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खाना खाते ही बन जाता है पेट का प्रेशर, तो आपको है ये बीमारी, जानें इलाज
कुछ लोगों की समस्या होती है जैसे ही वो कुछ खाते है तो पेट में प्रेशर बनने लगता हैं। इस वजह से कई लोग दिन में तीन से चार बार टॉयलेट के चक्कर लगा लेते है। अगर ऐसा कभी-कभार होता है, तो ये कोई परेशानी नहीं है मगर यदि ये रोज की समस्या है, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। खाना खाने के बाद तुरंत पॉटी लगना इस बात का संकेत है कि आपका पाचनतंत्र और लिवर गड़बड़ है और इस समस्या को गैस्ट्रो-कॉलिक रिफलक्स कहते हैं।

इस वजह से होती है ये समस्या
खाना खाने के तुरंत बाद पॉटी लगने की समस्या को गैस्ट्रो-कॉलिक रिफलक्स कहते हैं। अगर आप इस समस्या से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो अपने खान-पान की आदतों में कुछ बदलाव करें। देखा गया है कि ये समस्या उन लोगों को ज्यादा आती है, जो शुरुआत में लंबे समय तक शौच को रोककर रखते हैं।

सही करें अपना खानपान
कई बार खानपान की गड़बड़ी के कारण भी ये समस्या आती है। बार-बार शौच जाने की समस्या से बचने के लिए आपको ऐसे आहार लेने चाहिए जो शरीर में अतिरिक्त पानी को बनाये रखने और गैस की समस्या को दूर करने में उपयोगी हो। इसके लिए अपने आहार में दही, कच्चे सलाद, अदरक, अनानास, अमरूद, अजमोद आदि को शामिल करें। इसके अलावा केले, आम, पालक, टमाटर, नट्स, और शतावरी आदि आहारों में पोटैशियम की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए ये आहार भी फायदेमंद हैं।

घरेलू उपचार
- मीठे आमों का रस 50 ग्राम में मीठा दही 10-20 ग्राम तथा अदरक का रस 1 चम्मच भर प्रतिदिन दिन में 2 बार कुछ दिनों तक रोगी को पिलाते रहने से लाभ होने लगता है।
- इमली की छाल का चूर्ण 1 से 6 ग्राम तक 20 ग्राम ताजे दही में मिलाकर दिन में 2 बार चटाने से बच्चों को इस समस्या से निजात मिलती है।
-ईसबगोल 4 ग्राम को 40 ग्राम गरम जल में भिगो दें। शीतल हो जाने पर उसमें 10 ग्राम नारंगी या अनार का शर्बत मिलाकर कुछ ही दिनों में यह समस्या दूर हो जाती है।
-पिप्पली, भांग तथा सोंठ के समभाग चूर्ण को शहद के साथ सेवन करते रहने से भयंकर संग्रहणी में भी लाभ हो जाता है।
-बेल के कच्चे फल को आग में सेंक कर गूदा निकालकर 10 ग्राम गूदे में थोड़ी शक्कर मिलाकर सेवन करते रहने से राहत मिलती है।
-तीन ग्राम आम के फूल का चूर्ण महीन पीसकर बासी जल के साथ सेवन करने से लाभ होता है।
-भांग 2 ग्राम भूनकर 3 ग्राम शहद में मिलाकर चाटने से आराम मिलता है।

इन उपायों को आजमाएं
खाना अच्छी तरह चबाकर खाएं।
फाइबर वाले आहारों का करें सेवन।
3-4 बार में थोड़ा-थोड़ा भोजन करें।

आहार में शामिल करें ये चीजें
इस समस्याह से बचने के लिए फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करें। फाइबर से भरपूर खाद्य पर्दाथों में नाशपाती, सेब, मटर, ब्रोकोली, साबुत अनाज, सेम और दालें शामिल है। साथ ही आहार में दही, कच्चे सलाद, अदरक, अनानास, अमरूद, अजमोद आदि को शामिल करें। इसके अलावा केले, आम, पालक, टमाटर, नट्स, और शतावरी आदि आहारों में पोटैशियम की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए ये आहार भी फायदेमंद हैं।



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