Latest Updates
-
बार-बार मुंह में हो रहे छालों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकता है ओरल कैंसर, जानें लक्षण -
लड़के-लड़कियों के लिए सबसे मॉडर्न और छोटे 100+ टॉप नाम, यहां देखें अर्थ सहित लिस्ट -
कांवड़ यात्रा कब से होगी शुरू? इस दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, अधूरी रह जाएगी पूजा -
Kriti Sanon ने करवाए अपने अंडे फ्रीज! जानें किस उम्र में ये कराना बेहतर और Egg Freezing फायदे-नुकसान? -
कब है आषाढ़ अमावस्या? इस दिन इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, कहीं आपकी राशि भी तो लिस्ट में नहीं? -
Corona Alert: सिंगर कुमार सानू के बेटे को हुआ कोविड, आंध्र प्रदेश में मिले सबसे ज्यादा मरीज, जानें लक्षण -
स्कूल टिफिन के लिए 15 मिनट में तैयार करें सॉफ्ट और स्पंजी सूजी के अप्पे, नोट कर लें आसान रेसिपी -
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा -
सूरज की तपिश से काला पड़ गया है चेहरा? इन 3 देसी नुस्खों से हटाएं जिद्दी सन टैन -
क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम?
मक्खन या घी, जानें कुकिंग और बेकिंग के लिए क्या है बेहतर?
भारतीय रसोई में मक्खन का इस्तेमाल हर दूसरी चीज में होता है। सैंडविच, पिज्जा से लेकर केक, ब्राउनी और यहां तक कि चपातियां और पराठे तक, मक्खन किसी भी खाने का स्वाद बढ़ा सकता है। बहुत से लोग इस मलाईदार डेयरी उत्पाद का उपयोग खाना पकाने, ग्रिलिंग, स्वाद या विभिन्न खाद्य पदार्थों को तलने के लिए अपने पसंदीदा तेल के रूप में करते है। मक्खन रसोई में हमेशा मौजूद रहने वाली एक जरूरी चीज है। लेकिन बहुत सारे कारण हैं कि खाना पकाने और बेकिंग में मक्खन के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी जाती है। काफी लोगों को डेयरी और डेयरी उत्पादों से एलर्जी होती है ऐसे में वे खाना पकाने और बेकिंग में मक्खन का इस्तेमाल नहीं कर पाते। खाने में बहुत ज्यादा मक्खन कई लोगों के लिए चिंता का कारण बन सकता है, क्योंकि यह हृदय रोगों या उच्च रक्तचाप जैसी परेशानियों को बढ़ा सकता है।

मक्खन की जगह इस्तेमाल करें घी
आर्युवेद में प्राचीन काल से ही घी को स्वास्थ्यवर्धक वसा का स्रोत माना जाता है. प्राचीन चिकित्सकीय उपचारों और कुछ अध्ययनों में ये सुझाव दिया गया है कि घी को सही मात्रा में खाने से दिल के रोगों का ख़तरा कम होता है. घी में मौजूद कॉन्जुगेटिड लिनोलिक एसिड ह्र्दय रोगों को कम करने में मदद करता है. टाइप टू शुगर से पीड़ित लोगों में ये ख़तरा ज़्यादा होता है. इसके अलावा ये भी कहा जाता है कि चावल जैसे कार्बोहाइड्रेट से लैस खाद्य पदार्थों में घी को शामिल करने से ये उसमें मौजूद शुगर को अधिक प्रभावी ढंग से पचाने में मदद करता है।

नारियल का तेल
नारियल तेल का उपयोग खाना बनाने के साथ स्वास्थ के लिए भी किया जाता है। नारियल तेल को पाचन तंत्र के लिए भी अच्छा माना जाता है। नारियल तेल के इस्तेमाल के कई फायदे हैं। कई गुणों से भरपूर यह तेल स्वास्थ्यपरक फायदों के लिए पीढ़ियों से इस्तेमाल में लाया जा रहा है। नारियल का तेल सेबम की तरह होता है, जो शरीर का अपना प्राकृतिक तेल होता है जो स्कैल्प को ड्राई होने से बचाने में मदद करता है और बालों की जड़ों को नुकसान नहीं होने देता। नारियल तेल के इस्तेमाल से वजन भी कम किया जा सकता है।

जैतून का तेल
लंबे समय से जैतून के तेल को खाना पकाने के लिए सबसे अच्छे तेलों में से एक माना जाता है। जैतून के तेल का इस्तेमाल करने से कई बीमारियों से बचा जा सकता है। हाई बीपी के लोगों के लिए फायदेमंद है, क्योंकि ये शुगर लेबल को कम करने में लाभकारी है। स्वास्थ के लिए जैतून का तेल काफी फायदेमंद होता है। जैतून के तेल का उपयोग छोटे बच्चों की मालिश के लिए भी किया जाता है। जैतून तेल डिप्रेशन, कैंसर मधुमेह को नियंत्रित करने का काम करता है।
नोट: अपने आहार में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें. डॉक्टर की सलाह के बाद ही आहार में बदलाव करें.



Click it and Unblock the Notifications