Latest Updates
-
Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जानें जरूरी नियम और पारण का समय -
Jitiya Vrat Katha: जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत में जरूर करें इस कथा का पाठ, पूरे साल सुरक्षित रहेगी संतान -
Jitiya Vrat 2025 Wishes: संतान की लंबी उम्र...जितिया व्रत के अवसर पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय
विश्व अल्जाइमर दिवस: अल्जाइमर रोग के बारे में वो सबकुछ जो आपको जानना चाहिए
21 सितंबर हर साल दुनिया भर में अल्जाइमर दिवस मनाया जाता है। ये एक अंतरराष्ट्रीय कैंपेन है जिसका उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना है और अल्जाइमर संबंधित डिमेंशिया को घेरने वाले जनरस स्टिगमां को चुनौती देना है। अल्जाइमर एक प्रगतिशील बीमारी है जो स्मृति और अन्य मानसिक कार्यों को बाधित करती है। यह डिमेंशिया का सबसे आम रूप है जो स्मृति हानि और अन्य जरूरी कॉगनेटिव एबिलिटीज के नुकसान को सामान्य करता है जो किसी व्यक्ति के डेली रूटीन के साथ हस्तक्षेप करने के लिए पर्याप्त गंभीर हैं।

पहला अल्जाइमर मंथ का अभियान 2012 में शुरू किया गया था। पिछले अध्ययनों से, विश्व स्तर पर 3 लोगों में से 2 में से 2 लोगों को अल्जाइमर रोग और उनके देशों में संबंधित डिमेंशिया की बहुत कम समझ नहीं है।

विश्व अल्जाइमर मंथ का प्रभाव बढ़ रहा है। हालांकि, डिमेंशिया के आसपास की जानकारी ना होने और जागरूकता की कमी एक वैश्विक समस्या है। ज्यादातर लोग अक्सर सोचते हैं कि यह बीमारी उम्र बढ़ने का एक सामान्य हिस्सा है। हालांकि यह सच नहीं हो सकता है, अल्जाइमर रोग के लिए एक सबसे बड़ा जोखिम कारण उम्र बढ़ रही है। यह अल्जाइमर के अधिकांश रोगियों के 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के होने से स्पष्ट है। ये बीमारी को बुजुर्ग रोग के रूप में पूरी तरह से क्लासीफाइ नहीं करता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि रोग से पीड़ित 65 के तहत लगभग 200,000 अमेरिकी हैं।
पहली 'वर्ल्ड अल्जाइमर रिपोर्ट' 2009 में वर्ल्ड अल्जाइमर डे पर लॉन्च की गई थी और हर साल वार्षिक रिपोर्ट जारी की जाती है। बढ़ती उम्र में इसका प्रभाव अल्जाइमर रोग के प्रमुख कारणों में से है, लेकिन यह पूरी तरह से एक बुजुर्ग रोग नहीं है।

क्या डिमेंशिया अल्जाइमर से अलग है?
डिमेंशिया सामान्य मानसिक गिरावट को रिफर्ड करता है जो डेली रूटीन में परेशानी पैदा करता है। अल्जाइमर डिमेंशिया का एक रूप है जो मेमोरी लॉस से संबंधित है।

विश्व अल्जाइमर रिपोर्ट 2022 सर्वेक्षण
विश्व अल्जाइमर रिपोर्ट 2022 में सर्वेक्षण किए गए हेल्थकेयर पेशेवरों में से, 37% ने कहा कि वे अक्सर या दबाव में महसूस करते हैं या इन पेशेवरों के एक चौथाई के साथ सभी समय के साथ ये रिपोर्ट करते हैं कि यह उनके काम करने की उनकी क्षमता को प्रभावित करता है। इसके अलावा, 59% ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि उनके पास डिमेंशिया के साथ रहने वाले व्यक्ति की देखभाल करने के लिए पर्याप्त समय है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
