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इन वजहों से न्यू मॉम्स की फिजिकल एक्टिविटी हो जाती है कम, रिसर्च से पता चला
एक रिसर्च के अनुसार, छोटे बच्चों वाली माओं में मीडियम से हाई एक्सरसाइज के जरूरी लेवल को पाने की संभावना सबसे कम होती है। ये आधी से भी कम महिलाएं करती हैं। फिजिकल एक्टिविटी, विशेष रूप से जब ये मीडियम से ज्यादा होती है, तो इसके कई फिजिकल बेनिफिट्स होते हैं, कैंसर से लेकर टाइप 2 डायबिडिज और हार्ट प्रॉबमल तक की बीमारियों की एक काफी बड़ी रेंज के जोखिम को कम करते हैं, साथ ही हेल्थी वजन बनाए रखने में मदद करते हैं। और बेहतर मेंटल हेल्थ भी प्राप्त होती है।

फिजिकल एक्टिविटी वालें पेरेंट्स के बच्चों से मजबूत संबंध
सबूत बताते हैं कि फिजिकल एक्टिविटी वाले पेरेंट्स की डेली रूटीन की चुनौतियों से निपटने में ये मदद कर सकती है और अगर वे एक साथ सक्रिय हैं तो बच्चों के साथ संबंध मजबूत कर सकते हैं। हालांकि, बच्चो के पेरेंट्स गैर-पेरेंट्स की तुलना में कम एक्टिव होते हैं।
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी और साउथेम्प्टन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने ब्रिटेन के साउथेम्प्टन महिला सर्वे में भाग लेने वाली 848 महिलाओं के डेटा का एनालिस्ट किया। 20-34 साल की आयु की महिलाओं को 1998 और 2002 के बीच भर्ती किया गया था और बाद के सालो में उनको फॉलो किया किया गया। उनकी एक्टिविटी के स्तर का आकलन करने के लिए उन्हें एक्सेलेरोमीटर दिया गया था।
स्कूल-एज ग्रुप के बच्चों वाली महिलाओं ने प्रति दिन औसतन लगभग 26 मिनट मीडियम से हाई फिजिकल एक्टिविटी की, जबकि केवल छोटे बच्चों (चार साल या उससे कम आयु) वाली आओं ने प्रति दिन लगभग 18 मिनट का मैनेजमेंट किया।
एक से ज्यादा बच्चे होने का मतलब है कि मॉम्स प्रति दिन केवल लगभग 21 मिनट मीडियम से हाई फिजिकल एक्टिविटी कर पाती हैं, लेकिन दिलचस्प बात ये है कि पांच साल से कम उम्र के कई बच्चों वाली मॉमेल ने स्कूली उम्र के बच्चों की तुलना में अधिक लाइट से हाई फिजिकल एक्टिविटी की।
50 फिसदी से कम माओ ने अपने बच्चों की एज की परवाह किए बिना मीडियम से हाई फिजिकल एक्टिविटी (150 मिनट पर वीक) के रिकमडेड रेंज को पूरा किया।

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में मेडिकल रिसर्च काउंसिल (MRC) एपिडिमियॉलजी से डॉ कैथरीन हेस्केथ ने कहा, "जब आपके छोटे बच्चे होते हैं, तो पेरेंट्स की ज़िम्मेदारियां बहुत अधिक हो सकती हैं, और वक्त के बाहर एक्टिव होने के लिए समय निकालना अक्सर कठिन होता है।" वो सारा वक्त अपने बच्चों की देखभाल में बिताते हैं। इसलिए एक्सरसाइज अक्सर उनके रास्ते से हटने वाली पहली चीजों में से एक है, और इसलिए ज्यादातर फिजिकल एक्टिविटी जो मांएं करती हैं, वे कम इंटेंसिटी वाली लगती हैं।
बच्चों के स्कूल जानें के बाद ही मांएं फिजिकल एक्टिविटी में सक्रिय हो पाती हैं
"हालांकि, जब बच्चे स्कूल जाते हैं, तो मां ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करने में कामयाब होती हैं। ऐसा होने के कई संभावित कारण हो सकते हैं, जिसमें अपने बच्चों के साथ हाई इंटेससिटी वाली गतिविधियों में भाग लेने के अधिक अवसर शामिल हैं, आप एक्टिव ट्वैवल पर लौट सकते हैं। या अकेले एक्टिव होने के लिए समय का यूज करने में अधिक सहज महसूस करें।

फिजिकल एक्टिविटी करने से शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म दोनों फायदे
एमआरसी एपिडेमियोलॉजी यूनिट में पीएचडी छात्र राहेल सिम्पसन ने कहा, ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करने से शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म दोनों स्पष्ट लाभ होते हैं, खासकर, अगर ये आपकी हार्ट रेट को बढ़ाता है। लेकिन मां बनने की मांग के कारण समय निकालना मुश्किल हो जाता है। हमें न केवल मांओं को प्रोत्साहित करने के तरीकों पर विचार करने की जरूरत है बल्कि बिजी शिडयूल वाली मॉम्स के लिए जितना संभव हो उतना आसान बनाने के लिए, विशेष रूप से छोटे बच्चों के साथ, हाई एक्टिविटी की मात्रा बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए।
MRC लाइफकोर्स एपिडेमियोलॉजी सेंटर और NIHR साउथेम्प्टन बायोमेडिकल रिसर्च सेंटर के प्रोफेसर कीथ गॉडफ्रे ने कहा, ये शायद अनप्रिडिक्टेबल नहीं है कि जिन माओं के छोटे बच्चे हैं या कई बच्चे कम हाई फिजिकल एक्टिविटी में अटैचमेंट हैं, लेकिन यह पहली रिसर्च है जिसने इसकी मात्रा निर्धारित की है इस कमी का महत्व है। फिजिकल एक्टिविटी में अटैच होने में माओं का सपोर्ट करने के लिए लोकल गवर्नमेंट प्लानर्स और लेज़र फैसिलिटी प्रोवाइडर्स को और अधिक किए जाने की जरूरत है।
(Reference- ANI)
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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