप्रेशर के लिए मैग्नीशियम
एक्सपर्टस का कहना है कि जो लोग हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए मैग्नीशियम लेते हैं, उन्हें इसके सप्लीमेंट से जुड़ी जानकारी नहीं है। डेटा से पता चलता है कि ब्लड प्रेशर पर मैग्नीशियम का प्रभाव न्यूनतम और महत्वहीन है। इसलिए ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए मैग्नीशियम की खुराक पर भरोसा नहीं करना चाहिए। बल्कि सप्लीमेंट चुनते समय कुछ बातें ध्यान रखने की सिफारिश की गई है। जैसे कि वो यूएसपी वेरिफाइड मार्क, कंज्यूमर लैब एप्रूवड क्वालिटी, एनएसएफ मार्क और अंडरराइटर्स लैबोरेट्रिज हो।

जीआई मुद्दे
बहुत अधिक मैग्नीशियम लेने से लैग्जेटिव/रेचक प्रभाव हो सकता है, जिससे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं हो सकती हैं। खाद्य पदार्थों से बहुत अधिक मैग्नीशियम लेना हेल्दी एडल्टस के लिए चिंता का विषय नहीं है। हालांकि, सप्लीमेंट के लिए भी ऐसा नहीं कहा जा सकता है। सप्लीमेंट या दवाओं से मैग्नीशियम की हाई खुराक मतली, पेट में ऐंठन और दस्त का कारण बन सकती है।

फूड जिसमें मैग्नीशियम ज्यादा होता है
एक्सपर्टस सप्लीमेंट की बजाय भोजन से मैग्नीशियम प्राप्त करने की सलाह देते हैं। और मैग्नीशियम की आवश्यकताओं को पूरा करने का सबसे अच्छा तरीका विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ जैसे फलियां, नट, बीज, साबुत अनाज और डेयरी प्रोडक्ट है। तो अगर आप अपने मैग्नीशियम लेवल को लेकर चिंतित हैं या आपको संदेह है कि आपमें मैग्नीशियम की कमी हो सकती है, तो इसका सप्लीमेंट लेने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर बात करें। देखा जाए तो मैग्नीशियम अगर स्वाभाविक रूप से आपके खाने में मौजूद है तो ये हानिकारक नहीं है और इसे सीमित करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इसकी अधिक मात्रा शरीर से स्वत: ही बाहर निकल जाती है। लेकिन सप्लीमेंट की गलत डोज नुकसानदेह साबित हो सकती है।



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