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जानें नॉक्टेर्नल यानी नाइटटाइम अस्थमा के लक्षण, रात में सांस लेने में होती है दिक्कत
दिनभर काम करने के बाद, रात को चैन की नींद सोते समय हमें किसी भी तरह का दखल रास नहीं आता। लेकिन अगर आप अस्थमा के मरीज हैं तो हर रात सोते हुए काफी परेशानी होती है।
इस बीमारी से रोज रोज डील करना आसान काम नहीं है, कुछ लोगों को तो खासकर रात में ही इससे ज्यादा परेशानी होती है। कफ बनना, सांस ना आना और लगातार छीकें आते रहना यह सब 'नॉक्टेर्नल अस्थमा' के लक्षण हैं। इसी वजह से पूरे दिन आप थके हुए और चिड़चिड़े हो जाते हैं। हालांकि बहुत से लोग इस परिस्थिति को इग्नोर कर जाते हैं, लेकिन इस नॉक्टेर्नल अस्थमा यानी नाइटटाइम अस्थमा का सही वक्त पर इलाज करना बेहद जरूरी है। आइए जानते है नॉक्टेर्नल अस्थमा के लक्षण।

1. अंदरूनी कारण
कुछ लोगों को रात को सोते हुए सांस का अटैक आता है, जिसमें बेचैनी में उठ जाते हैं और ताजा हवा तलाशते हैं। इस मुद्दे पर हुए शोध में सामने आया कि इस तरह की बेचैनी सिर्फ आपके शरीर के अंदरूनी कारणों की वजह से होती है।

2. सोने का तरीका
जब हम सोते हैं तो हवा का बहाव नीचे की ओर होता है, लंग्स में खून का प्रभाव बढ़ने लगता है। इन सभी कारणों से ही रात में अस्थमा में ज्यादा परेशानी होती है।

3. एयर कंडीशनर
ठंडी हवा के कारण हवा में से मॉइश्चर निकल जाता है जिससे अस्थमा बढ़ता है। ऐसे में अगर आप एयर कंडीशनर में सो रहे हैं तो हो सकता है कि आपको रात में दो तीन बार जागना पड़े। सर्दियों में यह समस्या ज्यादा बढ़ जाती है।

4. धूल के कण
अगर आपका गद्दा, तकिया और कंबल अच्छे से साफ नहीं है तो उनमें जमी धूल के कणों की वजह से आपको रातभर परेशानी हो सकती है।

5. फंगस
अपने कमरे में गीले धब्बे ना रहने दें, क्योंकि इससे आपको सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। साथ ही कमरे में नमी भी ना रहने दें क्योंकि नमी से फंगस बनने लगती है। इसी फंगस के कारण आपकी नींद में खलल आ सकती है।

इन्हेलर रखें हमेशा साथ
असल में अस्थमा के पेशेंट को थोड़ा ज्यादा सर्तक रहने की जरूरत है। अपने आस पास की जगह को हमेशा साफ सुथरा रखें और ठंडी जगह पर ना सोएं। इन सभी के अलावा अपना इन्हेलर हमेशा पलंग के आसपास ही रखें। अगर आपको अस्थमा की समस्या ज्यादा है तो अपने डॉक्टर से सलाह मशविरा जरूर करें। नॉक्टेर्नल अस्थमा के लक्ष्णों को इग्नोर करना हानिकारक हो सकता है।



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