Latest Updates
-
Aaj Ka Rashifal 22 April 2026: बुध का नक्षत्र परिवर्तन इन 5 राशियों के लिए शुभ, जानें आज का भाग्यफल -
गर्मियों में पेट की जलन से हैं परेशान? ये योगसान एसिडिटी से तुरंत दिलाएंगे राहत -
Heatwave Alert: अगले 5 दिनों तक इन शहरों में चलेगी भीषण लू, 44°C तक पहुंचेगा पारा, IMD ने जारी की एडवाइजरी -
Budh Gochar: रेवती नक्षत्र में आकर बुध बनेंगे शक्तिमान, इन 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन -
Bank Holiday May 2026: मई में छुट्टियों की भरमार! 1 तारीख को ही लगा मिलेगा ताला, चेक करें लिस्ट -
पेट में गर्मी बढ़ने पर दिखते हैं ये 7 लक्षण, दूर करने के लिए अपनाएं ये 5 घरेलू उपाय -
कहीं आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल वाला आम? खाने से पहले 2 मिनट में ऐसे करें असली और नकली की पहचान -
बेटी की उम्र 10 साल होने से पहले ही उसे सिखा दें ये 5 जरूरी बातें, जीवन में रहेगी हमेशा आगे -
क्या सच हो गई बाबा वेंगा की 2026 की भविष्यवाणी? 48 घंटों में जापान से भारत तक भूकंप के झटकों से कांपी धरती -
Bada Mangal 2026: 19 साल बाद ज्येष्ठ में पड़ेंगे 8 बड़े मंगल, नोट कर लें बुढ़वा मंगल की सभी तारीख और महत्व
बढ़ता मोटापा और पीठ दर्द भी हो सकते हैं स्पाइनल कैंसर की वजह, जानें लक्षण और इससे बचने के तरीके
रीढ़ की हड्डी केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का एक अभिन्न अंग है जो मस्तिष्क के नीचे से पीठ तक फैली हुई है। मस्तिष्क से संदेश को शरीर के बाकी हिस्सों तक ले जाने के लिए रीढ़ की हड्डी जिम्मेदार होती है। स्पाइनल कैंसर एक दुर्लभ स्थिति है, ये स्थिति तब बनती हैं, जब रीढ़ की हड्डी, ऊतकों, तरल पदार्थ या तंत्रिकाओं में असामान्य रूप से कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं। धीरे-धीरे यह कोशिकाएं ट्यूमर का रूप धारण कर लेती हैं। हालांकि, रीढ़ की हड्डी का कैंसर काफी दुर्लभ होता है। रीढ़ की हड्डी का कैंसर, हड्डियों से जुड़ा कैंसर है। इससे ग्रसित लोगों को मांसपेशियों में कमजोरी, शरीर के कई हिस्सों में दर्द, चलने और खड़े होने में कठिनाई और लकवा जैसे लक्षण दिखते हैं। वर्ल्ड कैंसर डे के मौके पर जानते हैं रीढ़ की हड्डी के बारे में।

स्पाइनल कैंसर के कारण
रीढ़ की हड्डी के कैंसर का कारण अज्ञात है लेकिन कुछ अनुवांशिक स्थितियां जोखिम कारक हो सकती हैं। इसके अलावा किसी अन्य कैंसर का इतिहास रहा हो जैसे- स्तन, फेफड़े, प्रोस्टेट या मल्टीपल मायलोमा। ये भी रीढ़ तक फैलता है। अगर किसी को पीठ में दर्द, शरीर की हड्डियों में कमजोरी की शिकायत रहती है तो डॉक्टरों की सलाह लेनी चाहिए। जिन लोगों का मोटापा बढ़ा हुआ है। उन्हें इसको कम करने की ओर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, विकिरण चिकित्सा के संपर्क का इतिहास, औद्योगिक रसायनों के संपर्क में आने की वजह से भी ये कैंसर हो सकता है।

स्पाइनल ट्यूमर के प्रकार
चोंड्रोसारकोमा: कार्टिलेज में बनने वाला कैंसर
कॉर्डोमा: पीठ के निचले हिस्से में कैंसर
लिम्फोमा: लिम्फोसाइटों का कैंसर
अधिकांश स्पाइनल ट्यूमर गैर-कैंसर वाले होते हैं लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी पैदा कर सकते हैं क्योंकि वे बढ़ते हैं और रीढ़ की हड्डी के ऊतकों और तंत्रिकाओं पर दबाव डालते हैं। नियमित स्वास्थ्य जांच से लोगों को स्पाइनल कैंसर जैसी बीमारियों का पता लगाने में मदद मिल सकती है जो आपको जोखिम में डालती हैं।

स्पाइनल कैंसर के लक्षण
पीठ, गर्दन, हाथ या पैर में दर्द
सनसनी का नुकसान
हाथ या पैर की मांसपेशियों में कमजोरी या सुन्नता
चलने या खड़े होने में कठिनाई
असंयमिता
आंत्र नियंत्रण का नुकसान
रीढ़ की हड्डी में विकृति

बचाव का तरीका
कोशिश करें कि काफी देर तक एक ही पोश्चर में नहीं बैठें। रोजाना कम से कम आधा घंटा व्यायाम करें और अपने खानपान का ध्यान रखें। पर्याप्त नींद लें और अपनी जीवशैली को ठीक रखें। बढ़ते वजन पर निगरानी रखें।

इलाज
सर्जरी - रीढ़ की हड्डी में जब किसी एक हिस्से पर ट्यूमर सीमित होता है, तो कैंसर का इलाज सर्जरी के जरिए किया जा सकता है।
कीमोथेरपी - कीमोथेरेपी में दवाओं को मौखिक रूप से, गोली के रूप में या नस में इंजेक्ट किया जा सकता है। कुछ स्पाइनल ट्यूमर के लिए, दवाओं को सीधे तौर पर मस्तिष्कमेरु द्रव दी जा सकती हैं।
विकिरण उपचार - स्पाइनल कैंसर रेडिएशन थेरेपी का इस्तेमाल आमतौर पर ट्यूमर के सर्जिकल रिसेक्शन के बाद किया जाता है, ताकि पीछे छोड़े गए सूक्ष्म ट्यूमर कोशिकाओं को नष्ट किया जा सके।



Click it and Unblock the Notifications











