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अनचाही प्रेगनेंसी को रोकने में मदद करेगा कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन, जानें इसके फायदे

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क्या आप भी कई भी उन महिलाओं की तरह है जो अनचाही प्रेगनेंसी से बचने के लिए गर्भनिरोधक दवाई यानि कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का इस्तेमाल करती है। और इस वजह से आपको कई तरह के साइड इफेक्ट से भी सफर करना पड़ता है। तो अब वो समय आ गया है जब आप एक सुरक्षित और असरकारक विकल्प चुनें। जी हां,आज के इस नए युग में अब इंजेक्शन का चलन बढ़ गया है, जो अनचाही प्रेगनेंसी रोकने में मदद करते है। यहां हम आपको बताएंगे कि कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन किस तरह से काम करते है और इनका इस्तेमाल कितना सुरक्षित साबित हो सकता है।

कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन कैसे काम करता है

कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन कैसे काम करता है

कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन में प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन होते हैं जो महिलाओं को प्रेग्नेंट होने से रोकते हैं। महिलाएं गर्भधारण से बचने के लिए हर तीन महीने में इसका इस्तेमाल कर सकती हैं। इसका नाम DMPA इंजेक्शन है। जिसका फुल फार्म है डिपो मेड्रोक्सी प्रोजेस्ट्रॉन एसीटेट। एक बार जब प्रोजेस्टेरोन का लेवल इंजेक्शन लेने के बाद ब्लड सर्कुलेशन में बढ़ जाता है, तो यह ओवरी से अंडे को रिलीज नहीं होने देता और उसे कंट्रोल करने, गर्भाशय ग्रीवा के म्यूेकस को मोटा करने या यूट्रस की दीवार को निषेचित भ्रूण के आरोपण के लिए अयोग्य बना देता है। कुल मिलाकर इस प्रक्रिया की मदद से प्रेगनेंसी को रोका जा सकता है।

कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन का सही समय

कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन का सही समय

सबसे बड़ी बात जो जानने की है वो ये है कि कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन कब लगाया जाए। तो आपको बतादें कि इस इंजेक्शन को अनसेफ सेक्स करने के बाद लिया जा सकता है। यह अनचाही प्रेग्नेंसी को रोकता है। गभर्पात के बाद भी यह इंजेक्शहन लिया जा सकता है। इतना ही नहीं अगर आप इस इंजेक्शिन को शिशु के जन्मद के बाद लेना चाहती हैं तो ले सकती हैं क्योंेकि इससे ब्रेस्ट फीडिंग पर असर नहीं पड़ता है। लेकिन ये बात ध्यान रहें कि महिलाओं को बच्चेस के जन्मा के 6 हफ्ते बाद यह इंजेक्श्न लेना चाहिए।

कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन कितना सही

कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन कितना सही

- इस इंजेक्शंन को लेने के बाद आप 8 से 13 हफ्ते तक अनप्रोटेक्टेड सेक्स कर सकती हैं।

- सबसे खास बात ये है कि आपको इसे लेने के बाद पिल्स लेने का रिमाइंडर सेट करने की भी जरूरत नहीं है।

- वे महिलाएं जो एस्ट्रो जेन का सेवन नहीं कर सकती हैं उनके लिए कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन बहुत ही उपयोगी है।

- ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाओं के लिए यह सबसे सेफ तरीका है।

कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शनन के नुकसान

कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शनन के नुकसान

- इसे लेने के बाद आप दो तरह की स्थिति से गुजर सकती है, या तो आपको बहुत हैवी पीरियड्स भी हो सकते हैं, या फिर बहुत कम ब्लीडिंग हो सकती है। बल्कि ऐसी भी संभावना है कि आप पीरियड्स मिस कर जाए।

- जो महिलाओं साल भर में दोबारा मां बनने का सुख उठाना चाहती हैं तो उनके लिए ये इंजेक्शरन सही नहीं हैं।

- जिन महिलाओं को हार्ट डिज़ीज, स्ट्रो क या फिर लीवर से जुड़ी कोई बीमारी है तो उनके लिए यह इंजेक्शमन सही नहीं है।

- जिन महिलाओं की ब्रेस्टक कैंसर या अन्य प्रजनन अंगों में कैंसर की कोई हिस्ट्री रही हो तो इस इंजेक्श न का इस्तेमाल ना करने में समझदारी है।

- चूंकि ये एक हॉर्मोनल इंजेक्श न है, इसलिए हो सकता है कि इस इंजेक्शन को लेने के बाद आपके शरीर का वजन बढ़ जाए या फिर शरीर में फैट जमने लगे।

- इसके प्रभाव से हार्मोन में बदलाव होता है और इस कारण आपको मूड स्विंग्सइ, फूड क्रेविंग, स्ट्रेस या एंजायटी हो सकती है।

- यह किसी भी तरह के सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिज़ीज से सुरक्षा प्रदान नहीं करता है।

- कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शगन प्रेगनेंसी को रोकने में मददगार होती है लेकिन इसे केवल डॉक्टर की सलाह के बाद ही लेना चाहिए।

English summary

what is contraceptive injection know about advantages in hindi

Contraceptive injections contain the hormone progesterone, which prevents women from becoming pregnant. Women can use it every three months to avoid pregnancy. Its name is DMPA Injection. Whose full form is Depot Medroxy Progesterone Acetate. Once the progesterone level rises in the blood circulation after the injection, it does not allow the egg to be released from the ovary
Story first published: [IST]
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