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क्या आपकी हथेली में भी आता है खूब पसीना, कहीं आपको ये बीमारी तो नहीं
पसीना आना एक सामान्य प्रक्रिया है जो शरीर में मौजूद अवांछित और विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम करता है। सामान्यत: शरीर के कुछ खास अंगों में अधिक पसीना आता है जैसे बांहे, पीठ और सिर पर। लेकिन बहुत ही कम लोग होंगे जिन्हें हथेली और तलवों में पसीना आता होगा।
अगर आपको भी हथेली और पैर के तलवों में खूब पसीना आता है, तो यह जानकारी आपके लिए है। सामान्य तापमान पर भी हथेली और तलवों में पसीना आना बिल्कुल सामान्य प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह किसी बीमारी की ओर इशारा करता है।

हो सकता है हाइपरहाइड्रोसिस
दरअसल सामान्य या कम तापमान पर भी पसीना आना, और खास तौर से हथेली व पैर के तलवों में पसीना आने की यह समस्या हाइपरहाइड्रोसिस नामक बीमारी भी हो सकती है। कभी कभार ऐसा होना सामान्य हो सकता है, लेकिन अक्सर इस तरह से पसीना आना हाइपरहाइड्रोसिस की ओर इशारा करता है। केवल हथेली या तलवे ही नहीं पूरे शरीर में अत्यधिक पसीना आना भी इस समस्या को दर्शाता है।

सही कपड़े पहनें
हाइपरहाइड्रोसिस का इलाज सामान्यत: स्वेद ग्रंथि के ऑपरेशन द्वारा होता है लेकिन अत्यधिक पसीने की परेशानी को आप कुछ हद तक कम कर सकते हैं। इसके लिए आपको ऐसे कपड़ों का चुनाव करना चाहिए जो पसीने को आसानी से सोख ले और आपकी त्वचा सांस ले सके।

तनाव से भी आता है पसीना
पसीना आने की प्रक्रिया का संबंध केवल बाहरी नहीं, आंतरिक कारकों से भी होता है। चिंता, डर और तनाव आदि में भी त्वचा से पसीना निकलता है। यौवनावस्था शुरू होने पर शरीर में होने वाले हॉर्मोनल बदलावों के कारण शरीर में करीब 30 लाख पसीने वाली ग्रंथियां सक्रिय हो जाती हैं। ऐसा सभी के साथ होता है। लेकिन हाइपरहाइड्रोसिस से पीड़ित व्यक्तियों को सामान्य लोगों से अधिक पसीना आता है।

खुला रखें हाथ-पांव
इसके अलावा हथेली और पैर के तलवों में आने वाले पसीने से बचने के लिए उन्हें खुला रखना बेहद जरूरी है। दिनभर अगर आप ऑफिस में या बाहर, मोजे और जूतों से पैक रहते हैं, तो घर पर उन्हें पूरी तरह से खुला रखें। इसके अलावा जब भी संभव हो पैरों से जूते और मोजे निकाल दें। इससे पसीना कम आएगा और बैक्टीरिया भी नहीं पनपेंगे।

एंटी-बैक्टीरियल लिक्विड बूंदे डालें
प्रतिदिन नहाएं और त्वचा को अच्छी तरह से पोंछकर साफ करें, इसके बाद डियो या अन्य उत्पादों का प्रयोग करें। हो सके तो नहाने के पानी में एंटी बैक्टीरियल लिक्विड की कुछ बूंदे डाल दें।



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