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गर्मियों में पेट से जुड़ी कई बीमारियों का समाधान है खस की जड़ का पानी, जानें कैसे इसका सेवन करें
चिलचिलाती धूप और गर्मी अपने साथ कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं लेकर आती है। इस मौसम में गर्म लहरें सबसे ज्यादा व्यक्ति के पाचन तंत्र को प्रभावित करती हैं। यह देखने में आता है कि इस मौसम में जहां कुछ लोगों को डायरिया हो जाता है, तो कुछ लोग कब्ज के कारण परेशान रहते हैं। ऐसा इसलिए भी होता है, क्योंकि हाइड्रेशन का निम्न स्तर अक्सर निर्जलीकरण का कारण बनता है, जो आगे चलकर पाचन तंत्र को प्रभावित करता है।
आमतौर पर, यह देखने में आता है कि इस स्थिति में अधिकतर लोग दवाईयों का सेवन करना पसंद करते हैं। लेकिन जरूरत से ज्यादा दवाईयां भी शरीर में गर्मी पैदा करती हैं, जिससे आपका पाचन तंत्र और भी ज्यादा परेशान होता है। ऐसे में सबसे अच्छा उपाय होता है कि आप अपने पाचन तंत्र का ख्याल रखने के लिए कुछ घरेलू उपायों का इस्तेमाल करे। जैसे कि अगर आप कब्ज से परेशान हैं, तो ऐसे में आप आप खस की जड़ के पानी का सेवन कर सकते हैं। आयुर्वेद की पुस्तकों के अनुसार भी खस या वेटिवर को कब्ज और अन्य आंत्र विकारों को दूर करने के लिए एक बेहतरीन उपाय के रूप में सुझाया गया है। इन सबके अलावा, खस की जड़ का पानी एक चमत्कारी पेय है जो आपके शरीर को भीषण गर्मी से तुरंत राहत देता है और लू से बचाता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको खस की जड़ के फायदे और उसके उसके पानी का सही तरह से इस्तेमाल करने के बारे में बता रहे हैं-

खस की जड़ क्या है?
खस जिसे वेटिवर के नाम से भी जाना जाता है, एक सुगंधित गुच्छा घास है, जो भारत की मूल निवासी है। वैज्ञानिक रूप से, खस को क्राइसोपोगोन ज़िज़ानियोइड्स के रूप में जाना जाता है। इसकी खेती भारत के कुछ हिस्सों के साथ-साथ अन्य एशियाई देशों में भी की जाती है। इस घास का उपयोग केवल औषधीय तरीके से ही नहीं किया जाता, बल्कि परफ्यूम के साथ-साथ कॉन्स्टेमेटिक्स में सुगंध का एक पंच जोड़ने के लिए भी किया जाता है। हालांकि, यह आयुर्वेदिक दवाओं में एक सक्रिय घटक के रूप में प्रमुख रूप से उपयोग किया गया है जो कब्ज और सूजन आदि जैसे पाचन रोगों के इलाज में मदद करता है। इसके अलावा, खस का उपयोग शर्बत तैयार करने के लिए भी किया जाता है क्योंकि यह तेज गर्मी की लहर में शरीर को शांत करने में मददगार है।

खस की जड़ें और उनके स्वास्थ्य लाभ
किसी भी पौधे या घास की जड़ों में खनिजों की अधिकतम मात्रा होती है और यही कारण है कि अधिकांश जड़ वाली सब्जियां पेड़ों पर उगाई जाने वाली सब्जियों की तुलना में अधिक पौष्टिक होती हैं। खस की जड़ें आमतौर पर लंबी जड़ें होती हैं और ये जड़ें खनिजों से समृद्ध होती हैं। इन जड़ों का इस्तेमाल कई तरह की दवाओं को बनाने में किया जा सकता है। खस की जड़ें आमतौर पर उनका तेल निकालने के लिए उपयोग की जाती हैं और यह आवश्यक तेल किसी चमत्कारी मिश्रण से कम नहीं है। इसके कई लाभ है, जैसे-
• पेट दर्द, कब्ज से लेकर सूजन और सिरदर्द के इलाज के लिए, वेटिवर ऑयल का उपयोग किया जाता है।
• यह आपके नर्व्स सिस्टम को शांत करने के साथ-साथ मस्तिष्क में रक्त के संचार को बेहतर भी बनाता है।
• चूंकि वेटिवर एसेंस की सुगंध काफी अच्छी होती है, जिसके कारण यह व्यक्ति को तनाव से राहत देती है और अनिद्रा को कम करती है।
• इसके शीतलन गुण आपके पाचन तंत्र को मजबूत रख सकते हैं।
• वहीं, वेटिवर का पानी पीने से आंतों के मार्ग को साफ करने में मदद मिलती है और बेहतर पाचन में मदद मिलती है, जो आगे चलकर कब्ज जैसी समस्याओं को ठीक करने में मदद करती है।
• इन सबके अलावा, एंटीऑक्सिडेंट और क्षारीय गुणों की उपस्थिति खस की जड़ के पानी को गर्मियों के लिए एक बेहतरीन पेय बनाती है। यह शरीर को ठंडा रखता है।

ऐसे बनाएं खस की जड़ का पानी
खस की जड़ का पानी बनाने के लिए आप इस आसान तरीके को अपना सकती हैं।
• सबसे पहले एक मध्यम आकार का मिट्टी का बर्तन लें।
• अब इसमें 30 ग्राम खस की सूखी जड़ डालें।
• 1 लीटर पानी डालें।
• इस काढ़े को उबलने के लिए गैस पर रख दें और ढक्कन से ढक दें।
• इसे तब तक उबलने दें, जब तक कि पानी आधा रह जाए और फिर आंच बंद कर दें।
• उसे ठंडा हो जाने दें।
• यदि आप अपने कब्ज और सूजन की समस्या से तुरंत राहत चाहते हैं तो आप इस खस की जड़ के पानी थोड़ा सा शहद और नींबू का रस मिला सकते हैं। वेटिवर की जड़ का पानी पीने से आंतों का मार्ग साफ होता है और मल त्याग में आसानी होती है।



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