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Mental Health Tips: क्या आपको है विंटर डिप्रेशन तो इस तरीकों से खुद की करें मदद

सीजनल इफेक्टिव डिसऑर्डर (SAD) डिप्रेशन का रूप है। जो हर साल एक ही वक्त पर होता है। ये डिप्रेशन अधिकतर सर्दियों के मौसम में अटैक करता है। इसे सीजनल डिप्रेशन के रूप में आम भाषा में जाना जाता है। ये डिप्रेशन आपके लाइफस्टाइल, डाइट, नींद ना आना, भावात्वक रूप से कमजोर कर देने वाला होता है। इस अवसाद से ग्रस्त शख्स को आप गर्मियों के मौसम में बिल्कुल अलग व्यक्तिव के साथ देख सकते हैं। लेकिन सर्दियों में इस डिप्रेशन के कारण व्यवहार में भी बदलाव हो जाता है। रिसर्च के मुताबिक SAD लगभग 1 फीसदी से 2 प्रतिशत लोगों को अपनी चपेट में ले लेता है। जिसमें ज्यादातर महिलाएं और यंगस्टर्स होते हैं।
सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर (SAD) को कैसे पहचान सकते हैं?
कम रोशनी में रहना, सर्दियों का अच्छा ना लगना, उदास रहना, थका हुआ महसूस करना इसके कॉमन लक्षण है। अगर आपके लक्षण हर साल लगभग एक ही समय में सामने आते हैं, तो ये आपकी लाइफ में परेशानी की सबब बन सकता है। मौसम बदलने पर व्यक्ति में सुधार हो जाता है।
आप को हर वक्त सोने का मन करेगा।
सोने में परेशानी होगी
थका हुआ महसूस करेंगे
डेली रूटीन के काम भी बोझिल लगेंगे
भूख ना लगना या मीठा अध्क पसंद होना
वजन बढ़ने की चिंता
दुखी, और खुद को दोषी ठहराना
खुद ही किसी वजह से निराश होना
उन एक्टिविटी से बचना जिसे आप पसंद करते हैं
तनावग्रस्त महसूस करना
सेक्स में रुचि खो देना

इत तरह की लक्षण होने पर एक सटीक निदान की जरूरत होती है, नहीं तो आगे चलकर ये आपकी आने वाली लाइफ में हमेशा प्रॉबलम बनता रहेगा। इसके लिए अपने चिकित्सक से परामर्श करें और अपने मनोदशा को बढ़ावा देने और अपने अवसाद के लक्षणों को मैनेज करने के लिए प्रभावी ट्रीटमेंट लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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