Latest Updates
-
UP Village Style Besan Cheela Recipe: घर पर बनाएं गांव जैसा पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता -
Hindi Journalism Day 2026 Wishes: हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर सभी पत्रकार दोस्तों को ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 30 May 2026: शनिवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत, शनिदेव की कृपा से होगा धन लाभ -
Restaurant Style Kadai Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और मसालेदार सब्जी -
Blue Moon 2026: 31 मई को आसमान में दिखेगा दुर्लभ 'ब्लू मून'; जानिए इसकी खासियत, कहां और कैसे देखें -
Hindi Journalism Day: 30 मई को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी पत्रकारिता दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
Kumaoni Sweet Bal Mithai Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड की पारंपरिक और स्वादिष्ट मिठाई -
महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है हलीम के बीज, अनियमित पीरियड्स समेत इन 5 समस्याओं को कर सकते हैं दूर -
गर्मियों में पसीने से होने वाली 5 कॉमन स्किन प्रॉब्लम्स, एक्सपर्ट से जानें इन समस्याओं से बचने के घरेलू उपाय -
World Digestive Health Day: क्यों मनाया जाता है विश्व पाचन स्वास्थ्य दिवस? जानें इस दिन का महत्व और इतिहास
चीन में मिला स्वाइन फ्लू का घातक वायरस, फैला सकता है महामारी
चीन में हुई एक नई रिसर्च में स्वाइन फ्लू का एक नया टाइप देखने को मिला है, जो इस समय कोरोनाकाल में मुसीबत को बढ़ा सकता है। यह स्टडी अमेरिकी साइंस जर्नल PNAS में प्रकाशित हुई है। खोजी गई नई स्वाइन फ्लू बीमारी 2009 में पूरी दुनिया में फैले H1N1 स्वाइन फ्लू की ही अनुवांशिक वंशज है यानी जेनेटिकल डिसेंडेंट। पर यह ज्यादा खतरनाक है। फ्लू के इस नए टाइप का नाम G4 है और यह H1N1 के उसी स्ट्रेन से निकला है, जिसने 2009 में महामारी फैलाई थी। चीन के सेंटर ऑफ डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के वैज्ञानिकों ने इसका पता लगाया है उनका कहना है कि इस नए टाइप में इंसानों को संक्रमित करने की सभी लक्षण मौजूद हैं।

चीन की कई यूनिवर्सिटी और चीन के सेंटर फॉर डिजीस कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के वैज्ञानिको ने कहा है कि नया स्वाइन फ्लू इतना ताकतवर है कि यह इंसानों को बहुत बीमार कर सकता है। नए स्वाइन फ्लू का संक्रमण अगर कोरोना महामारी के दौरान फैल गया तो बहुत बड़ी मुसीबत खड़ी हो जाएगी।
रिसर्चर्स ने नेवलों पर इस वायरस के कई प्रयोग किए चूंकि इनमें बुखार, खांसी और छींक जैसे लक्षण इंसानों से काफी मिलते हैं इसलिए नेवलों का फ्लू के परीक्षणों में काफी इस्तेमाल होता है। इस रिसर्च में सामने आया कि नेवलों में G4 ने दूसरे फ्लू के वायरसेज़ से कहीं ज्यादा संक्रमण फैलाया।

नए स्वाइन फ्लू का नाम है जी4 (G4)। चीन के वैज्ञानिकों ने इसे खोजने के लिए साल 2011 से 2018 तक रिसर्च किया है। इस दौरान इन वैज्ञानिकों ने चीन के 10 राज्यों से 30 हजार सुअरों के नाक से स्वैब लिया। इस स्वैब की जांच की गई। रिसर्चर्स का मानना है कि इंसानों के शरीर में मौजूद यह वायरस उनके शरीर के मुताबिक अपनी अनुकूलता बढ़ा सकता है, जिससे इंसानों में महामारी का खतरा बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों ने सुअरों के साथ काम करने वाले लोगों की सख्ती से निगरानी करने की सलाह दी है।
रिसर्चर्स ने जो ब्लड टेस्ट लिए हैं, उसमें पाया गया है कि वायरस के संपर्क में आने के बाद एंटीबॉडी बनी थीं, लेकिन सुअरों के फार्म पर काम करने वाले 10.4 फीसदी लोग पहले ही इससे संक्रमित हो चुके थे। इसमें यह भी पाया गया कि 4.4 फीसदी आम जनसंख्या भी इससे प्रभावित हो चुकी है। इसका मतलब है कि यह वायरस जानवरों से इंसानों में जा चुका है लेकिन इसका कोई सबूत नहीं है कि यह इंसानों से इंसानों में पास हो सकता है या नहीं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications