Latest Updates
-
Somvar Vrat Katha: सोमवार व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, भगवान शिव पूरी करेंगे हर मनोकामना -
Aaj Ka Rashifal, 20 April 2026: मालव्य योग से चमकेंगे इन राशियों के सितारे, जानें आज का भाग्यफल -
Birthday Wishes for Boss: बॉस के बर्थडे पर भेजें ये खास और सम्मानजनक शुभकामनाएं, बोलें 'हैप्पी बर्थडे' -
पुरानी कब्ज और बवासीर से पाना है छुटकारा, तो इस पौधे की जड़ का करें इस्तेमाल -
वजन कम करने के लिए रोटी या चावल क्या है बेस्ट? करना है वेट लॉस तो जान लें ये 5 बातें -
दीपिका पादुकोण ने शेयर की सेकंड प्रेगनेंसी की गुड न्यूज, 40 की उम्र में मां बनना है सेफ -
Chardham Yatra करने से पहले पढ़ लें ये 5 बड़े नियम, इन लोगों को नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर 10 रुपये के नमक का ये टोटका, रातों-रात बदल देगा आपकी किस्मत -
Akshaya Tritiya Wishes: घर की लक्ष्मी को इन खूबसूरत संदेशों के जरिए कहें 'हैप्पी अक्षय तृतीया' -
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद
सावधान! स्टेनलेस स्टील के बर्तन में पकाना भी हो सकता है अनहेल्दी
स्टेनलेस स्टील का प्रयोग इन दिनों बहुत आम सा हो गया हैं। यह एक मिश्रित धातु है जो लोहे में कार्बन, क्रोमियम और निकल मिलाकर बनाई जाती है। इसमें खाना पकाने या बनाने में सेहत को कोई नुकसान नहीं होता। लेकिन एक नई रिसर्च के अनुसार स्टेनलेस स्टील के बर्तन बीमारी को न्योता दे सकते हैं। इसमें खाना पकाने या बनाने में सेहत को कोई नुकसान नहीं होता। इन बर्तनों का तापमान बहुत जल्दी बढ़ता है। इसलिए इसमें खाना पकाते समय ध्यान देना बहुत जरुरी होता है।
जी हां, स्टेनलेस स्टील के खाना बनाने वाले बर्तनों पर ऑलिव, कॉर्न या कैनोला तेल (इनका तेल पतला होता है) की कोटिंग से इनकी दरारें भर जाती है, साथ ही यह बैक्टीरिया की वृद्धि दर को भी रोकता है। एक नए शोध से यह जानकारी दी गई है। स्टेनलेस स्टील के बर्तनों को बार-बार उपयोग करने और मांजने से उनकी सतह पर बहुत ही सूक्ष्म दरारें आ जाती है, जिसमें बैक्टीरिया घर बना लेती है। ये बैक्टीरिया और बॉयोफिल्म्स के छुपने की आदर्श जगह होती है।

बैक्टीरिया का खतरा
हालांकि इन बर्तनों की सतह के दरारों और खरोंचों को ऐसी आंखों से देखना मुश्किल होता है, लेकिन उनमें लाखों बैक्टीरिया भरे हो सकते हैं, जिनका आकार महज कुछ माइक्रोमीटर का होता है। इन दरारों में फंसे भोजन और सालमोनेला, लिस्टिरिया और ई.कोली सूक्ष्म जीवाणुओं से कई तरह के इंफेक्शन का खतरा होता है। लेकिन इन बर्तनों पर खाद्य तेल की पतली परत की कोटिंग करने से इन खतरों से प्रभावी ढंग से बचाव होता है।

क्या कहती है रिसर्च
कनाडा के ओंटारियो स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के प्रोफेसर बेन हैटन ने बताया, "स्टेनलेस स्टील की सतह पर रोजाना खाद्य तेल की कोटिंग करने से बैक्टीरिया को पनपने से रोकने में मदद मिलती है।" उनकी टीम ने एक सरल नया समाधान प्रस्तावित किया है: माइक्रोस्कोपिक स्क्रैप के साथ दरारें और फिशर भरने के लिए धातु की सतह पर खाना पकाने के तेल की एक पतली परत लगाना और जीवाणु लगाव के लिए बाधा उत्पन्न करता है। उन्होंने पाया कि इस समाधान के परिणामस्वरूप औद्योगिक मशीनों के अंदर बैक्टीरिया के स्तर में 1,000x कमी आई है।
"हर रोज खाना पकाने के तेल के साथ एक स्टेनलेस स्टील की सतह पर कोटिंग करना बैक्टीरिया हटाने का काम करता है। क्रैक्स में तेल भरने से एक हाइड्रोफाबिक परत बनती है जो सतह पर दूषित पदार्थों के लिए बाधा के रूप में काम करता है।'' कुकिंग ऑयल जैसे ऑलिव, कॉर्न या कैनोला आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले हार्ड केमिकल और कीटाणुनाशकों की तुलना में खाद्य प्रसंस्करण उपकरणों की सफाई के लिए एक सुरक्षित विकल्प प्रदान करते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











