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नकुल मेहता के बेटे सूफी को हुआ इनगुइनल हर्निया, जानें इस बीमारी के कारण और बचाव का तरीका
टीवी एक्टर नकुल मेहता और सिंगर जानकी पारेख ने फरवरी में पहले बच्चे को जन्म दिया था। बेटे नाम उन्होंने सूफी रखा है। दो महीने के सूफी का हाल ही में इनगुइनल हर्निया का ऑपरेशन हुआ है। जानकी पारेख ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर सूफी की सर्जरी के बारे में बताया है।

जानकी इंस्टग्राम पर लिखा- पहले मैंने सोचा था कि मैं अपनी स्टोरी नहीं बताउंगी लेकिन सबने अपनी कहानी शेयर की है तो मुझे भी हिम्मत मिली है। तीन हफ्ते पहले हमे सूफी की बीमारी के बारे में पता चला, जिसके बाद डॉक्टर ने सर्जरी के लिए कहा। मेरे बच्चे को सर्जरी से गुजरना पड़ेगा ये सोचकर मैं बहुत दुखी हुई, लेकिन फिर मैंने फैसला लिया कि मैं अपने बच्चे को सर्जरी के लिए तैयार करुंगी। सर्जरी के दिन सूफी को ऑपरेशन के अनुसार दूध दिया गया। सूफी की सर्जरी सफल रही है। मेरा चैंपियन सूफी बहुत अच्छा कर रहा है और वह पूरी तरह से स्वस्थ है। चलिए जानते हैं इनगुइनल हर्निया क्या है इसके लक्षण और बचाव के तरीके।

हर्निया क्या है
शरीर का कोई जब अपनी कंटेनिंग कपैसिटी यानी या फिर झिल्ली से बाहर निकाल आता है तो इसे हर्निया कहते है। हर्निया में बहुत तेज दर्द होता है, दर्द की वजह से चलने फिरने में दिक्कत होती है, कुछ मरीज को उलटी भी सकती है। हर्निया का इलाज ऑपरेशन से ही मुमकिन है। कुछ सावधानियों से इस समस्या को गंभीर होने से रोका जा सकता है।

इनगुइनल हर्निया
हर्निया पांच प्रकार की होती है। इनगुइनल हर्निया, हाइटल हर्निया, अम्बिलिकल हर्निया, स्पोर्ट्स हर्निया और इंसिजनल हर्निया। इनगुइनल हर्निया सबसे कॉमन हर्निया है। नकुल मेहता के बेटे सूफी को भी इनगुइनल हर्निया हुआ था। इनगुइनल हर्निया सबसे कॉमन हर्निया है। यह तब होता जब पेट के निचले हिस्से की परत में छेद या फिर आंत उभर जाती है। इनगुइनल हर्निया जांघ की नलिका के पास होती है। इनगुइनल हर्निया महिलाओं की तुलना में पुरुषों को अधिक होता है। इनगुइनइल हर्निया में ग्रोइन में दर्द और जलन होता है वहीं सूजन और गांठ भी महसूस होती है।

हर्निया होने का कारण
हर्निया न्यू बोर्न बेबी को भी हो सकता है। समय के साथ पेट की कमजोर परत का हिस्सा विकसित होना। पेट की गुहा में दबाव पड़ने से पेट की कमजोर परत पर तनाव पैदा होता है, जिसकी वजह से हर्निया हो सकता है। मांसपेसियों के कमजोर होने का कारण गर्भ के समय बच्चे की पेट की परत सही तरीके से विकसिन नहीं हो पाती है, जो कि जन्मजात दोष होता है। वहीं गर्भावस्था के दौरान पेट पर दबाव, भारी वजन उठाना वा कब्ज हर्निया का कारण हो सकता है। हर्निया बढ़ती उम्र की वजह से भी हो सकता है।

हर्निया से बचाव
हर्निया से बचाव केवल ऑपरेशन से ही किया जा सकता है। हर्निया के जोखिम को कम किया जा सकता है। हर्निया से बचाव के लिए पेट पर पड़ने वाले दबाव को कम करना चाहिए, जिससे पेट के निचले वा कमजोर हिस्से पर दबाव ना पड़े। हर्निया से बचाव के लिए वजन को नियंत्रित रखना चाहिए। हेल्दी डाइट लेना चाहिए साथ ही कब्ज से बचने के लिए नियमित व्यायाम करें। बार- बार खांसी से बचना चाहिए वहीं धूम्रपान नहीं करना चाहिए। अगर आपको हर्निया के शुरुआती लक्षण दिखते है तो आप डॉक्टर से इसकी जांच कराएं और समय पर इसका इलाज कराएं।



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