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Dust Mite Allergy: आंखों से नहीं दिखते है डस्टमाइट, स्किन और डस्ट एलर्जी से बचने के लिए करें ये उपाय
हम सभी अपने घर को हर दिन साफ करते हैं, लेकिन फिर भी धूल-मिट्टी से पूरी तरह से निजात पाना संभव नहीं होता है। इतना ही नहीं, घर के हर कोने को भी हर दिन साफ नहीं किया जा सकता, फिर चाहे आप नियमित रूप से डस्टिंग करते हों। ऐसे में घर के कई छिपे हुए कोनों में धूल-मिट्टी जमा हो जाती है।
यह धूल-मिट्टी सेहत के लिए अच्छी नहीं मानी जाती है। इसके कारण अक्सर लोगों को एलर्जी, खांसी या सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं होने लगती हैं। अधिकतर लोग इस ओर बहुत अधिक ध्यान नहीं देते हैं, जबकि वास्तव में यह धूल में छिपे हुए बैक्टीरिया के कारण भी हो सकता है। जिन्हें डस्ट माइट कहा जाता है। आमतौर पर, डस्टमाइट आंखों से नजर नहीं आते हैं, इसलिए लोगों को इनके बारे में पता नहीं चलता।

तो चलिए आज इस लेख में हम आपको डस्ट माइट और उनके कारण होने वाली एलर्जी के बारे में विस्तारपूर्वक बता रहे हैं-
डस्ट माइट एलर्जी क्या होती है?
डस्ट माइट एलर्जी वास्तव में डस्ट माइट बैक्टीरिया के कारण होती है। इन बैक्टीरिया का साइज 0.3 मिलीमीटर से भी छोटा होता है, इसलिए नंगी आंखों से इन्हें देख पाना संभव नहीं होता है। किसी भी घर में डस्ट माइट एक दो या दस नहीं, बल्कि सैकड़ों की संख्या में मौजूद होते हैं। डस्ट माइट का भोजन मनुष्य के शरीर की डेड स्किन होती है, इसलिए वे अमूमन उस जगह पर रहते हैं, जहां पर कोई इंसान खाता-पीता, उठता-बैठता या सोता है।
डस्ट माइट एलर्जी किस तरह होती है?
जहां अधिकतर इंफेक्शन या एलर्जी बैक्टीरिया के काटने या मनुष्य के सीधे संपर्क में आने के कारण होती हैं, वहीं डस्ट माइट एलर्जी थोड़ी अलग है। डस्ट माइट ऐसे बैक्टीरिया होते हैं, जो व्यक्ति की डेड स्किन खाते हैं। डस्ट माइट मल के रूप में जो अपनी गंदगी बाहर निकालते हैं, उसके कारण ही इंफेक्शन होता है।
डस्ट माइट एलर्जी होने पर क्या लक्षण नजर आते हैं?
डस्ट माइट एलर्जी होने पर आपको आंख, नाक, गले, मुंह व स्किन से जुड़े लक्षण नजर आ सकते हैं। मसलन-
• लगातार छींक आना या खुजली होना
• नाक बहना या जाम होना
• आंखों में रेडनेस, खुजली या जलन
• आंखों से पानी आना
• गले में खराश या खांसी होना
• त्वचा पर खुजली या रैशेज होना
• सांस लेने में कठिनाई
• हांफना या अस्थमा का दौरा
डस्ट माइट एलर्जी का कैसे पता लगाएं?
अगर आपको लक्षण लगातार बने रहते हैं तो ऐसे में आप डॉक्टर के पास जा सकते हैं। ऐसे में डॉक्टर डस्ट माइट एलर्जी का पता लगाने के लिए स्किन प्रिक टेस्ट या ब्लड टेस्ट कर सकते हैं।
डस्ट माइट से बचने के लिए क्या करें?
चूंकि डस्ट माइट सैंकड़ों की संख्या में घर में मौजूद होते हैं, इसलिए इनसे पूरी तरह से बचना संभव नहीं है। लेकिन फिर भी कुछ उपायों को अपनाने से आपको यकीनन काफी फायदा मिलेगा-
• अपने घर के बिस्तर के चादर, तकियों के कवर और कम्बल को गर्म पानी में धोएं।
• अगर संभव हो तो डस्ट माइट प्रूफ कवर का इस्तेमाल करें। ऐसा करने से धूल के कण अंदर नहीं जाते हैं।
• गद्दों और तकियों की सफाई के लिए नियमित रूप से वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल करें।
• धूप भी बैक्टीरिया को खत्म करती है, इसलिए महीने में एक बार गद्दों और तकियों को धूप में अवश्य रखें।
• कालीन की सफाई भी नियमित रूप से करना उतना ही आवश्यक है।
• फर्नीचर के कवर और पर्दों को समय-समय पर साफ करें।
• डिह्यूमिडिफायर या एयर फिल्टर का इस्तेमाल करें।
• एयर कंडीशनर का उपयोग कर रहे हैं तो उसके फिल्टर को साफ करना ना भूलें।
• कमरे के वेंटिलेशन का खासतौर पर ख्याल करें।
• अलमारी में लंबे समय से रखे हुए कपड़ों को इस्तेमाल करने से पहले जरूर धोएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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