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सावन 2022: शिवजी को चढ़ाए जाने वाले आक के पत्ते में छिपे है औषधीय गुण, पुराने जोड़ों के दर्द का है अचूक दवा
सावन का माह (Sawan 2022) शुरु हो चुका है। शिव भक्त अपने आराध्य प्रभु को प्रसन्न करने के लिए कई तरह की चीजें चढ़ाते हैं। भगवान शिव को भांग, बेलपत्र, धतूरे के अलावा आक के फूल भी चढ़ाए जाते हैं। आर्युवेद में आक के पत्तों और फूलों को औषधि के तौर पर बताया गया है। अगर सीमित मात्रा में उपयोग किया जाए तो औषधी के रूप में कार्य करता है और शरीर को गर्म रखता है। आक के पेड़ को आकड़ा या मदार के पेड़ के रूप में भी जाना जाता है। इसके अधिकांश भाग- पत्ते, फूल, जड़ें और बीज, का उपयोग हर्बल या आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता है। इसे खाने की भी ज़रुरत नहीं पड़ती। आइए जानते हैं इसके फायदे।

जोड़ों के दर्द को करें दूर
इसकी पत्तियों के तेल का उपयोग मांसपेशियों या जोड़ों के दर्द के इलाज के लिए किया जाता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन पर पोस्ट किए गए कैलोट्रोपिस गिगेंटिया (आक के पत्तों का वैज्ञानिक नाम) पर एक अध्ययन से पता चलता है कि आक के पत्तों में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो जोड़ों में सूजन को कम करने में मदद करते हैं।

डायबिटीज में ट्राय करें ये नुस्खा
आक के पत्तों को रात को सोने से एक घंटे पहले पैरों के नीचे यानी तलवे पर रख दें और मौजा पहन लें। सोने से तुरंत पहले मौजा और आक के पत्तों दोनों को निकाल कर सोए। यह तरीका शुगर कंट्रोल करने के लिए सहायक माना जाता है। आप चाहें तो इसे घर में ट्राई कर के देख सकती हैं।

दांत का दर्द करें दूर
आक के दूध को छाले वाले स्थान पर लगा दें। इससे आपको तुरंत राहत मिलेगी। कई लोग इसके दूध को दांत दर्द से छुटकारा पाने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। दांत दर्द से राहत पाने के लिए इसके दूध को मसूड़े पर लगा लें। दर्द थोड़ी देर में गायब हो जाएगा।

बवासीर में लाभदायक है आक
बवासीर से परेशान लोगों के लिए भी आक का इस्तेमाल करना काफी लाभदायक हो सकता है। इसके लिए आक के पत्तों का दूध बवासीर पर लगा दें इससे आपको आराम मिलेगा। इसके अलावा एक नुस्खा ये भी है, आक के पत्तों को पीसकर बवासीर के घाव पर लगाने से दर्द में आराम मिलता है और साथ ही घाव जल्दी भरने लगता है।

पैर के छालों को दूर करें
अगर आपके पैरों पर ज्यादा चलने से छाले हो गए हैं तो उन पर आक के पौधे का दूध लगाएं। इससे छाले जल्द ही ठीक हो जाएंगे।



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