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हर रोज़ लिपस्टिक लगाते है तो हो जाए सावधान, ये है इसके साइडइफेक्ट
बाजार में कई तरह के ब्यूटी प्रोडक्टस उपलब्ध है, जिन्हें महिलाएं आकर्षक दिखने के लिए इस्तेमाल करती है। जिसमें सबसे पहला नाम लिपस्टिक का ही आता है। जिसके बिना मेकअप भी अधूरा रहता है। चाहे कोई सोशियल पार्टी में जाना हो या ऑफिस में। लिपस्टिक महिलाओं की खूबसूरती में चार चांद लगाने में पूरी मदद करता है। लेकिन क्या आप जानते है कि जिस लिपस्टिक का इस्तेमाल आप हर रोज़ कर रहे है वह आपके लिप्स पर कलर लेयर नहीं बल्कि केमिकल लेयर बना रही है। जी हां, ये बात सुनने में भले ही थोडी अजीब लगे, लेकिन ये बात पूरी तरह से सच है कि, कई सारी लिपस्टिक में केमिकल का प्रयोग किया जाता है, जिससे शरीर को कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। ये बात हम आपको डराने के लिए नहीं बल्कि अलर्ट होने के लिए कह रहे है। यहां हम आपको बताएंगे कि हर रोज़ लिपस्टिक लगाने के क्या गंभीर परिणाम सामने आ सकते है।

लिपस्टिक लगाने के साइडइफेक्ट
आंखों में जलन
वैसे तो सामान्यत: आंखों में जलन काजल या मस्कारा लगाने से होती है, पर कई महिलाएं लिपस्टिक को आई शेडो की तरह इस्तेमाल में लाती हैं। ऐसे में केमिकल युक्त लिपस्टिक आंखों में जलन का कारण बन सकती है। जिसका असर विज़न पर भी पड़ सकता है।
पेट संबंधी परेशानियां
एक रिसर्च के मुताबिक लिपस्टिक बनाने वाले कैमिकल में लेड भी शामिल है। जो कि मुंह के जरिए पेट तक पहुंच सकता है, जिस वजह से पेट में दर्द, किडनी और लीवर संबंधी समस्या हो सकती है।
न्यूरल डैमेज
लिपस्टिक में मौजूद लेड न्यूरल डैमेज यानी दिमाग संबंधी क्षति की वजह भी बन सकता है। इसकी वजह से याददाश्त भी कम हो सकती है। मस्तिष्क में अधिक मात्रा में लेड पहुंचने से नर्व ट्रांसमिशन में बाधा पहुंच सकती है और यह शरीर में कैल्शियम सप्लाई को बाधित कर सकता है। साथ ही इसमें मौजूद कैडमियम भी सुरक्षित नहीं है, यह मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकता है।
कैमिकल से बॉडी पर टॉक्सिस इंपेक्ट
क्या आप जानते है कि ये खूबसूरत-सी लिपस्टिक जब बनती है तो उसमें कई तरह के कैमिकल का भी प्रयोग किया जाता है, जिनकी वजह से शरीर पर टॉक्सिक प्रभाव पड़ सकता है। कई लिपस्टिक में कलर बनाने के लिए लेड का उपयोग भी किया जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक लिपस्टिक में रंग बनाने के लिए मैंगनीज, लेड और कैडमियम का इस्तेमाल किया जाता है। जिसकी वजह से लिप्स की रंगत काली पड़ना और उसके बार-बार सूखने जैसी समस्या हो सकती है।
स्किन एलर्जी की समस्या
विशेषज्ञों का मानना है कि लिपस्टिक का इस्तेमाल करने से एलर्जी होने की भी संभावनाएं बढ़ सकती है। एक रिसर्च के मुताबिक इसमें इस्तेमाल होने वाली कृत्रिम डाई जब मुंह के जरिए शरीर के अंदर पहुंचती है, तो उससे एलर्जी और स्किन पर खुजली, सूजन और लाल चकत्ते हो सकते है। यही कारण है कि ब्यूटी एक्सपर्ट हर्बल इंग्रीडेंट से बनी लिपस्टिक का इस्तेमाल करने की सलाह देते है।
प्रेगनेंसी के लिए खतरनाक
लिपस्टिक में मौजूद लेड गर्भवती महिला और उसके भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकता है। इसकी वजह से एबॉशन तक की समस्या हो सकती है। दरअसल, लिपस्टिक होठों के जरिए पेट तक पहुंच सकती है, जिससे रक्त में लेड का लेवल बढ़ सकता है। प्रेगनेंसी में लेड यानी सीसा आसानी से प्लेसेंटा को पार कर सकता है, जिससे बच्चे में जन्मजात लेड टॉक्सिटी होने का खतरा बढ़ सकता है।
हार्मोनल अनबैलेंस
लिपस्टिक में मौजूद केमिकल हार्मोनल अनबैलेंस के लिए भी जिम्मेदार माने जाते हैं। क्यूंकि लिपस्टिक को बनाने के लिए जिन कैमिकल का उपयोग किया जाता है वे कैमिकल बॉडी हार्मोन को प्रभावित करते हैं, जिससे वे अनबैलेंस हो सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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