Latest Updates
-
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट
केरल में जानलेवा अमीबा खा गया 9 साल की बच्ची का दिमाग, ये लक्षण दिखते ही हो जाएं सावधान!
9-year-old girl dies due to brain-eating amoeba : केरल में एक 9 साल की बच्ची की मौत एक खतरनाक संक्रमण के कारण हुई, जिसे आमतौर पर 'ब्रेन-ईटिंग अमीबा' कहा जाता है। यह बच्ची अमीबिक मेनिन्जोएन्सेफलाइटिस (Amebic Meningoencephalitis) नामक दुर्लभ लेकिन घातक बीमारी का शिकार हुई। यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि इससे पहले ही इस अमीबा संक्रमण के कारण तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
इस घटना के बाद सर्तकता बरतते हुए लेकर केरल में अलर्ट जारी कर दिया गया है। आइए जानते हैं आखिर ये अमीबा क्या होता है और कैसे दिमाग में घुसकर ये मौत की वजह बनता है।

अमीबा क्या है?
ब्रेन-ईटिंग अमीबा का वैज्ञानिक नाम Naegleria fowleri है। यह एक एककोशिकीय प्राणी (single-celled organism) है जो आमतौर पर गर्म, मीठे पानी वाले स्थानों जैसे झील, तालाब, गर्म पानी के स्विमिंग पूल, या टैंक में पाया जाता है। जब यह मानव शरीर में प्रवेश करता है, तो यह दिमाग और मस्तिष्क की झिल्लियों को संक्रमित कर देता है और गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या पैदा करता है। इस दुर्लभ कंडीशन को अमीबिक मेनिन्जोएन्सेफलाइटिस कहा जाता है।
कैसे फैलती है यह बीमारी?
अमीबा ज्यादातर पानी के माध्यम से नाक में प्रवेश करती है। संक्रमित पानी के छींटे या स्नान के दौरान यह नाक के मार्ग से मस्तिष्क तक पहुंच जाती है। आमतौर पर यह पेयजल या पानी पीने से नहीं फैलती, बल्कि स्नान या तैराकी के दौरान नाक से संक्रमण होता है।
अमीबिक मेनिन्जोएन्सेफलाइटिस के लक्षण
इस बीमारी के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसी शिकायतों के समान हो सकते हैं। आमतौर पर संक्रमण के 1-9 दिन बाद लक्षण दिखाई देने लगते हैं। लक्षणों में शामिल हैं:
- तेज बुखार और ठंड लगना
- तेज सिरदर्द
- मतली और उल्टी
- गर्दन में अकड़न
- संवेदनशीलता और प्रकाश से डर
- संतुलन बिगड़ना या भ्रम
- दौरे (Seizures)
- नींद में बदलाव और चक्कर
- संक्रमण तेजी से मस्तिष्क को प्रभावित करता है, और यदि समय पर इलाज न किया जाए तो 48 से 72 घंटे में मृत्यु तक हो सकती है।
कौन ज्यादा जोखिम में है?
- बच्चे और किशोर, जो तालाब या झील में तैरते हैं
- गर्म पानी वाले स्विमिंग पूल में जाने वाले लोग
- खुले जल स्रोतों का सेवन करने वाले लोग
- रोकथाम और सावधानियां
सावधानियां
- तालाब, नदी या गर्म पानी वाले स्विमिंग पूल में नाक को पानी में डुबोने से बचें।
- बच्चों को खुले जल स्रोतों में खेलने या तैरने से पहले सावधान करना।
- नाक में पानी जाने की स्थिति में नाक को तुरंत साफ करें।
- पानी के स्रोतों को साफ और सुरक्षित बनाए रखना।
- यदि तेज बुखार और सिरदर्द जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
इलाज और उपचार
अमीबिक मेनिन्जोएन्सेफलाइटिस का इलाज चुनौतीपूर्ण है। संक्रमण का जल्दी पता लगाना बहुत जरूरी है। डॉक्टर आमतौर पर एंटी-एमीबिक दवाओं और supportive care का उपयोग करते हैं, लेकिन बहुत कम मामलों में ही मरीज पूरी तरह ठीक हो पाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
