Latest Updates
-
Happy Sawan Somwar 2026 Wishes: शिव का नाम...सावन के पहले सोमवार पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामनाए संदेश -
बारिश के मौसम में तेजी से बढ़ रहा है वायरल फीवर का खतरा, जानिए लक्षण और बचाव के उपाय -
Friendship Day Wishes For Best Friend: इन संदेशों के जरिए बेस्ट फ्रेंड को दें फ्रेंडशिप डे की बधाई -
Happy Friendship Day 2026 Wishes: तेरी मेरी यारी...इन संदेशों के साथ दोस्तों को दें फ्रेंडशिप डे की शुभकामनाएं -
आगरा की अवनी गुप्ता ने Miss Supranational 2026 में बढ़ाया भारत का मान, कॉर्पोरेट जॉब छोड़ बनाई टॉप 12 में जगह -
सावन में भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, एक्सपर्ट से जानें सावन में क्या खाएं और क्या नहीं -
Sawan Somwar Vrat 2026: क्या पीरियड्स में सावन सोमवार का व्रत रखा जा सकता है? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
World Lung Cancer Day 2026: स्मोकिंग न करने वालों को भी हो सकता है लंग कैंसर, जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव -
August 2026 Vrat Tyohar: सावन शिवरात्रि से लेकर रक्षाबंधन तक, देखें अगस्त में आने वाले व्रत-त्योहारों की लिस्ट -
कर्नाटक में 18-25 साल के 7 हजार से ज्यादा छात्र HIV पॉजिटिव, अब सभी कॉलेजों में टेस्टिंग होगी अनिवार्य
नवजात शिशु को पानी पिलाने से हो सकता है पीलिया, जानें कब से पिलाएं पानी
bache ko pani kab se pilana chahiye : छोटे बच्चों को कब पानी पिलाना शुरू करना चाहिए? बच्चे को प्यास नहीं लगती। यह सवाल लगभग सभी नई बनी मांओं का होता है। क्योंकि ब्रेस्टमिल्क में लगभग 90 प्रतिशत पानी ही होता है, इसी वजह से छोटे बच्चों को जन्म के कुछ समय बाद तक पानी नहीं पिलाया जाता है।
कितनी ही गर्मी क्यों नहीं पड़ रही हो, मां का दूध ही उन्हें पूरी तरह से हाइड्रेट रखता है। मां का दूध बच्चों में पानी की कमी को पूरी करने के साथ-साथ सभी जरूरी न्यूट्रिएंट्स भी देता है और, लगभग 6 महीनों तक बच्चे मां के दूध पर ही निर्भर रहते हैं। आइए जानते है कि बच्चों को कब से पानी पिलाना चाहिए और छह महीनें से छोटे बच्चों को पानी पिलाने के नुकसान।

छोटे बच्चे को पिलाना चाहिए पानी?
मां के दूध से बच्चे को सभी आवश्यक पोषक तत्व मिल जाते है, इसलिए ही शुरुआती छह महीनों तक केवल मां के दूध की सलाह दी जाती है। बच्चे की उम्र 6 महीने की होने के बाद उसे अन्य आहार के साथ पानी भी दिया जा सकता है। इस दौरान बच्चे को आवश्यक पोषक तत्व मां के दूध से नहीं मिल पाते, इसलिए ठोस पदार्थ शुरू करने की सलाह दी जाती है।
पोषक तत्वों की कमी
अगर 6 महीने से छोटे बच्चे को पानी दिया जाता है, तो इसके कारण उसका पेट जल्दी भर सकता है। पानी पीने से बच्चा मां के दूध का सेवन कम करेगा, जो उसके शरीर में पोषक तत्वों की कमी ला सकता है।
हो सकती है ग्रोथ में कमी
फार्मूला मिल्क और ब्रेस्ट मिल्क में शिशु के लिए सभी आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जिससे शिशु को पर्याप्त कैलोरी भी मिल पाती है। इनसे शिशु को प्रोटीन, फैट्स, मिनरल्स, विटामिन्स और कार्बोहाईड्रेट की पर्याप्त मात्रा मिलती है, जो बच्चे के सही ग्रोथ के लिए जरूरी है। लेकिन बच्चे को पानी देने से उसके शरीर में इन पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जिससे उसकी ग्रोथ में रूकावट आ सकती है।
पर्याप्त वजन न होना
पानी देने के कारण दूध के सेवन में कमी आ सकती है, जिससे बच्चे के वजन पर भी असर पड़ सकता है। पर्याप्त कैलोरी की मात्रा न मिलने से बच्चे का वजन कम हो सकता है, जो बच्चों को कई गंभीर समस्याओं में डालने का कारण भी बन सकता है।
एक महीने से छोटे बच्चों को पानी देने से होते हैं ये नुकसान
1. बच्चों को पानी पिलाने से उनका वजन कम हो सकता है और उन्हें पीलिया होने का खतरा बढ़ सकता है।
2. नवजात बच्चों को पानी पिलाने से उन्हें ओरल वाटर इन्टॉक्सीकेशन हो सकता है।
3. बच्चों को पानी पिलाने से वो मां का दूध कम पीते हैं।
बच्चों को पानी कब पिलाएं
- जब बच्चा 4 महीने का हो जाए हो आप उसे दिन में एक या दो बार दो से तीन चम्मच पानी पिला सकते हैं।
- जब भी बच्चा सॉलिड फूड खाने लगे तब आप उसे पानी पिला सकते हैं। ताकि उसे कब्ज की परेशानी ना हो।
- 6 महीने के बाद बच्चों को मां का दूध और पानी दोनों पिला सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications