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क्यों जरुरी होता है रूबेला वायरस का टीकाकरण करवाना, जानिए इसके लक्षण और बचाव
रूबेला वायरस जिसे जर्मन खसरा भी कहा जाता है। देश के 12 राज्यों में एक बड़ा अभियान चलाकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा रूबेला से बचने के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। देश के 12 राज्यों के 9 महीने से 15 वर्ष तक की आयु के बच्चों को रूबेला का टीका लगवाया जा रहा है। आइए जानते है कि आखिर ये वायरस इतना क्यों खतरनाक है जिसके प्रति देश की सरकार भी बहुत गंभीर हैं। आइए जानते हैं।
रुबेला एक व्यक्ति के खांसने या छींकने से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। यानि यह बीमारी हवा में काफी तेजी से फैलाती है। इसका वायरस सिर्फ इंसानों से ही फैलता है। रुबेला तेजी से फैलने वाली बीमारी है, रुबेला से हल्का बुखार और रैश (लाल दाने) होते है। यह दाने चेहरे और गर्दन से शुरू होते हैं फिर पूरे शरीर में फैल जाते हैं।

कैसे फैलता है रूबेला
यह एक वायरस से फैलने वाला रोग है जो की एक इन्सान से दूसरे को फैलता है| जब कोई संक्रमित इन्सान आपके सम्पर्क में आता है या आपके पास आकर छीकता है तो आपको ये वायरस लग जाता है और आप बीमार पड़ने लग जाते है| रूबेला मुख्य रूप से संक्रमण से फैलने वाला वायरस है जो की आज के समय में तेजी से फैला रहा है।

रूबेला वायरस के लक्षण
सौ डिग्री टेम्प्रेचर या उससे अधिक का बुखार होना या फिर लम्बे समय से बुखार होना।
शरीर में लाल दाने या चकते होना।
ग्रंथियों में सूजन आना या दर्द होना।
शरीर में बहुत अधिक दर्द।
सर दर्द की समस्या लगातार बनी रहना।
आँखों में सूजन
भूख ना लगना
थकान और चक्कर आना

प्रेगनेंसी में खतरा ज्यादा
आपको जानकर हैरानी होगी कि रुबेला सबसे अधिक प्रभावित गर्भवती महिला और उसके होने वाले बच्चें को करता है। ये वायरस संक्रमक है जो मां के साथ सीधे तौर पर उसके होने वाले बच्चे को प्रभावित करता है। इसी वजह से देशभर में महिलाओं और बच्चों को टीके लगाएं जा रहे है।
अगर ये वायरस मां के जरिए होने वाले शिशु तक पहुंच जाएं तो बच्चे में कई सारी खामियां आ जाती है जैसे बच्चे का दिव्यांग होना सबसे बड़ा उदाहरण है। इसके अलावा सुनने की शक्ति भी प्रभावित होती है।

बचाव के उपाय
इससे बचने के लिए आपको सबसे पहले इसका टीका लगवाना चहिए। इसके अलावा पाने खान पान कर ध्यान रखना चाहिए और ऐसी चीजों का सेवन करना चहिए जो की आपके शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाती है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक हो जाने पर यह आपको प्रभावित नहीं करेगा। इसके अलावा संक्रमण से बचे और इससे प्रभावित व्यक्ति के पास जाने से बच्गे और बाहर घूमने पर मास्क का इस्तेमाल करे जिससे हवा में मौजूद इसके वायरस आपके आसपास नहीं आयेगे और आप स्वस्थ रहेगे और इसे वायरस से बचा जा सकता है।



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