Latest Updates
-
गुड फ्राइडे पर घर पर बनाएं रुई जैसे सॉफ्ट 'हॉट क्रॉस बन्स', यहां देखें सबसे आसान रेसिपी -
Good Friday 2026: गुड फ्राइडे क्यों मनाया जाता है? जानें शोक के इस दिन को ‘गुड’ फ्राइडे क्यों कहा जाता है -
Good Friday 2026 Bank Holiday: गुड फ्राइडे पर बैंक खुले हैं या बंद? देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
Good Friday 2026: क्या थे सूली पर चढ़ते मसीह के वो आखिरी 7 शब्द, जिनमें छिपा है जीवन का सार -
हनुमान जयंती पर जन्में बेटे के लिए ये 12 पावरफुल नाम, जानें इस दिन पैदा हुए बच्चे क्यों होते हैं खास? -
World Autism Awareness Day 2026: ऑटिज्म क्या होता है? डॉक्टर से जानें इसके कारण, लक्षण, इलाज और बचाव -
सच हुई बाबा वेंगा की खौफनाक भविष्यवाणी! मिडिल ईस्ट वॉर के बीच इंडोनेशिया में भूकंप और सुनामी अलर्ट -
Hanuman Jayanti पर दिल्ली के इन 5 मंदिरों में उमड़ती है भारी भीड़, एक तो मुगल काल से है प्रसिद्ध -
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती पर राशि अनुसार करें इन मंत्रों का जाप, बजरंगबली भर देंगे झोली -
Hanuman Jayanti 2026: आरती कीजै हनुमान लला की...हनुमान जयंती पर यहां से पढ़कर गाएं बजरंगबली की आरती
हैंड रिफ्लेक्सोलॉजी की मदद से कई बीमारियों को किया जा सकता है दूर, ये है टेक्निक
आज के समय में लोग अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए और कई तरह ही हेल्थ प्रॉब्लम्स को दूर करने के लिए वैकल्पिक चिकित्सा तकनीक को अपनाते हैं। इन्ही में से एक है हैंड रिफ्लेक्सोलॉजी। इसका मुख्य उद्देश्य आपके ब्रेन को अधिक एक्टिव बनाना होता है, लेकिन इसकी मदद से आप अन्य भी कई लाभ उठा सकते हैं। हो सकता है कि आपके लिए हैंड रिफ्लेक्सोलॉजी शब्द नया हो, लेकिन यह वास्तव एक पुरानी तकनीक है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको हैंड रिफ्लेक्सोलॉजी और उससे मिलने वाले फायदों के बारे में बता रहे हैं-

क्या है हैंड रिफ्लेक्सोलॉजी
हैंड रिफ्लेक्सोलॉजी एक पुरानी चिकित्सा तकनीक है, जिसका इस्तेमाल कई तरह के रोगों को दूर करने के लिए किया जाता है। इस तकनीक में किसी दवाई या इंजेक्शन का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, बल्कि हथेली व हाथों की उंगली के किसी विशेष भाग पर दबाव डाला जाता है, ताकि उस बिंदु से संबंधित शरीर का अंग सक्रिय हो जाए और समस्या कम हो जाए। इस तकनीक में तुरंत रिजल्ट नजर नहीं आता है, लेकिन बाद में मिलने वाले रिजल्ट बेहद प्रभावशाली होते हैं।

हैंड रिफ्लेक्सोलॉजी से मिलने वाले लाभ
हैंड रिफ्लेक्सोलॉजी तकनीक को अगर नियमित रूप से और सही तरह से किया जाए, तो इससे कई बेहतरीन लाभ मिल सकते हैं। जैसे-
• यह तकनीक आपकी याददाश्त में सुधार करती है।
• अगर आप हमेशा ही खुद को थका हुआ महसूस करते हैं, तो आपको इस तकनीक को अपनाना चाहिए।
• वहीं, यह एक ऐसी तकनीक है, जो महिलाओं में थायराइड व बांझपन की समस्या में भी लाभ पहुंचाती है।
• जिन लोगों को काम में ध्यान लगाने में समस्या होती है या काम में मन नहीं लगता है, उनके लिए भी यह तकनीक लाभदायक है।
• चिड़चिड़ापन दूर करने के लिए आप इस तकनीक को अपना सकते हैं।

ब्रेन को एक्टिव करने के लिए हैंड रिफ्लेक्सोलॉजी की प्रक्रिया कैसे करें?
हैंड रिफ्लेक्सोलॉजी में हाथों के खास बिन्दु पर प्रेशर डाला जाता है। इसलिए, इसके माध्यम से हमें उस बिंदु को सक्रिय करना होता है जो हमारे मस्तिष्क यानि पिट्यूटरी ग्रंथि से संबंधित होता है।
• इसके लिए, सबसे पहले एक हाथ का अंगूठा लेकर छत की ओर सीधा रखना है।
• दूसरे हाथ की तर्जनी और अंगूठे से हमें पहले हाथ के अंगूठे को आगे-पीछे करना होता है।
• आपको लगातार प्रेस करने की जरूरत नहीं है, प्रेस और रिलीज करें फिर इसे फिर से करें।
• जितनी जल्दी हो सके दबाएं, फिर छोड़ दें।
• आपको इसे 20 सेकंड के लिए प्रेस करना है।
• उसके बाद आपको साइड से भी लगातार प्रेस करना है, इस बार गैप नहीं देना है।

हैंड रिफ्लेक्सोलॉजी प्रक्रिया का रिजल्ट होता है कुछ ऐसा
इसका अलग-अलग लोगों पर अलग-अलग प्रभाव हो सकता है जैसे-
• जब आप इस बिंदु को दबाएंगे तो आपका दिमाग सक्रिय हो जाएगा।
• आप पहले से ज्यादा एकाग्र महसूस करेंगे, अगर आप कुछ भूल गए हैं तो याददाश्त तेज चलेगी।
• सांस लेने के तरीके में सुधार होगा और साइनस में भी आराम मिलेगा।
• यह आपको अधिक एनर्जी प्रदान करेगा और आपका तनाव कम होगा।
• इसमें चिड़चिड़ापन या घबराहट कम महसूस हो सकती है।

इस तकनीक को कितनी बार दोहराना है?
इस तकनीक के लिए आपको महज एक से डेढ़ मिनट में ही लगेंगे। आप इसे घर से लेकर ऑफिस तक में कर सकते हैं। आप इस तकनीक को दिन में दो से तीन बार अपनाएं, जिसके बाद आपको खुद में फर्क महसूस होने लगेगा।

इन बातों का रखें ध्यान
यहां आपको यह भी ध्यान रखना है कि इस तकनीक का असर एक बार में नहीं आता। इसलिए, पहली बार में ही किसी चमत्कार की उम्मीद ना करें। इस तकनीक का रोजाना पालन करें। हो सकता है कि आपको शुरुआत में कोई बदलाव महसूस न हो। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि शरीर पहली बार में ही प्रतिक्रिया नहीं करता है, लेकिन इस तकनीक को बार-बार करने से आपका शरीर रिस्पॉन्स करना शुरू कर देगा



Click it and Unblock the Notifications











